राजस्थान में मीडिया पर शिक्षा कवरेज बैन: टीकाराम जूली और सचिन पायलट का विधानसभा मार्च
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 20 अगस्त 2026 को कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर जयपुर में विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च भजनलाल सरकार के उस आदेश के विरोध में था, जिसके तहत मीडिया को शिक्षा विभाग की कवरेज करने से रोका गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए और मार्च के दौरान दोनों नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत की।
मीडिया पर पाबंदी का मामला
भजनलाल सरकार के आदेश के अनुसार, मीडिया अब शिक्षा विभाग से जुड़ी खबरें — जैसे स्कूलों की जर्जर स्थिति या शिक्षा प्रणाली की बदहाली — जनता तक नहीं पहुँचा सकती। आलोचकों का कहना है कि यह आदेश सरकार की विफलताओं को छिपाने की कोशिश है। जूली ने कहा, 'ये लोग बच्चों की आवाज को दबाना चाहते हैं। आप कितने मीडिया वालों को रोकने का काम करेंगे।'
शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर आरोप
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि राजस्थान में सवा लाख शिक्षक पद अभी भी रिक्त हैं, जबकि सत्ता में आने से पहले सरकार ने पहले ही वर्ष में सभी पद भरने का वादा किया था। उनके अनुसार, 9 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं, 3,768 स्कूल जर्जर हो चुके हैं और 85,000 क्लासरूम क्षतिग्रस्त हैं। जूली ने यह भी आरोप लगाया कि सीएसआर फंड का पैसा स्कूलों की बजाय आरएसएस को दिया जा रहा है।
सचिन पायलट की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'मानसून का सीजन आ चुका है, कई जगहों पर छत गिर रही है। सरकार चाहती है कि कोई भी पत्रकार वहाँ न जाए — यह अपनी गलतियाँ छिपाने की कोशिश है।' पायलट ने कहा कि सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है और उसे सदन में जवाब देना होगा।
राजीव गांधी की पुण्यतिथि का संदर्भ
जूली ने यह भी उल्लेख किया कि 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने नवोदय विद्यालय खुलवाए थे, जिनसे पढ़े बच्चे आज देश-दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान और समग्र शिक्षा अभियान को कांग्रेस की उपलब्धि बताया और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन कार्यक्रमों को बंद कर दिया।
आगे की रणनीति
टीकाराम जूली ने घोषणा की कि कांग्रेस राजस्थान के सभी स्कूलों में जाकर वहाँ की जर्जर हालत लोगों के सामने रखेगी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक ट्रेलर है, अभी पूरी फिल्म बाकी है।' पायलट ने भी स्पष्ट किया कि सदन में सरकार से जवाबदेही माँगी जाएगी। यह विरोध राजस्थान में शिक्षा नीति और मीडिया स्वतंत्रता दोनों मुद्दों को एक साथ केंद्र में ले आया है।