टीएमसी में विभाजन अवश्यंभावी — जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन का दावा, ममता के लिए पार्टी बचाना मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 14 जून 2026 को पटना में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का विभाजन अब तय है और ममता बनर्जी के लिए पार्टी को एकजुट रखना बेहद मुश्किल हो गया है। यह बयान दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक की पृष्ठभूमि में आया है।
टीएमसी में टूट पर जदयू का आकलन
राजीव रंजन ने कहा, 'टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों को अब टीएमसी पर बोझ के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में दोनों एक-दूसरे से दूरी बनाने की होड़ में हैं, यही वजह है कि पहले कई विधायक अलग हुए और अब सांसदों के बीच टूट हो रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ममता बनर्जी द्वारा पार्टी संगठन में किए जा रहे बड़े बदलाव इसी संकट की प्रतिक्रिया हैं। गौरतलब है कि टीएमसी में यह आंतरिक उथल-पुथल ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी जोर पकड़ रही हैं।
मोदी के फ्रांस दौरे और जी-7 पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे पर राजीव रंजन ने कहा, 'इस दौरे के दौरान कई द्विपक्षीय समझौते होने की संभावनाएँ हैं। भारत और फ्रांस के बीच व्यावसायिक, रणनीतिक और सामरिक साझेदारी का लंबा और समृद्ध इतिहास रहा है। इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बैठक दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना पर उन्होंने कहा कि यह वैश्विक शांति की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।
पाटलिपुत्र स्टेशन पर तोड़फोड़ — छात्रों को चेतावनी
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों द्वारा ट्रेन में तोड़फोड़ और पथराव की घटना पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, 'छात्रों को विपक्ष की उकसावे वाली हरकतों का शिकार नहीं होना चाहिए। वे भारत का भविष्य हैं और उन्हें शांत एवं अनुशासित रहना चाहिए। हाल के दिनों में छात्र पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देने के बजाय बार-बार ऐसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।'
जदयू की आगामी राष्ट्रीय बैठक
जनता दल यूनाइटेड की आगामी संगठनात्मक बैठक के बारे में राजीव रंजन ने बताया कि यह पार्टी के लिए एक अहम बैठक होगी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी को मज़बूत करने और बिहार के एक करोड़ सदस्यों को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने पर विचार किया जाएगा।
राजनीतिक संदर्भ
जदयू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीएमसी में आंतरिक असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि टीएमसी का संकट केवल नेतृत्व विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी की ज़मीनी पकड़ कमज़ोर होने का भी संकेत है। आने वाले हफ्तों में टीएमसी के भीतर घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।