गांधीनगर में आईआईटीई कैंपस विस्तार: CM भूपेंद्र पटेल ने रखी ₹127 करोड़ परियोजना की आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार, 30 जून 2026 को गांधीनगर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन (आईआईटीई) के नए कैंपस विस्तार का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹127 करोड़ की मंजूरी दी है, जिसके तहत अत्याधुनिक शैक्षणिक-शोध सुविधाएँ और 600 से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना में क्या-क्या बनेगा
राज्य सरकार के अनुसार नए परिसर में आधुनिक शैक्षणिक भवन, फैकल्टी ब्लॉक, एडवांस क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ, सेमिनार हॉल, अत्याधुनिक पुस्तकालय, संग्रहालय और खेल सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इसके साथ ही 600 से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए अलग आवासीय परिसर भी तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में आईटीईपी पाठ्यक्रम का डिजिटल शुभारंभ भी किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विद्यालयी जीवन में उन्हें पढ़ाने वाले वडनगर के श्री बी.एन. हाई स्कूल के शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया।
शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन के निर्माण की शुरुआत नहीं, बल्कि ऐसे उत्कृष्ट शिक्षकों के निर्माण की नई शुरुआत है, जो भारत के भविष्य को दिशा देंगे। उन्होंने कहा, 'भारत को केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि ऐसे राष्ट्रनिर्माता शिक्षकों को तैयार करना चाहिए जो वैश्विक स्तर पर भी शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें।'
वाजा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि आईआईटीई को बहुविषयक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसके लिए सात नए स्कूल स्थापित किए गए हैं, जिससे विभिन्न ज्ञान क्षेत्रों का एकीकरण हो सके।
आईआईटीई की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आईआईटीई की स्थापना वर्ष 2010 में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के तहत विश्वस्तरीय शिक्षक शिक्षा संस्थान के रूप में की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में एनईपी 2020 के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकारें अपने शिक्षा ढाँचे को नए सिरे से तैयार कर रही हैं।
राज्य मंत्री त्रिकम छंगा ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ यह संस्थान देश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद
शिलान्यास समारोह में राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा, गांधीनगर महापौर मीरा पटेल, राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ला, विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, शैक्षणिक प्रमुख, निदेशक, प्राचार्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। नए परिसर की आधारशिला को 'विकसित गुजरात' के माध्यम से 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम बताया गया।
आने वाले वर्षों में यह संस्थान देश को विश्वस्तरीय शिक्षक देने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा — यही इस परियोजना की मूल आकांक्षा है।