31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट रद्द: टीवीके सरकार ने 2023 की अधिसूचना वापस ली, विरासत शहर को मिली राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट रद्द: टीवीके सरकार ने 2023 की अधिसूचना वापस ली, विरासत शहर को मिली राहत

सारांश

TVK सरकार ने 10 अगस्त 2026 को कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट रद्द कर 2023 की CMDA अधिसूचना वापस ली। परंदूर एयरपोर्ट और सेमेनचेरी स्पोर्ट्स सिटी के बाद यह तीसरा बड़ा पलटाव है, जिसने तमिलनाडु की पूरी न्यू-टाउन नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

TVK सरकार ने 10 अगस्त 2026 को सरकारी आदेश जारी कर कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट औपचारिक रूप से रद्द किया।
फरवरी 2023 में DMK सरकार द्वारा जारी CMDA अधिसूचना वापस ली गई, जो 18 राजस्व गांवों और 62.78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती थी।
परियोजना का लक्ष्य कांचीपुरम का विस्तार नेशनल हाईवे 48 की ओर करना और 2025-2045 की विरासत पुनरुद्धार योजना तैयार करना था।
यह निर्णय परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना छोड़ने और ₹205.89 करोड़ के सेमेनचेरी स्पोर्ट्स सिटी वर्क ऑर्डर रद्द करने के बाद आया।
2026-27 के नीति नोट में तिरुमझिसाई, मिंजुर सहित 7 स्थानों की पूर्व-प्रस्तावित विकास योजनाओं का कोई उल्लेख नहीं, जिससे राज्य की न्यू-टाउन नीति अनिश्चित।

तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने 10 अगस्त 2026 को जारी सरकारी आदेश के ज़रिए कांचीपुरम न्यू टाउन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है। आवास और शहरी विकास विभाग ने फरवरी 2023 में तत्कालीन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार द्वारा जारी वह अधिसूचना वापस ले ली है, जिसमें चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) को इस ऐतिहासिक शहर के लिए व्यापक विकास योजना तैयार करने का अधिकार दिया गया था। इस निर्णय से 2025-2045 की अवधि के लिए तैयार की जा रही योजना पर पूरी तरह विराम लग गया है।

मूल परियोजना में क्या था

फरवरी 2023 में तत्कालीन DMK सरकार ने 18 राजस्व गांवों को मिलाकर 62.78 वर्ग किलोमीटर में एक नया शहर विकसित करने की घोषणा की थी। इस परियोजना का आधिकारिक नाम 'कांचीपुरम नए शहर के लिए नई टाउन डेवलपमेंट योजना और कांचीपुरम शहर के लिए विस्तृत विकास और विरासत पुनरुद्धार योजना 2025-2045' था।

प्रस्ताव का उद्देश्य कांचीपुरम के विस्तार को नेशनल हाईवे 48 की दिशा में ले जाना था, साथ ही ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं और भूमि उपयोग नियोजन को सुव्यवस्थित करना था। अधिकारियों ने बेतरतीब वाणिज्यिक विकास, बढ़ती यातायात समस्याओं और सार्वजनिक अवसंरचना पर दबाव को प्रमुख चिंताओं के रूप में रेखांकित किया था।

विरासत संरक्षण क्यों था केंद्र में

कांचीपुरम अपने प्राचीन मंदिरों, पारंपरिक बस्तियों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। अनियोजित शहरीकरण का इस विरासत पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ही एक अलग पुनरुद्धार योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया था। अधिसूचना जारी होने के बाद CMDA ने नए शहर का प्रारंभिक ब्लूप्रिंट और मुख्य विरासत क्षेत्रों की विस्तृत योजना पर काम भी शुरू कर दिया था।

सरकार के बड़े फैसलों की कड़ी में यह कदम

यह निर्णय TVK सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में लिए गए कई बड़े नीतिगत पलटावों की श्रृंखला में ताज़ा कदम है। इससे पहले सरकार प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से हट चुकी है और सेमेनचेरी में ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी के लिए जारी ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को भी रद्द कर चुकी है। हालांकि, स्पोर्ट्स सिटी प्रस्ताव को बड़े क्षेत्र में पुनर्डिज़ाइन कर पुनर्जीवित किए जाने की बात कही गई है।

