कांचीपुरम न्यू टाउन प्रोजेक्ट रद्द: टीवीके सरकार ने 2023 की अधिसूचना वापस ली, विरासत शहर को मिली राहत
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने 10 अगस्त 2026 को जारी सरकारी आदेश के ज़रिए कांचीपुरम न्यू टाउन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है। आवास और शहरी विकास विभाग ने फरवरी 2023 में तत्कालीन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार द्वारा जारी वह अधिसूचना वापस ले ली है, जिसमें चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) को इस ऐतिहासिक शहर के लिए व्यापक विकास योजना तैयार करने का अधिकार दिया गया था। इस निर्णय से 2025-2045 की अवधि के लिए तैयार की जा रही योजना पर पूरी तरह विराम लग गया है।
मूल परियोजना में क्या था
फरवरी 2023 में तत्कालीन DMK सरकार ने 18 राजस्व गांवों को मिलाकर 62.78 वर्ग किलोमीटर में एक नया शहर विकसित करने की घोषणा की थी। इस परियोजना का आधिकारिक नाम 'कांचीपुरम नए शहर के लिए नई टाउन डेवलपमेंट योजना और कांचीपुरम शहर के लिए विस्तृत विकास और विरासत पुनरुद्धार योजना 2025-2045' था।
प्रस्ताव का उद्देश्य कांचीपुरम के विस्तार को नेशनल हाईवे 48 की दिशा में ले जाना था, साथ ही ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं और भूमि उपयोग नियोजन को सुव्यवस्थित करना था। अधिकारियों ने बेतरतीब वाणिज्यिक विकास, बढ़ती यातायात समस्याओं और सार्वजनिक अवसंरचना पर दबाव को प्रमुख चिंताओं के रूप में रेखांकित किया था।
विरासत संरक्षण क्यों था केंद्र में
कांचीपुरम अपने प्राचीन मंदिरों, पारंपरिक बस्तियों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। अनियोजित शहरीकरण का इस विरासत पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ही एक अलग पुनरुद्धार योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया था। अधिसूचना जारी होने के बाद CMDA ने नए शहर का प्रारंभिक ब्लूप्रिंट और मुख्य विरासत क्षेत्रों की विस्तृत योजना पर काम भी शुरू कर दिया था।
सरकार के बड़े फैसलों की कड़ी में यह कदम
यह निर्णय TVK सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में लिए गए कई बड़े नीतिगत पलटावों की श्रृंखला में ताज़ा कदम है। इससे पहले सरकार प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से हट चुकी है और सेमेनचेरी में ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी के लिए जारी ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को भी रद्द कर चुकी है। हालांकि, स्पोर्ट्स सिटी प्रस्ताव को बड़े क्षेत्र में पुनर्डिज़ाइन कर पुनर्जीवित किए जाने की बात कही गई है।
नई-टाउन नीति पर उठे सवाल
विधानसभा में प्रस्तुत आवास और शहरी विकास विभाग के 2026-27 के नीति नोट में तिरुमझिसाई, मिंजुर, तिरुवल्लुर, ममलपुरम, चेंगलपट्टू, मरईमलाई नगर और श्रीपेरंबदूर के लिए पहले प्रस्तावित विकास योजनाओं का कोई उल्लेख नहीं है। इससे तमिलनाडु की समग्र न्यू-टाउन नीति को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है — यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार इन योजनाओं की समीक्षा करना चाहती है, उन्हें नए सिरे से तैयार करना चाहती है या पूरी तरह त्यागना चाहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन निर्णयों से राज्य की दीर्घकालिक शहरी नियोजन रणनीति पर पुनर्विचार के संकेत मिलते हैं।