सुनेत्रा पवार को 2029 में महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री बनाने की माँग, जय पवार ने किया ऐलान

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सुनेत्रा पवार को 2029 में महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री बनाने की माँग, जय पवार ने किया ऐलान

सारांश

बारामती उपचुनाव में रिकॉर्ड जीत के बाद अब सुनेत्रा पवार के लिए मुख्यमंत्री की माँग उठी है — और यह माँग उनके खुद के बेटे जय पवार ने उठाई है। 2029 से पहले NCP का यह दांव पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

जय पवार ने 7 मई 2026 को बारामती में माँ सुनेत्रा पवार को 2029 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार के रूप में पेश किया।
सुनेत्रा पवार ने जनवरी 2026 में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
मई 2026 में बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा पवार ने रिकॉर्ड तोड़ जनादेश हासिल किया।
जय पवार ने स्वयं के लिए 2029 के चुनाव में उतरने की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन फिलहाल खुद को पार्टी कार्यकर्ता बताया।
राजनीतिक विश्लेषक इसे NCP की 2029 चुनावी रणनीति की प्रारंभिक तैयारी मान रहे हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार के पुत्र जय पवार ने 7 मई 2026 को बारामती में अपनी माँ और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को 2029 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार के रूप में पेश करते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। एक जनसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में जय पवार ने स्पष्ट किया कि यह माँग सीधे जमीनी स्तर से उठ रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं में इसकी प्रबल इच्छाशक्ति है।

जय पवार ने क्या कहा

जय पवार ने कहा कि सहकर्मियों के साथ हुई हालिया चर्चाओं में यह बात उभरकर सामने आई कि बारामती के लोगों का एक साझा सपना था कि 'दादा' यानी अजित पवार मुख्यमंत्री बनें। उनके आकस्मिक निधन के कारण यह सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कहा, "अब सुनेत्रा काकी अथक परिश्रम कर रही हैं। मुझे विश्वास है कि वह 2029 के विधानसभा चुनाव बारामती से लड़ेंगी, और हमें आशा है कि वह मुख्यमंत्री पद तक पहुँचेंगी।" जय पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा, लेकिन कार्यकर्ताओं की इच्छा अटल है।

सुनेत्रा पवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा

जनवरी 2026 में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने और मई 2026 में बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड तोड़ जनादेश हासिल करने के बाद सुनेत्रा पवार की राजनीतिक साख अपने चरम पर मानी जा रही है। जय पवार के अनुसार, इस ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ता उन्हें केवल एक स्थानीय नेता या उपमुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की भावी नेता के रूप में देख रहे हैं। 'सुनेत्रा को मुख्यमंत्री बनाओ' का नारा अब NCP के लिए एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश बनता जा रहा है।

जय पवार का अपना राजनीतिक भविष्य

अपने स्वयं के राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछे जाने पर जय पवार ने कहा कि हालाँकि कई लोग उन्हें बारामती से 2029 का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, फिलहाल वे खुद को एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता मानते हैं। उनका ध्यान संगठन को मज़बूत करने पर केंद्रित है। वे बारामती में स्थानीय जिला परिषद समूहों और पदाधिकारियों से संपर्क के लिए मैराथन बैठकें कर रहे हैं — जिनमें से कुछ छह घंटे से अधिक समय तक चलती हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में

राजनीतिक विश्लेषक जय पवार की इस सक्रियता को 2029 के चुनावी चक्र की प्रारंभिक तैयारी के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अजित पवार नेतृत्व वाली NCP, पवार परिवार के पारंपरिक गढ़ बारामती में अपनी पकड़ बरकरार रखे। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में 'पवार फैक्टर' फिर से चर्चा के केंद्र में है और NCP अपने आधार को और मज़बूत करने की दिशा में आक्रामक रणनीति अपना रही है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब 2029 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता की राजनीति में बिसात बिछनी शुरू हो गई है। 'वाहिनी' (सुनेत्रा पवार) को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट करने की यह कोशिश NCP के लिए एक नए और ऐतिहासिक चेहरे को सामने लाने की रणनीतिक पहल मानी जा रही है। आने वाले महीनों में पार्टी का रुख और सहयोगियों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह राजनीतिक महत्वाकांक्षा किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संकेत है — यह NCP की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जो पवार परिवार की विरासत को अगली पीढ़ी में स्थानांतरित करने की कोशिश कर रही है। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की दौड़ महागठबंधन के भीतर BJP और शिंदे गुट की महत्वाकांक्षाओं से भी जुड़ी है, जिसे नज़रअंदाज़ करना NCP के लिए आसान नहीं होगा। बारामती उपचुनाव की जीत प्रभावशाली ज़रूर है, लेकिन पूरे राज्य में मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने के लिए गठबंधन की जटिल समीकरणों को साधना होगा। बिना व्यापक गठबंधन सहमति के, यह नारा 2029 तक राजनीतिक दबाव बनाने का औज़ार तो बन सकता है, लेकिन वास्तविकता में बदलना कठिन होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय पवार ने सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बताया?
जय पवार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रबल इच्छा है कि 2029 के विधानसभा चुनाव में सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र का नेतृत्व करें। बारामती उपचुनाव में उनकी रिकॉर्ड तोड़ जीत और उपमुख्यमंत्री के रूप में उनके काम ने इस माँग को और बल दिया है।
सुनेत्रा पवार अभी किस पद पर हैं?
सुनेत्रा पवार जनवरी 2026 में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी थीं। इसके बाद मई 2026 में उन्होंने बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड जनादेश के साथ जीत दर्ज की।
क्या जय पवार खुद 2029 का चुनाव लड़ेंगे?
जय पवार ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है। हालाँकि उन्होंने कहा कि फिलहाल वे खुद को एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता मानते हैं और बारामती में संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
NCP की 2029 चुनावी रणनीति क्या है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, NCP की रणनीति बारामती और आसपास के क्षेत्रों में पवार परिवार की पकड़ बरकरार रखने और सुनेत्रा पवार को एक राज्यव्यापी नेता के रूप में स्थापित करने की है। जय पवार की मैराथन बैठकें इसी दिशा में प्रारंभिक तैयारी मानी जा रही हैं।
'वाहिनी' और 'दादा' शब्द किनके लिए इस्तेमाल हुए?
जय पवार ने 'दादा' शब्द अपने पिता अजित पवार के लिए और 'वाहिनी' शब्द अपनी माँ सुनेत्रा पवार के लिए इस्तेमाल किया। ये संबोधन बारामती में पवार परिवार के प्रति जनसाधारण की आत्मीयता को दर्शाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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