तेलंगाना स्कूल में बिंदी-चूड़ी उतरवाने पर वीएचपी का विरोध, विनोद बंसल ने माँगी तत्काल कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के एक स्कूल में एक छात्रा के हाथों से चूड़ियाँ और राखी का धागा हटाने तथा माथे की बिंदी उतरवाने की कथित घटना सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था के प्रति कथित असम्मान करार देते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की है।
क्या है पूरा मामला
वीएचपी के अनुसार, तेलंगाना के उक्त स्कूल में एक मुस्लिम शिक्षिका की ओर से छात्रा की चूड़ियाँ और राखी का धागा उतरवाए जाने के बाद बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर कर दिया गया। विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बच्चों के मन में भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति नकारात्मक भावना उत्पन्न कर सकती है। हालाँकि, घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
वीएचपी की प्रतिक्रिया और माँगें
बंसल ने कहा, 'बच्चों के मन में धर्म, आस्था और भारतीय संस्कृति को लेकर किसी तरह की नकारात्मक भावना पैदा करना गंभीर विषय है।' उन्होंने इस घटना को 'चिंताजनक और निंदनीय' बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की अपेक्षा व्यक्त की।
वीएचपी प्रवक्ता ने स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों की धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करें और किसी भी धर्म या संस्कृति के प्रति घृणा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी अलग-अलग जगहों से सामने आती रही हैं और हिंदू समाज इन्हें स्वीकार नहीं करेगा।
ओवैसी के बयान पर वीएचपी का पलटवार
बंसल ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी संविधान और कानून की दुहाई देते हैं, लेकिन संविधान की मूल भावना का पालन नहीं करते।
देशव्यापी सर्वे और धार्मिक जनसांख्यिकी से जुड़े आँकड़े जुटाने के मुद्दे पर बंसल ने कहा कि सरकार की ओर से विभिन्न वर्गों और समुदायों की शिक्षा, आवास, संपत्ति एवं आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया की बात कही गई है।
सर्वे डेटा पर विवाद
बंसल ने ओवैसी के उस रुख पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि सर्वे के आँकड़ों से मुसलमानों को नुकसान हो सकता है। वीएचपी नेता का कहना था कि अभी आँकड़े जुटाने की प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई है और उससे पहले ही नुकसान की आशंका जताना उचित नहीं है। उन्होंने ओवैसी से आग्रह किया कि बयानों के ज़रिए देश का माहौल बिगाड़ने की बजाय तथ्य सामने आने का इंतज़ार किया जाए।
आगे क्या
तेलंगाना सरकार और संबंधित स्कूल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला धार्मिक पहचान और शिक्षण संस्थानों में आचार-संहिता की बहस को फिर से केंद्र में ला सकता है।