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सुप्रिया सुले की दिवंगत अजित पवार को जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि, बोलीं — 'दादा, आज दिल यादों से भरा है'

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सुप्रिया सुले की दिवंगत अजित पवार को जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि, बोलीं — 'दादा, आज दिल यादों से भरा है'

सारांश

अजित पवार की जयंती पर सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल और रोहित पवार ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सुले ने कहा — 'दादा का साया न होने का दुख हमेशा रहेगा।' पाटिल ने 35 साल की दोस्ती याद की। महाराष्ट्र सरकार ने इस जयंती को आधिकारिक कार्यक्रम सूची में शामिल किया है।

मुख्य बातें

सुप्रिया सुले ने 22 जुलाई को दिवंगत अजित पवार की जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि संदेश जारी किया।
सुले ने कहा कि 'दादा' का साया न होने का दुख भाई-बहनों के बीच हमेशा बना रहेगा।
एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने एक्स पर 1985 से चली आ रही 35 साल की दोस्ती को याद किया।
विधायक रोहित पवार ने कहा — 'जयंती नहीं, यह हमारे लिए आपका जन्मदिन है, दादा।' महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार की जयंती को आधिकारिक वार्षिक सार्वजनिक कार्यक्रम सूची में शामिल किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने 22 जुलाई को महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती पर एक गहरे भावनात्मक संदेश के ज़रिए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुंबई से जारी इस संदेश में उन्होंने अपने दिवंगत चचेरे भाई के व्यक्तित्व, नेतृत्व-शैली और साझा यादों को याद किया। यह श्रद्धांजलि ऐसे समय आई जब पूरे महाराष्ट्र में अजित पवार की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे थे।

सुले की पीड़ा — 'औपचारिक श्रद्धांजलि देना आसान नहीं'

सुले ने स्वीकार किया कि इस अवसर पर औपचारिक शब्दों में श्रद्धांजलि देना उनके लिए सहज नहीं है। उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में अजित पवार के निधन के बाद उनका परिवार और महाराष्ट्र के लोग लगातार शोक की स्थिति में हैं। उन्होंने भावुक होकर याद किया कि कैसे 'दादा' हमेशा अपने भाई-बहनों का ख्याल रखते थे और उन्हें स्नेह से घेरे रहते थे।

सुले ने कहा, 'ऐसा लगता है जैसे आप अभी भी हमारे बीच हैं। हम आपको बहुत याद करते हैं, दादा। आज मेरा दिल कई यादों से भरा हुआ है। भाई-बहनों के बीच इस बात का दुख हमेशा रहेगा कि अब आपका साया हमारे साथ नहीं है।' उनके शब्दों में यह पीड़ा स्पष्ट थी कि यह सुरक्षा और साथ की कमी अपूरणीय है।

अजित पवार की विरासत — अनुशासन, मेहनत और प्रभावशाली वक्तृत्व

सुले ने राज्य के विकास में अजित पवार के योगदान की सराहना करते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और जनसमस्याओं के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में लोग आज भी उनके अनुशासन, अथक परिश्रम और प्रभावशाली भाषण-शैली को याद करते हैं। गौरतलब है कि अजित पवार दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में रहे और उनकी प्रशासनिक छाप राज्य की नीतियों पर स्पष्ट दिखती है।

जयंत पाटिल का एक्स पर संदेश — '35 साल की दोस्ती'

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अजितदादा के साथ मेरी दोस्ती 1985 से है। हम लगभग एक ही समय में सार्वजनिक जीवन में आए और 35 वर्षों से अधिक समय तक साथ काम किया। हमने सुख-दुख, सफलता और असफलता सभी का साथ मिलकर सामना किया।' उन्होंने आगे जोड़ा कि कुछ मुद्दों पर मतभेद भी रहे, लेकिन संवाद के ज़रिए हमेशा सहमति बनती थी।

पाटिल ने लिखा, 'हर साल दादाजी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने की परंपरा इस साल टूट गई। 35 साल की दोस्ती के बाद दादाजी इतनी जल्दी हमें छोड़कर चले गए — यह दुख हमेशा मेरे मन में रहेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी अपने सबसे अनुभवी नेताओं में से एक की अनुपस्थिति में खुद को पुनर्गठित करने की कोशिश कर रही है।

रोहित पवार और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, 'अजित दादा, आज हर जगह आपकी कमी महसूस हो रही है, लेकिन आपकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। भले ही आज आपकी जयंती है, लेकिन हमारे लिए यह आपका जन्मदिन है — इसलिए आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, दादा!' राज्य सरकार ने अजित पवार की जयंती को अपने वार्षिक सार्वजनिक कार्यक्रमों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया है, जो उनकी सार्वजनिक सेवा और प्रशासनिक योगदान के सम्मान में किया गया निर्णय है।

आगे क्या

अजित पवार की जयंती पर महाराष्ट्र भर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक विरासत अभी भी जीवंत है। एनसीपी (एसपी) के लिए यह अवसर न केवल स्मरण का है, बल्कि उस नेतृत्व-शून्य को रेखांकित करने का भी, जिसे भरना पार्टी के सामने एक बड़ी चुनौती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ एक अनुभवी प्रशासक की अनुपस्थिति पार्टी की रणनीतिक क्षमता को कमज़ोर करती है। राज्य सरकार द्वारा जयंती को आधिकारिक दर्जा देना सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली सवाल यह है कि उनकी विरासत को नीतिगत निरंतरता में कैसे परिवर्तित किया जाएगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया सुले ने अजित पवार की जयंती पर क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने 22 जुलाई को अजित पवार की जयंती पर भावुक संदेश जारी करते हुए कहा कि 'दादा' का साया न होने का दुख भाई-बहनों के बीच हमेशा बना रहेगा। उन्होंने अजित पवार के अनुशासन, मेहनत और प्रशासनिक योगदान को याद किया।
अजित पवार कौन थे और महाराष्ट्र में उनकी क्या भूमिका थी?
अजित पवार महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता थे। वे दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन के केंद्र में रहे और अपनी प्रभावशाली भाषण-शैली व दूरदर्शी नेतृत्व के लिए जाने जाते थे।
जयंत पाटिल ने अजित पवार के बारे में क्या लिखा?
जयंत पाटिल ने एक्स पर लिखा कि 1985 से उनकी और अजित पवार की दोस्ती थी और दोनों ने 35 से अधिक वर्षों तक साथ काम किया। उन्होंने कहा कि हर साल जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने की परंपरा इस साल टूट गई, जो उनके लिए गहरे दुख का कारण है।
महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार की जयंती को क्या दर्जा दिया है?
महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार की जयंती को अपने वार्षिक सार्वजनिक कार्यक्रमों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया है। यह निर्णय उनकी सार्वजनिक सेवा और प्रशासनिक योगदान के सम्मान में लिया गया है।
रोहित पवार ने अजित दादा को जयंती पर कैसे याद किया?
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि उनके लिए यह जयंती नहीं बल्कि अजित दादा का जन्मदिन है। उन्होंने कहा कि दादा की यादें हमेशा साथ रहेंगी, भले ही आज हर जगह उनकी कमी महसूस हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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