सुनील लहरी की अपील: गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को गांव ले जाएं, जड़ों से जोड़ें
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता सुनील लहरी ने 20 मई को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो के माध्यम से देशभर के माता-पिता से आग्रह किया कि वे इस बार गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को पहाड़ों या विदेश ले जाने की बजाय अपने गांव लेकर जाएं। उनका मानना है कि शहरी जीवनशैली में पले-बढ़े बच्चे धीरे-धीरे अपनी संस्कृति, संस्कारों और मिट्टी से कट रहे हैं।
मुख्य संदेश क्या है
लहरी ने वीडियो में कहा, 'अभी गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं और पूरे देश में गर्मी भी काफी ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे समय में अक्सर माता-पिता अपने बच्चों को किसी ठंडी जगह या फिर विदेश यात्रा पर ले जाते हैं। वे ऐसी जगहों पर जाते हैं, जहां बच्चों को हमारे देश की संस्कृति, संस्कारों और अपनी मिट्टी से जुड़ने का मौका ही नहीं मिल पाता।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बच्चों को यह समझाना ज़रूरी है कि हम जो अनाज रोज़ खाते हैं, वह कहाँ से आता है और उसे उगाने में किसान कितनी मेहनत करता है।
खेती-किसानी से जोड़ने की पहल
अभिनेता ने बताया कि वे कुछ दिन पहले अपने घर के बच्चों को फार्म हाउस लेकर गए, जहाँ उन्होंने खेती-किसानी और प्रकृति से जुड़ी बारीकियाँ उन्हें प्रत्यक्ष रूप से समझाईं। उनका कहना था, 'हमें अपने बच्चों को अपने गांव ले जाना चाहिए। वहां का रहन-सहन और संस्कृति दिखानी चाहिए। हम जो अनाज रोज खाते हैं, उसका क्या महत्व है और वह कितनी मेहनत से उगाया जाता है, यह भी उन्हें समझाना चाहिए।'
सुनील लहरी कौन हैं
सुनील लहरी भारतीय टेलीविजन के उन चेहरों में से हैं जिन्हें दर्शक दशकों बाद भी नहीं भूले। उन्हें मुख्य रूप से ऐतिहासिक धारावाहिक रामायण में 'लक्ष्मण' की भूमिका के लिए जाना जाता है। अभिनय के अलावा वे अब अपना प्रोडक्शन हाउस भी चलाते हैं। उनके बेटे कृष लहरी भी टेलीविजन अभिनेता हैं, जिन्होंने जानी-मानी अभिनेत्री सारा खान से विवाह किया है — सारा 'विदाई' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम कर चुकी हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब शहरीकरण की तेज़ रफ़्तार के बीच नई पीढ़ी और ग्रामीण जीवन के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है। गौरतलब है कि कई शिक्षाविद और मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि बच्चों का प्रकृति और परंपरा से जुड़ाव उनके समग्र विकास के लिए ज़रूरी है। लहरी जैसे प्रभावशाली चेहरे की यह अपील सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन रही है।
क्या होगा आगे
लहरी का यह संदेश उन माता-पिता के लिए एक वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जो अपने बच्चों की छुट्टियाँ अर्थपूर्ण बनाना चाहते हैं। आने वाले हफ्तों में गर्मियों की छुट्टियाँ जारी रहेंगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस अपील का कितना असर होता है।