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तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया, 'चलो लोक भवन' मार्च पुलिस ने रोका

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तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया, 'चलो लोक भवन' मार्च पुलिस ने रोका

सारांश

हैदराबाद में 'चलो लोक भवन' मार्च के दौरान पुलिस ने टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड समेत कई मंत्रियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत और नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर था।

मुख्य बातें

हैदराबाद पुलिस ने 22 जुलाई को टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड समेत कई कांग्रेस मंत्रियों और नेताओं को हिरासत में लिया।
मार्च नई दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में और नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित था।
पुलिस ने रैली को खैराताबाद चौराहे पर रोका; टीपीसीसी प्रमुख और मंत्रियों को नामपल्ली , अन्य को पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने छात्रों पर लाठीचार्ज को 'अमानवीय' बताया।
रेवंत रेड्डी ने विकाराबाद जिले के कोडंगल में अलग विरोध रैली का नेतृत्व किया।

हैदराबाद पुलिस ने बुधवार, 22 जुलाई को तेलंगाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जब वे लोक भवन की ओर मार्च कर रहे थे। यह प्रदर्शन नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं की हिरासत के विरोध में आयोजित किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड के 'चलो लोक भवन' आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नेकलेस रोड पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और लोक भवन की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारी बैनर और पार्टी के झंडे लिए हुए थे और नारे लगा रहे थे।

पुलिस ने खैराताबाद चौराहे पर मार्च को रोक दिया और नेताओं को हिरासत में ले लिया। टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड, राज्य के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, सरकारी सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर, बालमोरी वेंकट, रोहिन रेड्डी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और मोहम्मद अजहरुद्दीन भी रैली में शामिल हुए।

किसे कहाँ ले जाया गया

पुलिस टीपीसीसी अध्यक्ष और मंत्रियों को नामपल्ली पुलिस स्टेशन ले गई, जबकि शेष नेताओं और कार्यकर्ताओं को पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन भेजा गया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राहुल गांधी को रोकने की कोशिशों में नाकाम रहेगी।

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि तेलुगु जनता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं की हिरासत की कड़ी निंदा करती है।

उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने नई दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को 'अमानवीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्र नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे।

विक्रमार्क ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाएंगे या उनसे इस्तीफा दिलाएंगे, लेकिन सरकार ने इसके बजाय लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने का रास्ता चुना।

मुख्यमंत्री का विरोध

इससे पहले, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विकाराबाद जिले के कोडंगल में एक अलग विरोध रैली का नेतृत्व किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग दोहराई।

क्या होगा आगे

यह विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक विवाद और विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव की व्यापक पृष्ठभूमि में हुआ है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर हंगामे की आशंका बनी हुई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के और विरोध प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

अभिभावकों और मध्यवर्ग तक सीधे पहुँचता है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि जो पार्टी तेलंगाना में सत्ता में है, उसके मंत्री सड़क पर उतरकर हिरासत में जाने का नाटक क्यों कर रहे हैं — जबकि राज्य की पुलिस उन्हीं की सरकार के अधीन है। यह विरोध प्रदर्शन मानसून सत्र से पहले केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा दिखता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
हैदराबाद पुलिस ने 22 जुलाई को 'चलो लोक भवन' मार्च के दौरान तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। यह मार्च नई दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की हिरासत के विरोध में और नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित किया गया था।
किन प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया गया?
टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, सरकारी सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर, बालमोरी वेंकट, रोहिन रेड्डी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और मोहम्मद अजहरुद्दीन भी रैली में शामिल थे।
नीट पेपर लीक विवाद से इस प्रदर्शन का क्या संबंध है?
कांग्रेस नेता नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि नई दिल्ली में इसी माँग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज 'अमानवीय' था।
'चलो लोक भवन' मार्च कहाँ रोका गया और नेताओं को कहाँ ले जाया गया?
पुलिस ने खैराताबाद चौराहे पर मार्च को रोका। टीपीसीसी अध्यक्ष और मंत्रियों को नामपल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जबकि बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन भेजा गया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस विरोध में क्या भूमिका निभाई?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विकाराबाद जिले के कोडंगल में एक अलग विरोध रैली का नेतृत्व किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई। वे हैदराबाद के 'चलो लोक भवन' मार्च में सीधे शामिल नहीं थे।
राष्ट्र प्रेस
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