टीजीटी-पीजीटी भर्ती 2026: अजय राय ने CM योगी को पत्र लिखा, 23,123 पदों पर पुराने नियमों से मौका देने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने 13 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यूपी टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) एवं पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) भर्ती-2026 में पूर्व प्रचलित नियमावली के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर दिए जाने की माँग की है। 23,123 रिक्त पदों पर प्रस्तावित इस भर्ती में पात्रता शर्तें बदल दिए जाने से बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थी अपात्र हो गए हैं। अजय राय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से इस विषय पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की भी अपील की है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रस्तावित इस भर्ती के लिए अनेक अभ्यर्थियों ने पहले से लागू नियमावली के अनुरूप अपनी शैक्षिक योग्यता अर्जित की थी और लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही पात्रता एवं शैक्षिक योग्यता संबंधी शर्तों में परिवर्तन कर दिया गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी वर्तमान भर्ती में अपात्र हो गए।
अजय राय के अनुसार, अभ्यर्थियों की माँग केवल पूर्व व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं, बल्कि यह उस बुनियादी न्याय की माँग है जो उन्होंने उस समय प्रचलित नियमों पर भरोसा करके अपना करियर तैयार किया।
अभ्यर्थियों पर असर
कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों की स्थिति पर ध्यान दिलाया जो आयु सीमा या अन्य व्यावहारिक कारणों से अगली भर्ती की प्रतीक्षा नहीं कर सकते। ऐसे युवाओं के लिए नई पात्रता शर्तें लागू करना उनके वर्षों के परिश्रम और रोजगार की संभावना को लगभग समाप्त कर देता है।
गौरतलब है कि यह विषय सीधे तौर पर हजारों युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़ा है, जिन्होंने एक निश्चित नियमावली के भरोसे अपनी शैक्षिक योग्यता और तैयारी की दिशा तय की थी।
कांग्रेस की माँग
अजय राय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित विभाग एवं उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए जाएँ कि विधिक एवं प्रशासनिक रूप से संभव व्यवस्था के अंतर्गत पूर्व नियमावली के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को यूपी टीजीटी-पीजीटी 2026 भर्ती में एक अवसर प्रदान किया जाए। उन्होंने इसे 'संतुलित एवं न्यायसंगत उपाय' करार दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों में पहले से असंतोष की स्थिति रही है और नियमों में बदलाव के कारण बार-बार विवाद उठते रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अजय राय ने आयोग से अविलंब सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
क्या होगा आगे
अभ्यर्थियों की नज़रें अब राज्य सरकार और शिक्षा सेवा चयन आयोग के रुख पर टिकी हैं। यदि सरकार पूर्व नियमावली के आधार पर एक-बार की छूट देती है, तो इससे उन हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो नई पात्रता शर्तों के कारण अपात्र हो गए हैं। भर्ती प्रक्रिया की अगली कड़ी पर सबकी निगाहें टिकी हैं।