राजस्थान में शिक्षा विभाग पर मीडिया बैन के खिलाफ कांग्रेस का विधानसभा मार्च, टीकाराम जूली बोले — '3,768 स्कूल जर्जर, 9 लाख बच्चे छोड़ चुके पढ़ाई'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा, 20 अगस्त — विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कांग्रेस विधायकों के साथ गुरुवार को जयपुर में विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च भजनलाल सरकार के उस आदेश के विरोध में था जिसके तहत मीडिया को शिक्षा विभाग की ग्राउंड-लेवल कवरेज करने से रोका गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी इस मार्च में शामिल हुए और पत्रकारों से बातचीत की।
मीडिया बैन का विवाद
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर पत्रकारों को सरकारी स्कूलों की हालत की रिपोर्टिंग से रोकने का प्रयास किया है। टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि यह कदम सरकार की विफलताओं को जनता की नज़रों से छिपाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, 'ये लोग हमें नहीं रोक पाएंगे। ये बच्चों की आवाज़ को दबाना चाहते हैं — हर घर में बच्चा है, आखिरकार कितने बच्चों को रोकेंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में मानसून सत्र चल रहा है और कई जिलों से स्कूल भवनों की छतें गिरने की खबरें सामने आई हैं।
शिक्षा व्यवस्था की स्थिति — विपक्ष के आँकड़े
जूली ने विधानसभा मार्च के दौरान कई आँकड़े पेश किए। उनके अनुसार राज्य में 3,768 स्कूल जर्जर अवस्था में हैं जहाँ 85,000 कक्षाएँ क्षतिग्रस्त हैं। 9 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं और सवा लाख शिक्षक पद अभी भी रिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने वादा किया था कि पहले ही साल में सभी रिक्त पद भरे जाएंगे, लेकिन यह वादा अधूरा रह गया। गौरतलब है कि शिक्षक रिक्तियों की समस्या राजस्थान में पिछले कई वर्षों से चली आ रही है और हर सरकार के दौरान यह मुद्दा उठता रहा है।
सचिन पायलट की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि भजनलाल सरकार शिक्षा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'मानसून का मौसम है, कई जगहों पर छतें गिर रही हैं। सरकार चाहती है कि कोई पत्रकार वहाँ न जाए — यह अपनी गलतियाँ छिपाने की कोशिश है।'
पायलट ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों को पिछली सरकारों ने खोला था, उन्हें बंद किया जा रहा है और बच्चे खुद सड़कों पर आकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने माँग की कि सरकार विधानसभा में जवाब दे।
कांग्रेस के दावे और ऐतिहासिक संदर्भ
टीकाराम जूली ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान और समग्र शिक्षा अभियान कांग्रेस की देन हैं। उन्होंने राजीव गांधी की पुण्यतिथि का हवाला देते हुए कहा कि नवोदय विद्यालय उनकी ही विरासत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CSR का धन स्कूलों की बजाय अन्य संगठनों को दिया जा रहा है।
आलोचकों का कहना है कि शिक्षा बजट और बुनियादी ढाँचे की उपेक्षा केवल एक सरकार की विफलता नहीं है — यह दशकों की नीतिगत लापरवाही का परिणाम है। हालाँकि, मौजूदा सरकार पर मीडिया कवरेज रोकने का आरोप एक नया और गंभीर आयाम जोड़ता है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वे राजस्थान के सभी जिलों के स्कूलों का दौरा करेंगे और वहाँ की स्थिति जनता के सामने रखेंगे। जूली ने कहा, 'यह सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।' विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगे जाने की संभावना है।