अजित पवार की जयंती पर PM मोदी, फडणवीस, शिंदे और गडकरी ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती पर 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने अजित पवार के प्रशासनिक कौशल, किसानों के प्रति समर्पण और महाराष्ट्र के विकास में उनके योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अजित पवार की समाज-सेवा और महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय था। उन्होंने कहा, 'समाज के सभी वर्गों में उनका बहुत सम्मान था। राज्य में एनडीए सरकार उनके विजन को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है।'
मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे का संदेश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को उनकी 'साफगोई, मजबूत लीडरशिप और प्रशासनिक दक्षता' के लिए याद किया। फडणवीस ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि अजितदादा की दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व शैली ने महाराष्ट्र के लिए स्थायी योगदान दिया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस दिन को 'एक आँख में खुशी और दूसरी आँख में आँसू' वाला बताया — क्योंकि 22 जुलाई को मुख्यमंत्री फडणवीस का जन्मदिन भी है। शिंदे ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं भर सकता और उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं कि वे अजित पवार के खुशहाल और समृद्ध महाराष्ट्र के सपने को आगे बढ़ाएँ।
केंद्रीय मंत्री गडकरी का योगदान
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा कि महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में अजितदादा के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। गडकरी ने उन्हें 'लोकप्रिय नेता' के रूप में संबोधित किया।
अजित पवार की विरासत
एकनाथ शिंदे ने अपनी पोस्ट में अजित पवार के कार्यशैली के कई पहलू गिनाए — कार्यकर्ताओं को प्रबंधित करने की क्षमता, समय की पाबंदी, और वित्त मंत्री के रूप में बजट के ज़रिए महायुति के वादे पूरे करने का संकल्प। उन्होंने खेती, किसान और सहकारिता के मुद्दों पर अजित पवार की गहरी समझ को विशेष रूप से रेखांकित किया।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की महायुति सरकार अपने शासन के अगले चरण में है और अजित पवार के परिवार से जुड़े राजनीतिक समीकरण राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। नेताओं ने एकमत होकर कहा कि दादा के सपनों को पूरा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।