तेजस्वी यादव पर चंद्रवंशी का पलटवार: 'मानसिक संतुलन खो चुके हैं, पहले पार्टी संभालें'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के खनन एवं भू-तत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने 9 जून 2026 को बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार किया। यह प्रतिक्रिया तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 'सस्ता मंत्री' कहे जाने के बाद आई। चंद्रवंशी ने कहा कि तेजस्वी यादव अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और उन्हें पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
तेजस्वी पर सीधा हमला
मंत्री चंद्रवंशी ने कहा कि तेजस्वी यादव को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक भविष्य और पार्टी की दुर्दशा पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और कार्यकर्ता कानून-व्यवस्था का सम्मान नहीं करते। उनके अनुसार, शीर्ष नेतृत्व जैसा आचरण करता है, वही संस्कृति पार्टी के निचले स्तर तक उतरती है।
पुलिस और आम जनता पर हमले का आरोप
चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि पुलिस और गरीब लोगों पर हमला करना RJD की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व टकराव का रास्ता अपनाएगा, तो कार्यकर्ता भी गाँव-गाँव में उसी तरह व्यवहार करेंगे। उनके अनुसार, यही कारण है कि तेजस्वी यादव की राजनीतिक स्थिति लगातार कमज़ोर होती जा रही है।
विपक्षी दलों की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी
मंत्री ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कई नेता और सांसद पार्टी से दूरी बना रहे हैं, जो विपक्षी दलों की आंतरिक अस्थिरता को दर्शाता है।
मोदी के नेतृत्व और ग्रामीण विकास की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकॉर्ड पर चंद्रवंशी ने कहा कि आज पूरी दुनिया पीएम मोदी को आस्था और विश्वास की नज़र से देखती है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया पर्यावरण असंतुलन, आर्थिक चुनौतियों या वैश्विक समस्याओं का सामना करती है, तब नेतृत्व के लिए निगाहें मोदी पर टिकती हैं।
चंद्रवंशी ने ग्रामीण भारत में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गाँवों की महिलाएँ जलावन के लिए जंगलों से लकड़ियाँ इकट्ठा करती थीं, लेकिन आज उज्ज्वला योजना के कारण गाँव धुएँ से मुक्त हो रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल और बुनियादी ढाँचे की सुविधाएँ अब तेज़ी से गाँवों तक पहुँची हैं। उन्होंने इन बदलावों का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया।