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सूरत के कोसमादा में ₹125 करोड़ का इस्कॉन मंदिर, CM भूपेंद्र पटेल ने रखी आधारशिला

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सूरत के कोसमादा में ₹125 करोड़ का इस्कॉन मंदिर, CM भूपेंद्र पटेल ने रखी आधारशिला

सारांश

सूरत के कोसमादा में ₹125 करोड़ की लागत से बनने वाले इस्कॉन मंदिर की आधारशिला CM भूपेंद्र पटेल ने रखी। उन्होंने भगवद् गीता की शिक्षाओं को दैनिक जीवन से जोड़ने और भक्ति को मानव सेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया — PM मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' दृष्टिकोण को गुजरात में ज़मीनी रूप देने का प्रयास।

मुख्य बातें

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत जिले के कोसमादा में ₹125 करोड़ की लागत से बनने वाले इस्कॉन मंदिर की आधारशिला रखी।
समारोह में कृषि मंत्री जीतू वाघाणी , स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया और राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने परियोजना को PM मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' दृष्टिकोण से जोड़ा।
श्रीमद् भगवद् गीता के 18 अध्यायों का उल्लेख करते हुए पटेल ने इसे दैनिक जीवन का मार्गदर्शक बताया।
मंदिर को आध्यात्मिक शिक्षा , युवा सशक्तिकरण और मानवीय सेवा के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
एशिया भर की भगवद् गीता परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को समारोह में सम्मानित किया गया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 26 अक्टूबर 2026 को सूरत जिले के कोसमादा में ₹125 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले इस्कॉन मंदिर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे आध्यात्मिक शिक्षाओं को मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ें, न कि उन्हें केवल पूजा-अर्चना तक सीमित रखें।

आधारशिला समारोह का आयोजन

मुख्यमंत्री पटेल ने नरसिंह यज्ञ में आहुति दी और आधारशिला की विधिवत पूजा की। इस अवसर पर परियोजना में योगदान देने वाले दानदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक अभिनंदन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। एशिया भर में आयोजित श्रीमद् भगवद् गीता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को भी इस मौके पर विशेष सम्मान दिया गया।

समारोह में कृषि मंत्री जीतू वाघाणी, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया और राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया उपस्थित रहे। इस्कॉन वराछा के अध्यक्ष मूर्तिमान दास ने प्रस्तावित मंदिर की विकास योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री का संदेश: विरासत और विकास

मुख्यमंत्री पटेल ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' के दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश में राम मंदिर निर्माण सहित धार्मिक विरासत के संरक्षण और पुनरुद्धार के प्रयास इसी सोच की अभिव्यक्ति हैं। उनके अनुसार, आध्यात्मिक कार्य में योगदान का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और ऐसे प्रयास समाज में सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

भगवद् गीता की शिक्षाएँ: दैनिक जीवन में मार्गदर्शन

पटेल ने श्रीमद् भगवद् गीता के 18 अध्यायों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अर्जुन विषाद योग से लेकर मोक्ष संन्यास योग तक यह शास्त्र लोगों को भ्रम से ज्ञान की ओर, निराशा से आत्मविश्वास की ओर और निष्क्रियता से कर्तव्यबोध की ओर ले जाता है। उन्होंने सांख्य योग, कर्म योग और ज्ञान कर्म संन्यास योग की शिक्षाओं को दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया, जिससे परिवार मजबूत होंगे, सामाजिक सद्भाव बढ़ेगा और देश के विकास को नैतिक आधार मिलेगा।

युवाओं और समाज पर असर

मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की ओर मोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, सांस्कृतिक जागरूकता और मानवीय सेवा का केंद्र बनेगा। भक्ति को मानवता की सेवा से जोड़ने की यह अपील इस्कॉन की वैश्विक विचारधारा के अनुरूप है।

आगे की योजना

आधारशिला रखे जाने के बाद अब मंदिर के निर्माण का रास्ता औपचारिक रूप से खुल गया है। प्रस्तावित मंदिर के विकास की विस्तृत रूपरेखा इस्कॉन वराछा द्वारा पहले ही तैयार की जा चुकी है। ₹125 करोड़ की इस परियोजना से कोसमादा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विकास भी' का संदर्भ केंद्र की भाषा को राज्य स्तर पर दोहराता है, जो एक सुसंगत वैचारिक संदेश देता है। हालाँकि, मंदिर निर्माण से युवा सशक्तिकरण और नशामुक्ति के वादे किस ठोस कार्यक्रम के ज़रिए पूरे होंगे — इसका स्पष्ट खाका अभी सामने नहीं आया है। असली परीक्षा यह होगी कि यह मंदिर एक मज़बूत सामाजिक संस्था बन पाता है या केवल एक भव्य धार्मिक स्थल।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत के कोसमादा में बनने वाला इस्कॉन मंदिर क्या है?
यह सूरत जिले के कोसमादा में ₹125 करोड़ की लागत से प्रस्तावित एक नया इस्कॉन मंदिर है, जिसकी आधारशिला CM भूपेंद्र पटेल ने रखी। यह मंदिर आध्यात्मिक शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा का केंद्र बनाने की योजना के साथ बनाया जाएगा।
इस्कॉन मंदिर कोसमादा की आधारशिला कब और किसने रखी?
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को नरसिंह यज्ञ में आहुति देकर और विधिवत पूजा करके इस मंदिर की आधारशिला रखी। समारोह में कई वरिष्ठ मंत्री और सांसद भी उपस्थित रहे।
CM पटेल ने इस मंदिर को किस दृष्टिकोण से जोड़ा?
मुख्यमंत्री पटेल ने इस परियोजना को PM नरेंद्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समाज में सद्भाव और राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा।
इस मंदिर से युवाओं को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री ने इस मंदिर को युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की ओर निर्देशित करने के केंद्र के रूप में देखा है। साथ ही यह आध्यात्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम भी बनेगा।
इस्कॉन वराछा का इस परियोजना में क्या योगदान है?
इस्कॉन वराछा के अध्यक्ष मूर्तिमान दास ने समारोह में प्रस्तावित मंदिर की विकास योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। संस्था इस परियोजना की मुख्य संचालक है और उसने ₹125 करोड़ की इस परियोजना के लिए दानदाताओं से सहयोग जुटाया है।
राष्ट्र प्रेस
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