27 सितंबर 2026
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मन की बात: PM मोदी बोले — मोढेरा सूर्य मंदिर तोड़ने वालों का आज कोई वजूद नहीं, भारत अमर है

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मन की बात: PM मोदी बोले — मोढेरा सूर्य मंदिर तोड़ने वालों का आज कोई वजूद नहीं, भारत अमर है

सारांश

एक हजार साल पहले तोड़े गए मोढेरा सूर्य मंदिर की कहानी से लेकर देश के पहले सोलर विलेज तक — PM मोदी ने मन की बात के 138वें एपिसोड में भारत की जीवटता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश दिया। आक्रांता मिटे, मंदिर बचा — और अब वही मोढेरा सौर ऊर्जा का प्रतीक है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को मन की बात के 138वें एपिसोड में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और मोढेरा सूर्य मंदिर पर विस्तार से बात की।
1026 में मोहम्मद गजनी ने सोमनाथ मंदिर और उसी वर्ष मोढेरा सूर्य मंदिर का विध्वंस किया — दोनों विध्वंसों को एक हजार साल पूरे हो गए हैं।
मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण राजा भीमदेव प्रथम ने 1025 में करवाया था; उन्होंने गजनी का प्रतिरोध कर मंदिर का पुनर्निर्माण भी करवाया।
बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने भी मोढेरा मंदिर को तोड़ा, लेकिन भारत की सांस्कृतिक परंपरा अटूट बनी रही।
आज मोढेरा देश का प्रथम सूर्य ग्राम (सोलर विलेज) है, जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित है।
जनवरी में मकर संक्रांति के बाद मोढेरा नृत्य महोत्सव आयोजित होता है; PM मोदी ने सभी से मोढेरा आने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को मन की बात के 138वें एपिसोड में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर के ऐतिहासिक विध्वंस तथा पुनर्जीवन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि जिन आक्रांताओं ने भारत की पहचान मिटाने के लिए मंदिरों को तोड़ा, आज उनका कोई वजूद नहीं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज भी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है।

सोमनाथ से मोढेरा तक — एक हजार साल का इतिहास

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्ष 1026 में मोहम्मद गजनी ने पहली बार सोमनाथ मंदिर का विध्वंस किया था। उसी वर्ष गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ और उसे तोड़ा गया। मोदी ने कहा, "जो लोग सोमनाथ मंदिर को तोड़कर भारत की पहचान मिटाने आए थे, आज उनका कोई वजूद भी नहीं है।"

उन्होंने बताया कि मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण राजा भीमदेव प्रथम ने 1025 में करवाया था — यानी मंदिर बने मात्र एक वर्ष हुआ था जब उस पर यह आघात हुआ। इस वर्ष मोढेरा मंदिर के विध्वंस को भी एक हजार साल पूरे हो गए हैं।

राजा भीमदेव का अदम्य साहस और पुनर्निर्माण

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इतने बड़े आक्रमण के बावजूद राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल गजनी का मुकाबला किया, बल्कि कुछ ही समय में मोढेरा सूर्य मंदिर का पुनर्निर्माण भी करवा दिया। उन्होंने कहा कि जब सोमनाथ जैसा आस्था का विशाल केंद्र खंडित हो और कई स्थानों पर हमले हुए हों, तो किसी भी समाज का मनोबल टूट सकता था — लेकिन भारत की जीवटता ने बार बार खंडन के बाद पुनर्निर्माण का रास्ता चुना।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि बाद के कालखंड में अलाउद्दीन खिलजी ने वास्तुकला के इस भव्य मंदिर को पुनः तोड़ा। फिर भी, भारत की सांस्कृतिक धारा अटूट बनी रही।

मोढेरा की नई पहचान — देश का पहला सूर्य ग्राम

प्रधानमंत्री ने बताया कि मोढेरा आज केवल प्राचीन सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि देश के प्रथम सूर्य ग्राम (सोलर विलेज) के रूप में भी पहचाना जाता है। पूरा गाँव अब सौर ऊर्जा से संचालित होता है और इसने देश के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि भारत में सूर्य की उपासना केवल मंदिर और वास्तुकला तक सीमित नहीं है — इसका अर्थ प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा है। मोढेरा का सोलर विलेज बनना उसी परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।

पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व

मोदी ने बताया कि मोढेरा में पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएँ शुरू की गई हैं। जनवरी में मकर संक्रांति के बाद वहाँ मोढेरा नृत्य महोत्सव का आयोजन होता है, जिसमें भारत के सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाँ होती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से मोढेरा की यात्रा करने की अपील की।

आगे की दिशा

यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत में विरासत पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव पुनर्स्थापना के प्रयासों को नई गति मिल रही है। मोढेरा का सोलर विलेज मॉडल देश के अन्य धरोहर स्थलों के लिए भी नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण का एक पुनरावर्तनीय खाका बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राष्ट्रीय गौरव और आधुनिक विकास को एक सूत्र में पिरोती है। मोढेरा को 'सोलर विलेज' के रूप में प्रस्तुत करना अतीत के प्रतीकवाद को वर्तमान नीति उपलब्धि से जोड़ने की चतुर रणनीति है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि क्या इतिहास के इस चयनात्मक पाठ से वर्तमान सामाजिक सौहार्द की जटिलताएँ सरल होती हैं या उलझती हैं। इस संदर्भ में यह संबोधन भारत के सांस्कृतिक विमर्श में PM मोदी की निरंतर और प्रभावशाली उपस्थिति का प्रमाण है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी ने क्या कहा?
27 सितंबर 2026 को प्रसारित मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और मोढेरा सूर्य मंदिर के ऐतिहासिक विध्वंस तथा पुनर्जीवन पर बात की। उन्होंने कहा कि 1026 में मंदिर तोड़ने वाले आक्रांताओं का आज कोई वजूद नहीं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज भी भव्यता के साथ खड़ा है।
मोढेरा सूर्य मंदिर का विध्वंस कब और किसने किया था?
वर्ष 1026 में मोहम्मद गजनी ने सोमनाथ मंदिर के साथ साथ गुजरात के मोढेरा स्थित सूर्य मंदिर पर भी हमला किया और उसे तोड़ा। यह मंदिर राजा भीमदेव प्रथम ने 1025 में बनवाया था — यानी निर्माण के मात्र एक वर्ष बाद ही इसे तोड़ा गया। बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने भी इस मंदिर को क्षति पहुँचाई।
मोढेरा सोलर विलेज क्या है?
मोढेरा गुजरात का वह गाँव है जिसे भारत का प्रथम सूर्य ग्राम (सोलर विलेज) घोषित किया गया है। यह पूरा गाँव सौर ऊर्जा से संचालित होता है और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।
मोढेरा नृत्य महोत्सव कब होता है?
मोढेरा नृत्य महोत्सव प्रतिवर्ष जनवरी में मकर संक्रांति के बाद आयोजित होता है। इसमें भारत के सांस्कृतिक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाँ होती हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व क्यों मनाया जाता है?
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस वर्ष 1026 में मोहम्मद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर के प्रथम विध्वंस को एक हजार साल पूरे हो गए हैं। PM मोदी ने इसे भारत की सांस्कृतिक जीवटता और अमरता के प्रतीक के रूप में मनाने की बात कही।
राष्ट्र प्रेस
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