बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत, भारत के विधानसभा इतिहास का नया कीर्तिमान

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बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत, भारत के विधानसभा इतिहास का नया कीर्तिमान

सारांश

बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत महज एक चुनावी नतीजा नहीं — यह एक राजनीतिक कीर्तिमान है। 2,18,930 वोटों के अंतर से जीतकर उन्होंने साहिबाबाद का 2022 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और अपने दिवंगत पति अजित पवार की विरासत को नई ऊंचाई दी।

मुख्य बातें

सुनेत्रा अजीत पवार ने 4 मई 2026 को बारामती विधानसभा उपचुनाव में 2,18,930 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की।
इस जीत ने साहिबाबाद (उत्तर प्रदेश) के सुनील कुमार शर्मा द्वारा 2022 में बनाए गए 2,14,835 वोटों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
कुल 23 उम्मीदवारों में से एक भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आंकड़ा नहीं छू सका।
करुणा मुंडे को 125 और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले।
सुनेत्रा पवार ने जीत अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित की और समर्थकों से संयम बरतने का आग्रह किया।

महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की उम्मीदवार और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने 4 मई 2026 को 2,18,930 वोटों के ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज की — जिसे अब भारत के विधानसभा चुनाव इतिहास की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है। इस जीत ने न केवल 2019 में उनके पति अजित पवार द्वारा बारामती से बनाए गए जीत के अंतर को पीछे छोड़ा, बल्कि साहिबाबाद (उत्तर प्रदेश) के सुनील कुमार शर्मा द्वारा 2022 में बनाए गए 2,14,835 वोटों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।

मतगणना और जीत का अंतर

सोमवार को मतगणना के 24वें चरण के अंत में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। उपचुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन एक भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आंकड़ा पार नहीं कर सका। करुणा मुंडे को मात्र 125 वोट मिले, जबकि अभिजीत बिचुकले को केवल 121 वोट प्राप्त हुए — जो इस जीत की एकतरफा प्रकृति को और उजागर करता है।

राजनीतिक एकजुटता का असर

इस चुनाव में सुनेत्रा पवार के पक्ष में सत्ता का पूर्ण एकीकरण देखने को मिला। उनके बेटों जय पवार और पार्थ पवार की अपीलों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के समर्थन ने वोटों की विशाल लहर उत्पन्न की। यह ऐसे समय में आया है जब बारामती की सीट पवार परिवार की दशकों पुरानी राजनीतिक विरासत का केंद्र बिंदु रही है।

सुनेत्रा पवार की भावुक प्रतिक्रिया

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए सुनेत्रा पवार ने यह जीत अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित की। उन्होंने कहा, "बारामती की जनता ने अपने वोटों के माध्यम से जो विश्वास दिखाया है, वह आदरणीय अजित दादा की पवित्र स्मृति को समर्पित है। आज हम सभी भावुक हैं। मैं सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध करती हूं कि वे जुलूस न निकालें और अत्यधिक जश्न न मनाएं। आइए हम संयम बरतें, जो दादा के विचारों का सम्मान करे।" उन्होंने आगे कहा, "मैं बारामती के सभी लोगों को तहे दिल से धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने मुझे दादा के सपनों की बारामती को आकार देने का अवसर दिया। यह अंत नहीं, बस शुरुआत है।"

पार्थ पवार का बयान

चुनाव जीतने की घोषणा के बाद एनसीपी सांसद पार्थ पवार ने मीडिया से कहा, "रिकॉर्ड अंतर से हमें चुनने के लिए मैं जनता का आभारी हूं। हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि हमें ऐसे हालात में चुनाव लड़ना पड़ेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद जन शिकायत निवारण सभाएं आयोजित की जाएंगी।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह जीत बारामती की राजनीतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ती है। सुनेत्रा पवार अब आधिकारिक रूप से भारत के विधानसभा चुनाव इतिहास में सर्वाधिक अंतर से जीतने वाली उम्मीदवार बन गई हैं। आचार संहिता समाप्त होते ही जन शिकायत निवारण सभाओं के माध्यम से बारामती के विकास की नई दिशा तय होगी — एक ऐसी विरासत जिसे वे स्वयं "दादा के सपनों की बारामती" कहती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

18,930 वोटों का यह अंतर बारामती में पवार परिवार की पकड़ की गहराई को दर्शाता है, लेकिन यह एकतरफा नतीजा एक सवाल भी उठाता है — क्या बारामती में वास्तविक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब सिकुड़ गई है? जब कोई भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट न पा सके, तो यह लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की दृष्टि से विचारणीय है। साथ ही, यह जीत अजित पवार गुट के लिए महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता साबित करने का अवसर भी है, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद से दबाव में थी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामती उपचुनाव 2026 में सुनेत्रा पवार ने कितने वोटों के अंतर से जीत हासिल की?
सुनेत्रा पवार ने 4 मई 2026 को बारामती विधानसभा उपचुनाव में 2,18,930 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह भारत के विधानसभा चुनाव इतिहास में किसी उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
सुनेत्रा पवार ने किसका राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा?
सुनेत्रा पवार ने साहिबाबाद (उत्तर प्रदेश) के सुनील कुमार शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2022 में 2,14,835 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। सुनेत्रा पवार की 2,18,930 वोटों की जीत अब नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
बारामती उपचुनाव में कुल कितने उम्मीदवार थे और अन्य प्रत्याशियों को कितने वोट मिले?
बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार सहित कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे। एक भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आंकड़ा नहीं छू सका — करुणा मुंडे को 125 और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले।
सुनेत्रा पवार ने जीत के बाद क्या कहा?
सुनेत्रा पवार ने जीत को अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित किया और समर्थकों से जुलूस न निकालने व संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि दादा के सपनों की बारामती बनाने की शुरुआत है।
एनसीपी सांसद पार्थ पवार ने इस जीत पर क्या प्रतिक्रिया दी?
एनसीपी सांसद पार्थ पवार ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रिकॉर्ड अंतर से मिली इस जीत की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने आचार संहिता समाप्त होने के बाद जन शिकायत निवारण सभाएं आयोजित करने की योजना की भी जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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