राम मंदिर चढ़ावा गबन पर तेलंगाना मंत्री पोन्नम प्रभाकर की भाजपा से माफी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सोमवार, 6 जुलाई को हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) से माँग की कि वह अयोध्या के राम मंदिर में कथित करोड़ों रुपए के गबन के लिए देश की जनता से सार्वजनिक माफी माँगे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि BJP ने राजनीतिक लाभ के लिए भगवान राम के नाम और 'अक्षितालु' (हल्दी लगे चावल के दाने) का दुरुपयोग किया।
मंत्री के मुख्य आरोप
पोन्नम प्रभाकर ने दावा किया कि राम जन्मभूमि मंदिर से धन की कथित चोरी समस्त हिंदुओं का अपमान है। उन्होंने कहा, 'यह भगवान के नाम पर किया गया घोटाला था। BJP ही वह पार्टी है जिसने इस घोटाले के लिए भगवान के नाम का इस्तेमाल किया।' उनके अनुसार BJP ने दान पेटियों को लूटा और पूरे देश से भगवान राम के नाम पर एकत्र किए गए फंड का दुरुपयोग किया।
मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए आधारशिला रखी थी और देश भर के लाखों श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था।
अयोध्या की जनता का संदर्भ
पोन्नम प्रभाकर ने दावा किया कि अयोध्या के स्थानीय लोगों ने ही सबसे पहले मंदिर में हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जिस BJP ने राम और 'अक्षितालु' के नाम पर वोट माँगे थे, उसे अयोध्या की जनता ने चुनाव में हराकर अपना जवाब दे दिया। गौरतलब है कि यह बयान हाल के लोकसभा चुनावों में अयोध्या संसदीय सीट पर BJP की हार के संदर्भ में दिया गया है।
BJP से जवाबदेही की माँग
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि BJP के वरिष्ठ नेताओं को राम मंदिर फंड के कथित गबन के मामले में सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जो लोग राम के नाम और भक्ति की आड़ में राजनीति करते हैं, उन्हें देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि वहाँ जो हुआ वह गलत था।' BJP की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
तेलंगाना मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी बोले
इसी प्रेस वार्ता में पोन्नम प्रभाकर ने तेलंगाना में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया पर भी बात की। उन्होंने बताया कि एन्यूमरेशन फॉर्म हर घर तक पहुँच चुके हैं और कांग्रेस पार्टी के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से न छूटे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं सात मंडलों का दौरा किया और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। हैदराबाद और सिकंदराबाद संसदीय क्षेत्रों के लिए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में एक बैठक भी आयोजित की गई।
आगे क्या
पोन्नम प्रभाकर के इस बयान से तेलंगाना की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है। राम मंदिर फंड विवाद पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया और केंद्र सरकार का रुख आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगा।