5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मतगणना आज, बारामती पर सबकी नज़र
सारांश
मुख्य बातें
पाँच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना सोमवार, 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे IST से शुरू हो गई। गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की इन सीटों के नतीजे राजनीतिक दलों की भविष्य की रणनीतियों पर गहरा असर डाल सकते हैं। ये सभी सीटें संबंधित विधायकों के निधन के कारण रिक्त हुई थीं और 9 अप्रैल व 23 अप्रैल को मतदान कराया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
इन उपचुनावों में सबसे अधिक चर्चा महाराष्ट्र की बारामती सीट को लेकर है। पुणे जिले की यह सीट पवार परिवार का राजनीतिक गढ़ मानी जाती है। यहाँ उपचुनाव 28 जनवरी को विमान हादसे में हुए अजित पवार के निधन के बाद कराया गया। उनकी पत्नी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता सुनेत्रा पवार, जो राज्य की उपमुख्यमंत्री भी हैं, इस सीट से मैदान में हैं, जिससे यह मुकाबला हाई-प्रोफाइल बन गया है।
कर्नाटक और गुजरात में सीधी टक्कर
कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण सीटों पर उपचुनाव हुए। ये सीटें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एच वाई मेटी और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद खाली हुई थीं। यहाँ सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। BJP ने बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने क्रमशः उमेश मेटी और समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया है।
गुजरात की उमरेठ सीट BJP विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद खाली हुई थी। BJP ने उनके बेटे हर्षद परमार को टिकट दिया है, जिनका मुकाबला कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान सहित अन्य उम्मीदवारों से है।
नागालैंड और त्रिपुरा की स्थिति
नागालैंड की कोरिडांग सीट पर 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। यह सीट BJP विधायक इमकोंग एल इमचेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी। BJP ने दाओचियर आई इमचेन को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन का भी समर्थन प्राप्त है।
त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर BJP, कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। यह सीट विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद खाली हुई थी।
गोवा में उपचुनाव रद्द
गौरतलब है कि गोवा की पोंडा सीट पर होने वाला उपचुनाव मतदान से कुछ घंटे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया, जिससे आज मतगणना केवल सात सीटों तक सीमित है।
आम जनता और राजनीति पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब सभी प्रमुख दल अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करने में लगे हैं। इन उपचुनावों के नतीजे यह संकेत देंगे कि राज्यों में सत्तारूढ़ दलों की लोकप्रियता किस दिशा में जा रही है। बारामती में NCP और महायुति गठबंधन की साख दाँव पर है, जबकि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है।