क्या तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ी?

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क्या तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ी?

सारांश

दिल्ली की अदालत ने तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत को 13 अगस्त तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय एनआईए द्वारा दाखिल किए गए एक पूरक आरोपपत्र के बाद लिया गया है। जानें क्या है इस मामले की पूरी कहानी और राणा के खिलाफ लगे आरोप।

मुख्य बातें

तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ी।
राणा पर 26/11 हमलों में संलिप्तता का आरोप है।
एनआईए ने एक पूरक आरोपपत्र दायर किया है।
राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया।
हमलों में 166 लोगों की जान चली गई थी।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की अदालत ने बुधवार को 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत को 13 अगस्त तक बढ़ा दिया। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा राणा के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के बाद सामने आया।

इस आरोपपत्र में राणा का गिरफ्तारी ज्ञापन, जब्ती ज्ञापन और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी शामिल थे। राणा के खिलाफ पहला आरोपपत्र 2012 में दाखिल किया गया था।

इस सप्ताह की शुरुआत में, तहव्वुर राणा ने मुंबई अपराध शाखा के सामने कुछ महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। उसने कहा कि वह पाकिस्तानी सेना का एक भरोसेमंद एजेंट था और 2008 के हमलों के दौरान मुंबई में मौजूद था।

4 जुलाई को दिल्ली की एक अदालत ने राणा की न्यायिक हिरासत को 9 जुलाई तक बढ़ा दिया था। ऐसे में अब एनआईए द्वारा राणा के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के बाद न्यायिक हिरासत की तारीख 13 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर, राणा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह के समक्ष पेश किया गया। राणा के वकील ने उसकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति का मुद्दा उठाया, जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों से 9 जून तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।

तहव्वुर राणा को हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। जांच एजेंसी को संदेह है कि उसने 26/11 हमलों के मुख्य आरोपी डेविड हेडली को निर्देश, लोकेशन और नक्शे साझा किए थे। इन निर्देशों का उपयोग मुंबई में हमलों से पहले लक्ष्यों की पहचान करने में किया गया था।

बता दें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल को तहव्वुर राणा की प्रत्यर्पण याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद 10 अप्रैल को उसे अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया। अब, राणा 26/11 के आतंकवादी हमलों के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। मुंबई में हुए इस भीषण हमले में होटल ताज सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर 166 लोगों की जान चली गई थी, और अब राणा पर उन हमलों में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर आरोप हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला हमारी न्यायिक प्रणाली की गंभीरता को दर्शाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित और उचित कार्रवाई आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना कि न्याय मिले, हमारे समाज की बुनियाद है। तहव्वुर राणा जैसे आरोपियों के मामलों पर लगातार नज़र रखना आवश्यक है, ताकि हम भविष्य में ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति से बच सकें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तहव्वुर राणा के खिलाफ आरोप क्या हैं?
तहव्वुर राणा पर 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों में भूमिका निभाने का आरोप है।
राणा की न्यायिक हिरासत कब तक बढ़ाई गई?
राणा की न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ाई गई है।
एनआईए ने राणा के खिलाफ क्या किया?
एनआईए ने राणा के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
क्या राणा को अमेरिका से भारत लाया गया है?
हाँ, तहव्वुर राणा को हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है।
26/11 हमलों में कितनी जानें गई थीं?
26/11 के हमलों में 166 लोगों की जान गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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