सोनिया गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं, हिरासत में ली गईं प्रियंका से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी मंगलवार देर रात नई दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं, जहाँ उनकी बेटी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में रखा था। 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हटाकर अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया था। सोनिया गांधी के साथ भारी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी थाने के बाहर मौजूद रहे।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने लोक कल्याण मार्ग पर मार्च कर रहे विपक्षी नेताओं को मंगलवार को हटाया। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और कई अन्य सांसदों को किंग्सवे कैंप क्षेत्र में ले जाया गया। राहुल गांधी काफी देर तक सड़क पर डटे रहे और हटने से इनकार करते रहे, जिसके बाद कई पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेरकर पुलिस वाहन में बैठाया।
विरोध का कारण और पृष्ठभूमि
यह विरोध-प्रदर्शन सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के एक दिन बाद हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च में शामिल थे। यह प्रदर्शन शिक्षा से जुड़े मुद्दों — विशेष रूप से परीक्षा पेपर लीक — पर सरकार के विरुद्ध विपक्ष के अभियान का हिस्सा था।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा — 'प्रधानमंत्री मोदी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो — छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी।' उन्होंने लोगों से धरने में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार पर छात्रों की चिंताओं का जवाब न देने का आरोप लगाया।
सरकार से वार्ता बेनतीजा
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात की, लेकिन कांग्रेस नेताओं के अनुसार बातचीत बेनतीजा रही। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा पेपर लीक पर संसद में चर्चा की माँग पर अडिग रही, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया।
आगे क्या
हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और विपक्ष के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि पेपर लीक मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव जारी रहेगा।