20 अगस्त 2026
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राजस्थान में मीडिया पर शिक्षा कवरेज बैन: टीकाराम जूली और सचिन पायलट ने भजनलाल सरकार के खिलाफ विधानसभा मार्च किया

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राजस्थान में मीडिया पर शिक्षा कवरेज बैन: टीकाराम जूली और सचिन पायलट ने भजनलाल सरकार के खिलाफ विधानसभा मार्च किया

सारांश

भजनलाल सरकार ने मीडिया को शिक्षा विभाग की कवरेज से रोका — विपक्ष ने इसे 'ढक्कन कानून' करार दिया। 3,768 जर्जर स्कूल, 9 लाख ड्रॉपआउट बच्चे और सवा लाख खाली पद — टीकाराम जूली और सचिन पायलट ने जयपुर में विधानसभा तक मार्च कर सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

टीकाराम जूली और सचिन पायलट ने 20 अगस्त को जयपुर में विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला।
भजनलाल सरकार के उस आदेश का विरोध, जिसमें मीडिया को शिक्षा विभाग की कवरेज से रोका गया है।
जूली के अनुसार राज्य में 3,768 स्कूल जर्जर, 85,000 क्लासरूम क्षतिग्रस्त और 9 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं।
सरकार पर सवा लाख शिक्षण पद रिक्त रखने का आरोप, जबकि सत्ता में आने से पहले पहले साल भरने का वादा था।
कांग्रेस ने राजस्थान के सभी स्कूलों का दौरा कर जर्जर हालत उजागर करने की घोषणा की।

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 20 अगस्त 2026 को कांग्रेस विधायकों के साथ जयपुर में विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन भजनलाल सरकार के उस आदेश के विरोध में था, जिसमें मीडिया को शिक्षा विभाग की कवरेज करने से रोका गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी इस मार्च में शामिल हुए और दोनों नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत की।

मीडिया पर रोक का आदेश — क्या है विवाद

भजनलाल सरकार ने एक आदेश जारी कर मीडिया को शिक्षा विभाग से जुड़ी खबरें करने पर कथित तौर पर प्रतिबंधित किया है। आलोचकों का कहना है कि इस आदेश के चलते पत्रकार अब यह नहीं बता पाएंगे कि राज्य के स्कूल किस हालत में हैं या शिक्षा प्रणाली कितनी बदहाल हो चुकी है। विपक्ष इसे सरकारी विफलताओं को छुपाने की कोशिश बता रहा है।

टीकाराम जूली के आरोप — आँकड़े और दावे

टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य में सवा लाख से अधिक शिक्षण पद अभी भी रिक्त पड़े हैं, जबकि सरकार ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि पहले ही साल में सभी पद भर दिए जाएंगे। उनके अनुसार, 9 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं और 3,768 स्कूल इतने जर्जर हो चुके हैं कि वहाँ पढ़ाई संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्कूलों में 85,000 क्लासरूम क्षतिग्रस्त हैं।

जूली ने कहा, 'ये लोग बच्चों की आवाज को दबाना चाहते हैं। हर घर में बच्चा है — आखिरकार आप कितने बच्चों को रोकेंगे।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीएसआर का पैसा स्कूलों की बजाय अन्य संगठनों को दिया जा रहा है और यदि यह राशि स्कूलों को मिलती, तो स्थिति बदल सकती थी।

उन्होंने राजीव गांधी की पुण्यतिथि का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने नवोदय विद्यालय, सर्व शिक्षा अभियान और समग्र शिक्षा अभियान जैसी योजनाएं शुरू की थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया।

सचिन पायलट की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में कई स्कूलों की छतें गिर रही हैं, और ऐसे में मीडिया को रोकना सरकार की अपनी गलतियाँ छुपाने की कोशिश है।

पायलट ने कहा, 'सरकार के पास न फंड है और न नीयत। अगर प्राथमिकता तय की जाए, तो सुधार हो सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे खुद सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं क्योंकि कहीं शिक्षक नहीं है, तो कहीं इमारतें इतनी जर्जर हैं कि पढ़ाई हो ही नहीं सकती।

विपक्ष की आगे की रणनीति

टीकाराम जूली ने ऐलान किया कि कांग्रेस राजस्थान के सभी स्कूलों का दौरा करेगी और वहाँ की जर्जर हालत को जनता के सामने उजागर करेगी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।' विपक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि वह विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा और सरकार से जवाब माँगेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

768 जर्जर स्कूल और 9 लाख ड्रॉपआउट बच्चों के आँकड़े यदि सही हैं, तो यह केवल विपक्षी आरोप नहीं, बल्कि नीतिगत विफलता का प्रमाण है। सवाल यह भी है कि सर्व शिक्षा अभियान जैसी केंद्र-प्रायोजित योजनाएँ राज्य में क्यों बाधित हुईं — इसकी जवाबदेही केंद्र और राज्य दोनों पर बनती है। मीडिया को रोककर सरकार ने अनजाने में इस मुद्दे को और बड़ा कर दिया है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भजनलाल सरकार ने मीडिया पर शिक्षा कवरेज की रोक क्यों लगाई?
सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़ी मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है, हालाँकि इसका आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जर्जर स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को जनता से छुपाने के लिए यह कदम उठा रही है।
टीकाराम जूली ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था पर क्या आँकड़े दिए?
जूली के अनुसार राज्य में 3,768 स्कूल जर्जर हो चुके हैं, 85,000 क्लासरूम क्षतिग्रस्त हैं, 9 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं और सवा लाख से अधिक शिक्षण पद खाली हैं। ये आँकड़े विपक्ष के दावे हैं और सरकार की ओर से इनकी पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।
सचिन पायलट ने विरोध मार्च में क्या कहा?
सचिन पायलट ने कहा कि भजनलाल सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है और मानसून में स्कूलों की छतें गिर रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया पर रोक लगाकर सरकार अपनी गलतियाँ छुपाने की कोशिश कर रही है और विधानसभा में सरकार को जवाब देना होगा।
कांग्रेस आगे क्या करने की योजना बना रही है?
टीकाराम जूली ने ऐलान किया है कि कांग्रेस राजस्थान के सभी स्कूलों का दौरा करेगी और वहाँ की जर्जर हालत को जनता के सामने उजागर करेगी। विपक्ष ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और सरकार से जवाब माँगने की भी घोषणा की है।
कांग्रेस ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी किन योजनाओं का हवाला दिया?
कांग्रेस नेताओं ने नवोदय विद्यालय, सर्व शिक्षा अभियान और समग्र शिक्षा अभियान का उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने अपनी पार्टी की उपलब्धि बताया। जूली ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं को बंद कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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