सूरत के कोसमादा में ₹125 करोड़ का इस्कॉन मंदिर, CM भूपेंद्र पटेल ने रखी आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 26 अक्टूबर 2026 को सूरत जिले के कोसमादा में ₹125 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले इस्कॉन मंदिर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे आध्यात्मिक शिक्षाओं को मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ें, न कि उन्हें केवल पूजा-अर्चना तक सीमित रखें।
आधारशिला समारोह का आयोजन
मुख्यमंत्री पटेल ने नरसिंह यज्ञ में आहुति दी और आधारशिला की विधिवत पूजा की। इस अवसर पर परियोजना में योगदान देने वाले दानदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक अभिनंदन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। एशिया भर में आयोजित श्रीमद् भगवद् गीता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को भी इस मौके पर विशेष सम्मान दिया गया।
समारोह में कृषि मंत्री जीतू वाघाणी, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया और राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया उपस्थित रहे। इस्कॉन वराछा के अध्यक्ष मूर्तिमान दास ने प्रस्तावित मंदिर की विकास योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री का संदेश: विरासत और विकास
मुख्यमंत्री पटेल ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' के दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश में राम मंदिर निर्माण सहित धार्मिक विरासत के संरक्षण और पुनरुद्धार के प्रयास इसी सोच की अभिव्यक्ति हैं। उनके अनुसार, आध्यात्मिक कार्य में योगदान का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और ऐसे प्रयास समाज में सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।
भगवद् गीता की शिक्षाएँ: दैनिक जीवन में मार्गदर्शन
पटेल ने श्रीमद् भगवद् गीता के 18 अध्यायों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अर्जुन विषाद योग से लेकर मोक्ष संन्यास योग तक यह शास्त्र लोगों को भ्रम से ज्ञान की ओर, निराशा से आत्मविश्वास की ओर और निष्क्रियता से कर्तव्यबोध की ओर ले जाता है। उन्होंने सांख्य योग, कर्म योग और ज्ञान कर्म संन्यास योग की शिक्षाओं को दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया, जिससे परिवार मजबूत होंगे, सामाजिक सद्भाव बढ़ेगा और देश के विकास को नैतिक आधार मिलेगा।
युवाओं और समाज पर असर
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की ओर मोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, सांस्कृतिक जागरूकता और मानवीय सेवा का केंद्र बनेगा। भक्ति को मानवता की सेवा से जोड़ने की यह अपील इस्कॉन की वैश्विक विचारधारा के अनुरूप है।
आगे की योजना
आधारशिला रखे जाने के बाद अब मंदिर के निर्माण का रास्ता औपचारिक रूप से खुल गया है। प्रस्तावित मंदिर के विकास की विस्तृत रूपरेखा इस्कॉन वराछा द्वारा पहले ही तैयार की जा चुकी है। ₹125 करोड़ की इस परियोजना से कोसमादा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।