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तेलंगाना में लू से 16 मौतें, सात जिले प्रभावित; पीड़ित परिवारों को ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान

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तेलंगाना में लू से 16 मौतें, सात जिले प्रभावित; पीड़ित परिवारों को ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान

सारांश

तेलंगाना इस साल हीटवेव से आधिकारिक मौतें दर्ज करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है — सात जिलों में 16 जानें जा चुकी हैं। सरकार ने ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान किया और 26 मई तक 10 जिलों में अलर्ट जारी है। अल-नीनो ने इस बार गर्मी को असामान्य रूप से प्रचंड बना दिया है।

मुख्य बातें

तेलंगाना के सात जिलों में लू लगने से 16 लोगों की मौत हुई; यह इस साल हीटवेव मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि करने वाला देश का पहला राज्य है।
जयशंकर भूपालपल्ली में सर्वाधिक 4 मौतें ; वारंगल अर्बन , करीमनगर और निजामाबाद में 3-3 मौतें।
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹4 लाख मुआवजे का आदेश दिया।
मौसम विभाग ने 26 मई तक 10 जिलों में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है।
अल-नीनो के प्रभाव से इस वर्ष लू की तीव्रता असामान्य रूप से अधिक बताई जा रही है।
बस स्टैंड, बाज़ार और निर्माण स्थलों पर ठंडा पानी, मट्ठा और ओआरएस उपलब्ध कराने के निर्देश; सुबह 11 से शाम 4 बजे तक घर से न निकलने की अपील।

तेलंगाना के सात जिलों में भीषण लू और गर्मी के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे यह राज्य इस वर्ष हीटवेव से आधिकारिक मौतें दर्ज करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। 23 मई को हैदराबाद में आयोजित आपात समीक्षा बैठक के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

जिलेवार मृत्यु का विवरण

जिला कलेक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, जयशंकर भूपालपल्ली जिले में सर्वाधिक 4 मौतें दर्ज की गई हैं। वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद जिलों में 3-3 लोगों की जान गई। इसके अतिरिक्त जोगुलाम्बा गडवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।

गौरतलब है कि ये आँकड़े केवल आधिकारिक रूप से पुष्टि हुई मौतों के हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मामले दर्ज नहीं होते।

सरकार की आपात प्रतिक्रिया

राज्य के राजस्व, आवास एवं सूचना मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को राहत राशि प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, 'गर्मी की वजह से एक भी जान नहीं जानी चाहिए।' प्रत्येक जिला कलेक्टर को स्वयं स्थिति की निगरानी करने और गाँव स्तर तक अधिकारियों की फील्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अल-नीनो का असर और मौसम विभाग की चेतावनी

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण लू की तीव्रता असामान्य रूप से अधिक है। अल-नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे हवाओं की दिशा बदलती है और भारत जैसे देशों में गर्मी की लहरें अधिक प्रचंड हो जाती हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 मई तक करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, हैदराबाद और रंगारेड्डी जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा।

आम जनता के लिए राहत उपाय

सरकार ने बस स्टैंड, बाज़ार, मुख्य सड़कों, निर्माण स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठंडा पानी, मट्ठा और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हीटस्ट्रोक के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार के लिए मेडिकल टीमें तैयार रखने को कहा गया है।

मंत्री ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार व्यक्तियों से सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से न निकलने की अपील की। खेतों और सड़कों पर काम करने वाले मज़दूरों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और जानवरों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं।

क्या होगा आगे

उच्च तापमान वाले मंडलों और गाँवों में अग्रिम चेतावनी जारी करने, मीडिया, सोशल मीडिया और मुनादी के ज़रिए जागरूकता फैलाने का अभियान जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मानसून-पूर्व गर्मी का मौसम चरम पर है और जलवायु विशेषज्ञ लगातार चेता रहे हैं कि भारत में हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य के पास कोई दीर्घकालिक हीट एक्शन प्लान है जो मृत्यु को रोके, न कि केवल उसकी भरपाई करे। अल-नीनो को कारण बताना वैज्ञानिक रूप से सही है, पर यह उस असुविधाजनक सच को नहीं ढकता कि शहरी ताप द्वीप प्रभाव और बेरोकटोक निर्माण ने तेलंगाना के शहरों को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। जब तक हीट एक्शन योजनाएँ प्रतिक्रियात्मक की बजाय निवारक नहीं बनतीं, हर गर्मी में यही चक्र दोहराता रहेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में लू से कितने लोगों की मौत हुई और कौन-से जिले प्रभावित हैं?
तेलंगाना के सात जिलों में लू लगने से कुल 16 लोगों की मौत हुई है। जयशंकर भूपालपल्ली में 4, वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद में 3-3, तथा जोगुलाम्बा गडवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट में एक-एक मौत दर्ज की गई है।
तेलंगाना सरकार ने लू पीड़ित परिवारों को कितना मुआवजा देने का ऐलान किया?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने के आदेश दिए हैं। राहत राशि की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया है।
तेलंगाना में हीटवेव अलर्ट कब तक जारी है और कौन-से जिले प्रभावित हैं?
मौसम विभाग ने 26 मई तक करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, हैदराबाद और रंगारेड्डी जिलों में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है।
अल-नीनो का तेलंगाना की गर्मी से क्या संबंध है?
अल-नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इससे हवाओं की दिशा बदलती है और भारत में गर्मी की लहरें अधिक तीव्र हो जाती हैं। मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने इसी को इस वर्ष असामान्य लू का प्रमुख कारण बताया है।
लू से बचाव के लिए तेलंगाना सरकार ने क्या उपाय किए हैं?
सरकार ने बस स्टैंड, बाज़ार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठंडा पानी, मट्ठा और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमारों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से न निकलने की अपील की गई है, और हीटस्ट्रोक के लिए मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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