मध्य प्रदेश की 2 बेटियों समेत 12 बच्चों की आत्महत्या पर कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान, 14 जुलाई से साइकिल रैली
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार, 6 जुलाई को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में कथित तौर पर अवसाद के कारण 12 बच्चों की आत्महत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिनमें मध्य प्रदेश की दो लड़कियाँ भी शामिल हैं। उन्होंने इसे 'समाज और सरकार दोनों के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का विषय' बताते हुए राज्यव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान की घोषणा की।
मुख्य घटनाक्रम
नटराजन ने कहा कि 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक दो दिवसीय साइकिल रैली के साथ यह अभियान शुरू होगा। इस अभियान के तहत शिक्षा, बेरोजगारी और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जन अभियानों और विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से इन मुद्दों को जनता के सामने रखती रहेगी।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता
नटराजन ने आरोप लगाया कि बढ़ता शैक्षणिक दबाव, रोजगार की अनिश्चितता और पर्याप्त परामर्श सुविधाओं की कमी छात्रों के मानसिक तनाव को और गहरा कर रही है। उन्होंने कहा, 'युवाओं को समर्थन, मार्गदर्शन और अवसर चाहिए, न कि उदासीनता। सरकारों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।' गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में छात्र आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या लंबे समय से नीति-निर्माताओं के लिए चिंता का विषय रही है।
सरकार पर आरोप
नटराजन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर छात्रों, किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को हल करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मूंग की सरकारी खरीद पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य का खरीद कोटा वास्तविक उत्पादन से काफी कम है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने सरकार से खरीद लक्ष्य संशोधित करने की माँग की।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल
कांग्रेस नेता ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज पर भी प्रश्न उठाए और आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हालाँकि उन्होंने इस संदर्भ में कोई विशेष उदाहरण प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दिया।
आगे की राह
कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान 14 जुलाई से शुरू होकर राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ेगा। नटराजन ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को तब तक उठाती रहेगी जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती। यह देखना होगा कि BJP सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या छात्र मानसिक स्वास्थ्य नीति पर कोई ठोस पहल सामने आती है।