मन की बात: PM मोदी बोले — मोढेरा सूर्य मंदिर तोड़ने वालों का आज कोई वजूद नहीं, भारत अमर है
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को मन की बात के 138वें एपिसोड में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर के ऐतिहासिक विध्वंस तथा पुनर्जीवन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि जिन आक्रांताओं ने भारत की पहचान मिटाने के लिए मंदिरों को तोड़ा, आज उनका कोई वजूद नहीं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज भी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है।
सोमनाथ से मोढेरा तक — एक हजार साल का इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्ष 1026 में मोहम्मद गजनी ने पहली बार सोमनाथ मंदिर का विध्वंस किया था। उसी वर्ष गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ और उसे तोड़ा गया। मोदी ने कहा, "जो लोग सोमनाथ मंदिर को तोड़कर भारत की पहचान मिटाने आए थे, आज उनका कोई वजूद भी नहीं है।"
उन्होंने बताया कि मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण राजा भीमदेव प्रथम ने 1025 में करवाया था — यानी मंदिर बने मात्र एक वर्ष हुआ था जब उस पर यह आघात हुआ। इस वर्ष मोढेरा मंदिर के विध्वंस को भी एक हजार साल पूरे हो गए हैं।
राजा भीमदेव का अदम्य साहस और पुनर्निर्माण
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इतने बड़े आक्रमण के बावजूद राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल गजनी का मुकाबला किया, बल्कि कुछ ही समय में मोढेरा सूर्य मंदिर का पुनर्निर्माण भी करवा दिया। उन्होंने कहा कि जब सोमनाथ जैसा आस्था का विशाल केंद्र खंडित हो और कई स्थानों पर हमले हुए हों, तो किसी भी समाज का मनोबल टूट सकता था — लेकिन भारत की जीवटता ने बार बार खंडन के बाद पुनर्निर्माण का रास्ता चुना।
मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि बाद के कालखंड में अलाउद्दीन खिलजी ने वास्तुकला के इस भव्य मंदिर को पुनः तोड़ा। फिर भी, भारत की सांस्कृतिक धारा अटूट बनी रही।
मोढेरा की नई पहचान — देश का पहला सूर्य ग्राम
प्रधानमंत्री ने बताया कि मोढेरा आज केवल प्राचीन सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि देश के प्रथम सूर्य ग्राम (सोलर विलेज) के रूप में भी पहचाना जाता है। पूरा गाँव अब सौर ऊर्जा से संचालित होता है और इसने देश के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि भारत में सूर्य की उपासना केवल मंदिर और वास्तुकला तक सीमित नहीं है — इसका अर्थ प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा है। मोढेरा का सोलर विलेज बनना उसी परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।
पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व
मोदी ने बताया कि मोढेरा में पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएँ शुरू की गई हैं। जनवरी में मकर संक्रांति के बाद वहाँ मोढेरा नृत्य महोत्सव का आयोजन होता है, जिसमें भारत के सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाँ होती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से मोढेरा की यात्रा करने की अपील की।
आगे की दिशा
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत में विरासत पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव पुनर्स्थापना के प्रयासों को नई गति मिल रही है। मोढेरा का सोलर विलेज मॉडल देश के अन्य धरोहर स्थलों के लिए भी नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण का एक पुनरावर्तनीय खाका बन सकता है।