थारू संस्कृति: उत्तराखंड की धरोहर, हमारी साझा जिम्मेदारी - सीएम धामी

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थारू संस्कृति: उत्तराखंड की धरोहर, हमारी साझा जिम्मेदारी - सीएम धामी

सारांश

देहरादून में मुख्यमंत्री धामी ने थारू संस्कृति की महत्ता पर चर्चा की। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और जनजातीय विकास के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया।

Key Takeaways

  • थारू संस्कृति उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर है।
  • मुख्यमंत्री धामी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
  • नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता है।
  • महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
  • सरकार जनजातीय परिवारों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

देहरादून, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल माध्यम से खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं बेहद समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने बताया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि केवल खटीमा ही नहीं, अपितु पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

सीएम ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपए की सहायता प्रदान की गई है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग २८ प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है और इन विद्यालयों को कक्षा १२ तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों और शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि और निवेश सहायता देकर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है और हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण और जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

धामी ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

सीएम धामी ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया और जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

Point of View

जो उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा का वादा करती हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

थारू संस्कृति का महत्व क्या है?
थारू संस्कृति उत्तराखंड की ऐतिहासिक धरोहर है, जिसमें अनूठे रीति-रिवाज, लोकगीत और नृत्य शामिल हैं।
सीएम धामी ने थारू होली महामहोत्सव में क्या कहा?
उन्होंने थारू समाज की सांस्कृतिक समृद्धि की सराहना की और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
सरकार जनजातीय विकास के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाना है।
महिलाओं के लिए क्या योजनाएं हैं?
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
क्या थारू समाज के लिए विशेष योजनाएं हैं?
जी हां, जनजातीय समाज के विकास के लिए कई विशेष योजनाएं लागू की गई हैं, जैसे आवास योजनाएं और शिक्षा के विकास के लिए धनराशि।
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