4 सितंबर 2026
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त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव 2026: अमित शाह से मिले सीएम माणिक साहा, बोले— बैठक रही 'रचनात्मक और फायदेमंद'

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त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव 2026: अमित शाह से मिले सीएम माणिक साहा, बोले— बैठक रही 'रचनात्मक और फायदेमंद'

सारांश

त्रिपुरा में 10 साल बाद हो रहे विलेज कमेटी चुनावों से पहले दिल्ली में अमित शाह, माणिक साहा और TMP प्रमुख देबबर्मा की अहम बैठक हुई। गठबंधन की राह अभी साफ नहीं — TMP ने आदिवासी जमीन अधिकारों पर ठोस कार्रवाई की शर्त रखी है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह से 4 सितंबर को नई दिल्ली में मिले त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ; बैठक को 'फायदेमंद और रचनात्मक' बताया।
TMP प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा और BJP के पूर्वोत्तर समन्वयक डॉ.
संबित पात्रा भी बैठक में उपस्थित रहे।
TMP ने 2 सितंबर को चेतावनी दी थी कि त्रिपक्षीय समझौते की शर्तें — खासकर आदिवासी जमीन अधिकार — लागू न होने पर कोई चुनावी गठबंधन नहीं होगा।
587 विलेज कमेटियों की 4,597 सीटों पर 28 सितंबर 2026 को मतदान होगा — 10 साल के अंतराल के बाद।
TMP के 13 विधायक 7 मार्च 2024 को BJP गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे, जो 2 मार्च 2024 के त्रिपक्षीय समझौते के बाद हुआ।

गृह मंत्री अमित शाह और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के बीच 4 सितंबर को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई, जो 28 सितंबर को त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में होने वाले विलेज कमेटी चुनावों से ठीक पहले आयोजित की गई। इस बैठक में टिपरा मोथा पार्टी (TMP) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्वोत्तर समन्वयक डॉ. संबित पात्रा भी शामिल रहे।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के बाद मुख्यमंत्री साहा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और 'आपसी महत्व के मुद्दों तथा त्रिपुरा के लोगों के विकास और कल्याण पर फायदेमंद और रचनात्मक चर्चा' हुई। हालाँकि साहा ने बैठक में लिए गए किसी भी ठोस निर्णय का खुलासा नहीं किया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब BJP और TMP के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत बेनतीजा रह चुकी है।

टीएमपी की शर्त और त्रिपक्षीय समझौते का संदर्भ

TMP प्रमुख देबबर्मा ने 2 सितंबर को एक वीडियो संदेश में स्पष्ट कहा था कि यदि 2 मार्च 2024 के त्रिपक्षीय समझौते की शर्तें — विशेष रूप से मूल आदिवासियों के जमीन के अधिकारों से जुड़ी शर्तें — लागू नहीं की गईं, तो TMP किसी भी चुनावी गठबंधन में शामिल नहीं होगी।

गौरतलब है कि उस त्रिपक्षीय समझौते पर गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री साहा की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद 13 विधायकों वाली TMP 7 मार्च 2024 को BJP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गई थी।

BJP की केंद्रीय टीम की अगरतला यात्रा

इससे पहले BJP के पाँच वरिष्ठ केंद्रीय नेता — राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, पूर्वोत्तर सह-समन्वयक राजीव बब्बर, केंद्रीय पर्यवेक्षक राजदीप रॉय और जीआर रवींद्र राजू1 और 2 सितंबर को अगरतला पहुँचे और राज्य नेताओं के साथ विलेज कमेटी चुनाव की तैयारियों पर विस्तृत बैठकें कीं।

इन बैठकों में मुख्यमंत्री साहा के अलावा राज्य BJP अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, राज्यसभा सदस्य राजीव भट्टाचार्य और वरिष्ठ मंत्री रतन लाल नाथ सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित रहे।

चुनाव का महत्व

ये चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद हो रहे हैं। त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) क्षेत्रों में 587 विलेज कमेटियों के अंतर्गत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों पर मतदान होगा। ये कमेटियाँ गैर-TTAADC क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के समकक्ष हैं और आदिवासी स्वशासन की नींव मानी जाती हैं।

आगे क्या

दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद BJP-TMP गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। चुनाव की तारीख नज़दीक होने के साथ, TMP की माँगों पर केंद्र का रुख निर्णायक साबित हो सकता है। यदि गठबंधन नहीं बनता, तो दोनों दल अलग-अलग मैदान में उतर सकते हैं, जो आदिवासी बहुल इलाकों में BJP की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या BJP ने TMP की जमीन-अधिकार वाली शर्त पर कोई ठोस आश्वासन दिया। साहा का 'फायदेमंद चर्चा' वाला बयान राजनीतिक कूटनीति की भाषा है — न पुष्टि, न इनकार। गौरतलब है कि 2024 का त्रिपक्षीय समझौता भी उसी आश्वासन की बुनियाद पर टिका था जिसे TMP अब अधूरा बता रही है। यदि 28 सितंबर से पहले गठबंधन नहीं बना, तो TTAADC के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में BJP को वह राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है जो 10 साल में पहली बार इन सीटों पर दिखेगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव 2026 कब और कहाँ होंगे?
ये चुनाव 28 सितंबर 2026 को TTAADC क्षेत्रों में होंगे। 587 विलेज कमेटियों के अंतर्गत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों पर मतदान होगा — और यह 10 साल के अंतराल के बाद पहली बार हो रहे हैं।
अमित शाह और माणिक साहा की दिल्ली बैठक में क्या हुआ?
4 सितंबर को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीएम माणिक साहा, TMP प्रमुख देबबर्मा और BJP के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा शामिल रहे। साहा ने बैठक को 'फायदेमंद और रचनात्मक' बताया, लेकिन किसी ठोस निर्णय का खुलासा नहीं किया।
TMP ने BJP के साथ गठबंधन से इनकार क्यों किया है?
TMP प्रमुख देबबर्मा ने 2 सितंबर को कहा कि यदि 2 मार्च 2024 के त्रिपक्षीय समझौते की शर्तें — विशेषकर मूल आदिवासियों के जमीन अधिकार — लागू नहीं हुईं, तो TMP कोई चुनावी गठबंधन नहीं करेगी।
TMP और BJP के बीच 2024 का त्रिपक्षीय समझौता क्या था?
2 मार्च 2024 को अमित शाह और माणिक साहा की मौजूदगी में केंद्र, त्रिपुरा सरकार और TMP के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद TMP के 13 विधायक 7 मार्च 2024 को BJP नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गए।
विलेज कमेटी चुनाव राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये कमेटियाँ TTAADC क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के समकक्ष हैं और आदिवासी स्वशासन की बुनियाद हैं। 10 साल बाद हो रहे इन चुनावों में BJP-TMP गठबंधन की स्थिति राज्य की आदिवासी राजनीति की दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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