अजित पवार की जयंती पर पत्नी सुनेत्रा पवार का भावुक संदेश: 'मेरी जिंदगी के साथी को सलाम'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के दिवंगत नेता अजित पवार की जयंती पर उनकी पत्नी एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक हृदयस्पर्शी पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने जीवनसाथी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके इस संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
सुनेत्रा पवार का भावुक संदेश
सुनेत्रा पवार ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'दादा, कई सालों से मैंने आपका जन्मदिन इतनी खुशी, जोश और गर्व के साथ मनाया। घर और परिवार खुशियों से भर जाता, चारों ओर दुआओं की बारिश होती लेकिन आज इसी दिन को आपकी 'जयंती' के तौर पर मनाते हुए मेरा दिल अंदर से पूरी तरह टूट रहा है। आज भी मेरा दिल इस कड़वी सच्चाई को मानने से मना करता है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'दादा, मेरी जिंदगी के हर मोड़ पर आप मेरी सबसे बड़ी ताकत बनकर मेरे साथ खड़े रहे। आपका वो मजबूत सहारा, मुश्किल समय में पीठ थपथपाना और आपका वो साथ, आज यह सब अचानक गायब हो गया है। सब कुछ एकदम खाली सा लग रहा है, मुझे यकीन ही नहीं हो रहा। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि समय मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा इतनी जल्दी छीन लेगा।'
यादों को किया नमन
सुनेत्रा ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा, 'आज, जब मैं आपका यह जन्मदिन मना रही हूं, तो मेरा दिल दर्द से भर गया है; मेरी आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। दादा, भले ही आज आप मेरे साथ नहीं हैं लेकिन आपकी सोच, आपकी यादें, लोगों के प्रति आपकी सेवा की भावना, आपका अनुशासन और आपका दिया हुआ प्यार हमेशा मेरी हर सांस में, मेरे होने के हर रेशे में जिंदा रहेगा। मेरी जिंदगी के साथी को, आपकी पवित्र यादों को, दिल से और इज्जत से सलाम!'
बारामती में मेमोरियल पर श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और जय अजीतदादा पवार ने जयंती के अवसर पर आधी रात को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान कैंपस में स्थित अजित पवार के मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने महाराष्ट्र के विकास में उनके अतुलनीय योगदान, समाजसेवा के प्रति उनकी निष्ठा और जनकल्याण के लिए उनके समर्पण को याद किया।
विरासत और प्रेरणा
इस अवसर पर परिजनों ने कहा कि अजीतदादा पवार की दूरदर्शी सोच, विकासोन्मुख नेतृत्व और समाजसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। गौरतलब है कि अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे, जिनकी छवि एक कर्मठ और विकासशील नेता के रूप में स्थापित थी। उनकी अनुपस्थिति न केवल परिवार, बल्कि महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी एक गहरी क्षति है।