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क्या सुप्रीम कोर्ट ने बिहार एसआईआर की वैधता पर सुनवाई की?

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क्या सुप्रीम कोर्ट ने बिहार एसआईआर की वैधता पर सुनवाई की?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई की। क्या यह प्रक्रिया सही है? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोर्ट के सवाल और चुनाव आयोग का जवाब।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में एसआईआर की वैधता पर सुनवाई की।
मतदाता सूची में नागरिकता की जांच की जा रही है।
चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
सुनवाई का फैसला लाखों मतदाताओं पर प्रभाव डाल सकता है।
अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई की। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में शामिल लोगों की नागरिकता की जांच की जा रही है, जिसे कई याचिकाकर्ताओं ने चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ईसीआई) ने अपना पक्ष रखा। ईसीआई के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि 2003 में नागरिकता अधिनियम में संशोधन किया गया था, तब किसी ने विरोध नहीं किया और इसे सभी पक्षों का समर्थन मिला था। कोर्ट ने पूछा कि क्या उस संशोधन के बाद ही एसआईआर में नागरिकता जांच की आवश्यकता पड़ी? ईसीआई ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत केवल वोटरों की नागरिकता सुनिश्चित करना है।

कोर्ट ने ईसीआई से सवाल किया कि एसआईआर के आदेश में 'माइग्रेशन' शब्द का क्या मतलब है? क्या यह सिर्फ सीमा पर अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए है? ईसीआई ने जवाब दिया कि माइग्रेशन में अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर का प्रवासन दोनों शामिल हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा सवाल उठाया कि माइग्रेशन का मतलब वैध प्रवासन होता है। भारत में हर नागरिक को किसी भी राज्य में जाने और रहने का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए अंतर-राज्य प्रवासन को अवैध नहीं माना जा सकता।

याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर को 'ड्यू प्रोसेस' का उल्लंघन बताते हुए अमेरिकी अदालतों के फैसलों का हवाला दिया। इस पर ईसीआई ने पलटवार किया। वकील ने कहा कि अमेरिका खुद ड्यू प्रोसेस का कितना पालन करता है? उन्होंने उदाहरण दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हटाने और ट्रायल के लिए ले जाने की बात करते हैं, साथ ही ग्रीनलैंड पर कब्जे की इच्छा जताते हैं। ऐसे में अमेरिका ड्यू प्रोसेस की बात कैसे कर सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। यह सुनवाई बिहार में मतदाता सूची के एसआईआर और नागरिकता जांच के तरीके को लेकर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे लाखों लोगों का मताधिकार प्रभावित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश में एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बनी हुई है। यह देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस संवैधानिक मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने किस विषय पर सुनवाई की?
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई की।
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत केवल वोटरों की नागरिकता सुनिश्चित करना है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से क्या सवाल पूछे?
सुप्रीम कोर्ट ने ईसीआई से 'माइग्रेशन' शब्द के अर्थ और इसकी आवश्यकता के बारे में सवाल पूछे।
अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
राष्ट्र प्रेस
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