सुनेत्रा पवार का राज्यसभा से इस्तीफा मंजूर, 6 मई से प्रभावी; बारामती उपचुनाव जीत के बाद लिया फैसला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुनेत्रा पवार का राज्यसभा से इस्तीफा मंजूर, 6 मई से प्रभावी; बारामती उपचुनाव जीत के बाद लिया फैसला

सारांश

बारामती उपचुनाव में रिकॉर्ड जीत के बाद सुनेत्रा पवार के लिए राज्यसभा छोड़ना संवैधानिक अनिवार्यता बन गई। 6 मई को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया। यह जीत भारत के किसी विधानसभा उम्मीदवार की सबसे बड़ी जीत का अंतर मानी जा रही है — 23 प्रतिद्वंद्वियों में से कोई भी 1,000 वोट नहीं पा सका।

मुख्य बातें

सुनेत्रा अजित पवार का राज्यसभा से इस्तीफा 6 मई 2026 से प्रभावी रूप से स्वीकार किया गया।
इस्तीफा उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में स्वीकार किया।
बारामती विधानसभा उपचुनाव में 23 उम्मीदवारों के बीच रिकॉर्ड अंतर से जीत; किसी भी प्रतिद्वंद्वी को 1,000 वोट नहीं मिले।
यह जीत कथित तौर पर भारत के किसी विधानसभा उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर मानी जा रही है।
पति अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद रिक्त हुई बारामती सीट से सुनेत्रा ने जीत दर्ज की।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत विधानसभा सदस्यता के साथ राज्यसभा सदस्यता बनाए रखना संभव नहीं था।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने बुधवार, 6 मई को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में जाकर राज्यसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राज्यसभा अध्यक्ष एवं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उसी दिन से प्रभावी रूप से स्वीकार कर लिया। संसद बुलेटिन के अनुसार, यह इस्तीफा 6 मई 2026 से लागू माना जाएगा। इस्तीफे की वजह बारामती विधानसभा सीट से उनकी हालिया ऐतिहासिक जीत है, जिसके बाद दोहरी सदस्यता से बचने के लिए राज्यसभा छोड़ना संवैधानिक रूप से आवश्यक हो गया था।

मुलाकात और इस्तीफे का घटनाक्रम

सुनेत्रा पवार बुधवार को नई दिल्ली पहुँचीं और उपराष्ट्रपति भवन में सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस अवसर पर पार्थ पवार भी उनके साथ उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया गया कि सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा सौंप दिया और इसे 6 मई से प्रभावी रूप से स्वीकार कर लिया गया है। राधाकृष्णन ने उन्हें राष्ट्र सेवा जारी रखने और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

बारामती उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत

सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। यह जीत कथित तौर पर भारत के किसी भी विधानसभा उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत के अंतर के रूप में मानी जा रही है। चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन किसी भी प्रतिद्वंद्वी का वोट 1,000 का आँकड़ा नहीं छू सका।

पृष्ठभूमि: अजित पवार का निधन और सुनेत्रा की राजनीतिक यात्रा

यह सीट अजित पवार के निधन के बाद रिक्त हुई थी। अजित पवार बारामती से विधायक थे और उन्होंने भी बड़े अंतर से चुनाव जीता था, किंतु विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी की जिम्मेदारी संभाली और वर्तमान में वे महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। गौरतलब है कि वे इससे पहले महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाली निर्वाचित राज्यसभा सदस्य थीं।

संवैधानिक अनिवार्यता: क्यों देना पड़ा इस्तीफा

भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य विधानसभा दोनों का सदस्य नहीं रह सकता। बारामती उपचुनाव में जीत के बाद सुनेत्रा पवार के लिए राज्यसभा की सदस्यता त्यागना अनिवार्य हो गया था। अब वे पूर्णतः महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य और राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभाएँगी।

आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि सुनेत्रा पवार की रिक्त हुई राज्यसभा सीट के लिए महाराष्ट्र में उपचुनाव की प्रक्रिया कब शुरू होती है और कौन-सी पार्टी इस सीट पर दावेदारी करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि किसी प्रतिद्वंद्वी का 1,000 वोट न पाना चुनावी प्रतिस्पर्धा की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। अब असली परीक्षा यह है कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में वे राज्य की जटिल गठबंधन राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान कैसे स्थापित करती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा से इस्तीफा क्यों दिया?
बारामती विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत सुनेत्रा पवार के लिए एक साथ राज्यसभा और विधानसभा दोनों की सदस्यता बनाए रखना संभव नहीं था। इसलिए उन्होंने 6 मई 2026 को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया।
सुनेत्रा पवार का राज्यसभा इस्तीफा किसने स्वीकार किया?
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने 6 मई 2026 को उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में सुनेत्रा पवार का इस्तीफा स्वीकार किया। यह इस्तीफा उसी दिन से प्रभावी माना गया है।
बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है?
सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों के अंतर से जीत हासिल की, और कथित तौर पर यह भारत के किसी भी विधानसभा उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर मानी जा रही है। 23 उम्मीदवारों में से कोई भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आँकड़ा नहीं छू सका।
बारामती सीट रिक्त कैसे हुई थी?
बारामती से विधायक अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया, जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई। उनके निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी की जिम्मेदारी संभाली और उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
सुनेत्रा पवार की रिक्त राज्यसभा सीट का अब क्या होगा?
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से महाराष्ट्र की एक राज्यसभा सीट रिक्त हो गई है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार इस सीट के लिए उपचुनाव कराया जाएगा, हालाँकि इसकी तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले