पंजाब BJP का AAP पर हमला: तीर्थयात्रा बसों में 'माफिया', 1,000 डॉक्टर पद खाली
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल पर दोहरे मोर्चे पर हमला बोला — पहला, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना की बसों में कथित 'बस माफिया' की संलिप्तता का आरोप, और दूसरा, राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगभग 1,000 पदों के रिक्त रहने का मुद्दा। चंडीगढ़ में BJP की यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में आई जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने देशभर में स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं के चलते पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है।
तीर्थयात्रा बसों पर आरोप
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल NHRC नोटिस को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, जबकि असल मुद्दा बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा है। ढिल्लों के अनुसार, मानवाधिकार आयोग ने पिछले एक वर्ष में स्लीपर बसों में आगजनी की घटनाओं के कारण देशभर में 1,000 बसों के विरुद्ध कार्रवाई की है।
ढिल्लों ने कहा, 'इस घटना को केवल पंजाब से जोड़ना सरासर झूठ है। जनवरी में पंजाब सरकार ने मानवाधिकार आयोग को स्वयं सूचित किया था कि पंजाब में कोई स्लीपर बस पंजीकृत नहीं है।' उनका तर्क है कि यदि पंजाब में कोई स्लीपर बस पंजीकृत नहीं है, तो योजना के अंतर्गत चल रही सभी बसें अन्य राज्यों से मँगाई गई निजी बसें हैं।
केजरीवाल पर 'बस माफिया' का आरोप
ढिल्लों ने आगे आरोप लगाया कि न केवल बसें बाहर से मँगाई गई हैं, बल्कि योजना के संचालन से जुड़े लोग भी दिल्ली से लाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 'केजरीवाल अपने करीबी सहयोगी के माध्यम से पंजाब की मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को बस माफिया की तरह चला रहे हैं।' यह आरोप सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
ढिल्लों ने केजरीवाल को चुनौती दी कि वे पहले यह स्पष्ट करें कि दिल्ली में BJP की सरकार बनने के बाद वहाँ की तीर्थयात्रा योजना बंद की गई थी या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब AAP और BJP के बीच दिल्ली और पंजाब दोनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना
BJP नेता श्वेत मलिक ने राज्य की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था पर मान सरकार को घेरा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 2,098 स्वीकृत पदों में से करीब 1,000 पद रिक्त हैं।
मलिक ने कहा कि यह संकट और गहरा हो गया है क्योंकि पंजाब सरकार ने 2022 से अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक भी नियमित भर्ती नहीं की है। इसका सीधा असर उन मरीज़ों पर पड़ता है जो सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं और जिन्हें विशेषज्ञ इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के चुनाव में 'अच्छी शिक्षा और अच्छे अस्पताल' के वादे पर भारी जनादेश हासिल किया था।
AAP की स्थिति
फ़िलहाल AAP और मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। BJP के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी शेष है। यह भी उल्लेखनीय है कि NHRC नोटिस पंजाब के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी जारी किया गया था, जो बस सुरक्षा की व्यापक राष्ट्रीय समस्या को रेखांकित करता है।
आगे की राह
तीर्थयात्रा योजना की बसों की सुरक्षा और डॉक्टरों की भर्ती — दोनों मुद्दे अब विधानसभा में भी उठने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में रिक्तियों को जल्द न भरा गया, तो स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ और बढ़ेगा। BJP का यह हमला 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।