टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड बैठक 16 मई तक स्थगित, गवर्नेंस और कानूनी विवाद बने कारण
सारांश
मुख्य बातें
सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) — टाटा संस के दो प्रमुख शेयरधारकों — ने अपनी निर्धारित बोर्ड बैठक को 16 मई 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय गवर्नेंस और कानूनी मुद्दों से जुड़ी जटिल चुनौतियों के कारण लिया गया। मूल रूप से यह बैठक 8 मई को आयोजित होनी थी, जिसमें टाटा संस बोर्ड में ट्रस्टों के प्रतिनिधित्व की व्यापक समीक्षा प्रस्तावित थी।
बैठक स्थगन का घटनाक्रम
सूत्रों के मुताबिक, कुछ ट्रस्टी 8 मई को निर्धारित बैठक में पहुँच भी चुके थे, लेकिन बैठक शुरू होने से कुछ ही समय पहले उन्हें सूचित किया गया कि चर्चा रद्द कर दी गई है। गौरतलब है कि यह बैठक पहले 12 मई के लिए तय की गई थी, जिसे बाद में 8 मई पर लाया गया और अब पुनः 16 मई तक के लिए टाल दिया गया है। इस प्रकार यह बैठक लगातार दूसरी बार स्थगित हुई है।
लिस्टिंग विवाद और आंतरिक मतभेद
बैठक के एजेंडे में सबसे संवेदनशील मुद्दा टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन द्वारा टाटा संस की संभावित सूचीबद्धता (लिस्टिंग) पर की गई हालिया टिप्पणियाँ थीं। कथित तौर पर उनकी इन टिप्पणियों ने ट्रस्ट्स के भीतर एक व्यापक आंतरिक मूल्यांकन को जन्म दिया है — कि क्या बोर्ड के नामित सदस्य होल्डिंग कंपनी को निजी स्वामित्व में बनाए रखने की संस्थागत नीति के अनुरूप हैं। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग का मुद्दा टाटा समूह के भीतर कई वर्षों से एक अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है।
नोएल टाटा और बहुमत का रुख
ट्रस्ट्स के अधिकांश सदस्य टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध इकाई के रूप में बनाए रखने के पक्ष में हैं। ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा भी, कुछ आंतरिक मतभेदों के बावजूद, इसी स्थिति का समर्थन करते हैं। उल्लेखनीय है कि विजय सिंह को पिछले वर्ष टाटा संस के बोर्ड में पुनः नियुक्त नहीं किया गया था। हालाँकि, वेणु श्रीनिवासन से जुड़ी किसी भी संभावित समीक्षा पर विशेष ध्यान जाने की संभावना है, क्योंकि भारतीय उद्योग जगत में उनका व्यापक प्रभाव है और ट्रस्टों में उनकी भूमिका अभी भी बनी हुई है।
दोनों ट्रस्टों की बोर्ड संरचना
SDTT के बोर्ड में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, डेरियस खंबाटा, नेविल एन. टाटा और भास्कर भट शामिल हैं। SRTT के बोर्ड में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, जिमी टाटा, जहांगीर एच.सी. जहांगीर और खंबाटा शामिल हैं। यह बैठक 16 मई को होती है या नहीं और उसमें किन मुद्दों पर निर्णय होता है — यह टाटा समूह की आंतरिक दिशा का स्पष्ट संकेत देगा।