नई-टाउन नीति पर उठे सवाल

विधानसभा में प्रस्तुत आवास और शहरी विकास विभाग के 2026-27 के नीति नोट में तिरुमझिसाई, मिंजुर, तिरुवल्लुर, ममलपुरम, चेंगलपट्टू, मरईमलाई नगर और श्रीपेरंबदूर के लिए पहले प्रस्तावित विकास योजनाओं का कोई उल्लेख नहीं है। इससे तमिलनाडु की समग्र न्यू-टाउन नीति को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है — यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार इन योजनाओं की समीक्षा करना चाहती है, उन्हें नए सिरे से तैयार करना चाहती है या पूरी तरह त्यागना चाहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन निर्णयों से राज्य की दीर्घकालिक शहरी नियोजन रणनीति पर पुनर्विचार के संकेत मिलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेमेनचेरी स्पोर्ट्स सिटी और अब न्यू टाउन: TVK सरकार DMK-युग की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वाकांक्षाओं से व्यवस्थित रूप से पीछे हट रही है। असली सवाल यह नहीं कि ये परियोजनाएँ क्यों रद्द हुईं, बल्कि यह है कि उनकी जगह क्या आएगा — 2026-27 के नीति नोट में सात शहरों की विकास योजनाओं का न होना बताता है कि सरकार के पास अभी तक कोई वैकल्पिक दृष्टि स्पष्ट नहीं है। कांचीपुरम जैसे विरासत शहरों में अनियोजित विकास की समस्या वास्तविक है; योजना रद्द करने से वह समस्या हल नहीं होती।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट क्या था और इसे क्यों रद्द किया गया?
यह फरवरी 2023 में DMK सरकार द्वारा घोषित परियोजना थी, जिसमें 18 राजस्व गांवों को मिलाकर 62.78 वर्ग किलोमीटर में नया शहर विकसित करना था। TVK सरकार ने 10 अगस्त 2026 के आदेश से इसे रद्द कर दिया, हालांकि रद्द करने के विशिष्ट कारणों का आधिकारिक विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
CMDA की भूमिका इस परियोजना में क्या थी?
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) को 2023 की अधिसूचना के तहत कांचीपुरम के लिए व्यापक विकास योजना तैयार करने का अधिकार दिया गया था। CMDA ने नए शहर का प्रारंभिक ब्लूप्रिंट और 2025-2045 की विरासत योजना पर काम भी शुरू कर दिया था, जो अब रद्द हो गया है।
क्या TVK सरकार ने इससे पहले भी कोई बड़ी परियोजना रद्द की है?
हाँ, TVK सरकार इससे पहले प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से हट चुकी है और सेमेनचेरी में ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी के लिए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को भी रद्द कर चुकी है। कांचीपुरम निर्णय इस क्रम में तीसरा बड़ा पलटाव है।
तमिलनाडु की न्यू-टाउन नीति का भविष्य क्या है?
विधानसभा में पेश 2026-27 के नीति नोट में तिरुमझिसाई, मिंजुर, तिरुवल्लुर, ममलपुरम, चेंगलपट्टू, मरईमलाई नगर और श्रीपेरंबदूर के लिए पहले प्रस्तावित योजनाओं का कोई उल्लेख नहीं है। इससे राज्य की समग्र न्यू-टाउन नीति की दिशा अनिश्चित बनी हुई है।
कांचीपुरम की विरासत पहचान इस परियोजना से कैसे जुड़ी थी?
कांचीपुरम के प्राचीन मंदिरों और पारंपरिक बस्तियों पर अनियोजित शहरीकरण के प्रभाव को देखते हुए मूल योजना में एक अलग विरासत पुनरुद्धार घटक शामिल था। परियोजना का पूरा नाम ही 'विस्तृत विकास और विरासत पुनरुद्धार योजना 2025-2045' था, जो अब रद्द हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले