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तमिलनाडु में ₹1.50 लाख करोड़ की शहरी विकास योजना को मंजूरी, सड़क-सीवरेज पर सबसे बड़ा आवंटन

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तमिलनाडु में ₹1.50 लाख करोड़ की शहरी विकास योजना को मंजूरी, सड़क-सीवरेज पर सबसे बड़ा आवंटन

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने ₹1.50 लाख करोड़ की पाँच वर्षीय शहरी विकास योजना का आदेश जारी कर दिया है। सड़कों पर ₹60,000 करोड़, सीवेज पर ₹50,000 करोड़ और पेयजल पर ₹30,350 करोड़ खर्च होंगे। TUFIDCO इस विशाल कार्यक्रम की नोडल एजेंसी होगी — यह राज्य की शहरी बुनियादी ढाँचे के लिए अब तक की सबसे बड़ी एकल प्रतिबद्धता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने 1 नवंबर 2026 को ₹1.50 लाख करोड़ की पाँच वर्षीय प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना लागू करने का आदेश जारी किया।
सबसे बड़ा आवंटन शहरी सड़कों और परिवहन के लिए ₹60,000 करोड़ , इसके बाद सीवेज के लिए ₹50,000 करोड़ और पेयजल के लिए ₹30,350 करोड़ ।
नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे और नगर पालिकाओं में तीन घंटे पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य, साथ ही पूर्ण भूमिगत सीवरेज कवरेज ।
पर्यावरण के तहत पाँच करोड़ पौधे और अड्यार-कूवम नदियों की पुनर्स्थापना का प्रावधान।
TUFIDCO को कार्यक्रम की कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन एजेंसी नामित किया गया है।

तमिलनाडु सरकार ने 1 नवंबर 2026 को पाँच वर्षीय प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना को लागू करने का सरकारी आदेश जारी किया, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹1.50 लाख करोड़ है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा खड़ा करना है। सड़कों, सीवेज नेटवर्क और पेयजल आपूर्ति पर सबसे अधिक निवेश केंद्रित किया जाएगा।

मुख्य आवंटन और व्यय ढाँचा

योजना में सबसे बड़ा हिस्सा शहरी सड़कों और परिवहन को दिया गया है — इस मद में ₹60,000 करोड़ रखे गए हैं। दूसरे स्थान पर सीवेज बुनियादी ढाँचे के लिए ₹50,000 करोड़ और पेयजल परियोजनाओं के लिए ₹30,350 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

इसके अलावा, ठोस कचरा प्रबंधन के लिए ₹3,000 करोड़, जलाशय पुनर्स्थापना और सामाजिक बुनियादी ढाँचे के लिए ₹2,000-₹2,000 करोड़ तथा हरित क्षेत्र विकास एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के लिए ₹1,500-₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

जलापूर्ति और सीवरेज का लक्ष्य

कार्यक्रम के तहत नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे और नगर पालिकाओं में तीन घंटे प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की परिकल्पना की गई है। साथ ही हर घर तक पानी का कनेक्शन सुनिश्चित करना और पूरे शहरी क्षेत्र में भूमिगत सीवरेज नेटवर्क का संपूर्ण कवरेज इस योजना का बड़ा उद्देश्य है।

यह ऐसे समय में आया है जब चेन्नई और कई अन्य तमिलनाडु शहर वर्षाकालीन जलजमाव और पुरानी जल-निकासी व्यवस्था की समस्याओं से जूझते रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य की शहरी आबादी तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे बुनियादी ढाँचे पर दबाव निरंतर बढ़ा है।

पर्यावरण और स्मार्ट निगरानी पहल

पर्यावरणीय मोर्चे पर योजना में पाँच करोड़ पौधे लगाने और अड्यार व कूवम नदियों सहित प्रमुख जलाशयों की पुनर्स्थापना का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त पशु नसबंदी केंद्र स्थापित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम CCTV कैमरे लगाने का कार्य भी इस फ्रेमवर्क में शामिल है।

इस समेकित ढाँचे में बुनियादी सेवाओं का सुधार, पर्यावरण बहाली, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी निगरानी — सभी को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है।

कार्यान्वयन एजेंसी: TUFIDCO

तमिलनाडु शहरी वित्त और बुनियादी ढाँचा विकास निगम (TUFIDCO) को सरकारी आदेश के अनुसार इस कार्यक्रम की कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। TUFIDCO ही धनराशि के आवंटन, परियोजना निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी उठाएगा।

आगे की राह

यह योजना तमिलनाडु की शहरी बसावट को अगले पाँच वर्षों में आमूल-चूल बदलने का दावा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रियान्वयन की गति और स्थानीय निकायों की क्षमता निर्माण ही यह तय करेगी कि ये लक्ष्य कागज़ से ज़मीन पर उतर पाते हैं या नहीं। सरकारी आदेश के बाद अब विभिन्न विभागों की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्टें तैयार करने का काम शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती आवंटन को ज़मीन पर उतारने की है। राज्य के शहरी स्थानीय निकाय पहले से ही क्षमता और प्रशासनिक बाधाओं से जूझते रहे हैं — बड़े बजट अकेले इन्हें नहीं सुलझाते। अड्यार और कूवम नदी पुनर्स्थापना जैसी परियोजनाएँ दशकों से घोषित होती रही हैं, लेकिन परिणाम सीमित रहे हैं। TUFIDCO पर एकल एजेंसी के रूप में इतनी बड़ी जिम्मेदारी डालना जवाबदेही की दृष्टि से सही है, बशर्ते क्रियान्वयन की समयसीमा और माप-योग्य मील के पत्थर सार्वजनिक रूप से तय किए जाएँ।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की ₹1.50 लाख करोड़ शहरी विकास योजना क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार द्वारा 1 नवंबर 2026 को जारी आदेश के तहत लागू की गई पाँच वर्षीय 'प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना' है, जिसकी कुल लागत ₹1.50 लाख करोड़ है। इसका उद्देश्य राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में सड़क, सीवरेज, पेयजल और पर्यावरण जैसी बुनियादी सेवाओं को एकीकृत फ्रेमवर्क में सुधारना है।
इस योजना में सबसे ज़्यादा पैसा किस मद पर खर्च होगा?
सबसे बड़ा आवंटन शहरी सड़कों और परिवहन के लिए ₹60,000 करोड़ है। इसके बाद सीवेज बुनियादी ढाँचे के लिए ₹50,000 करोड़ और पेयजल परियोजनाओं के लिए ₹30,350 करोड़ निर्धारित हैं।
TUFIDCO इस योजना में क्या भूमिका निभाएगा?
तमिलनाडु शहरी वित्त और बुनियादी ढाँचा विकास निगम (TUFIDCO) को सरकारी आदेश के अनुसार इस कार्यक्रम की मुख्य कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन एजेंसी बनाया गया है। यह धनराशि का आवंटन, परियोजना निगरानी और समन्वय का कार्य करेगा।
इस योजना के तहत पेयजल आपूर्ति का क्या लक्ष्य है?
योजना में नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे और नगर पालिकाओं में तीन घंटे प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। हर घर तक पानी का कनेक्शन देना और संपूर्ण भूमिगत सीवरेज नेटवर्क कवरेज भी प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
इस योजना में पर्यावरण के लिए क्या प्रावधान हैं?
पर्यावरणीय पहल के तहत पाँच करोड़ पौधे लगाने और अड्यार व कूवम नदियों सहित प्रमुख जलाशयों की पुनर्स्थापना शामिल है। जलाशय पुनर्स्थापना के लिए ₹2,000 करोड़ और हरित क्षेत्र विकास के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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