त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव 2026: अमित शाह से मिले सीएम माणिक साहा, बोले— बैठक रही 'रचनात्मक और फायदेमंद'
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के बीच 4 सितंबर को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई, जो 28 सितंबर को त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में होने वाले विलेज कमेटी चुनावों से ठीक पहले आयोजित की गई। इस बैठक में टिपरा मोथा पार्टी (TMP) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्वोत्तर समन्वयक डॉ. संबित पात्रा भी शामिल रहे।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के बाद मुख्यमंत्री साहा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और 'आपसी महत्व के मुद्दों तथा त्रिपुरा के लोगों के विकास और कल्याण पर फायदेमंद और रचनात्मक चर्चा' हुई। हालाँकि साहा ने बैठक में लिए गए किसी भी ठोस निर्णय का खुलासा नहीं किया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब BJP और TMP के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत बेनतीजा रह चुकी है।
टीएमपी की शर्त और त्रिपक्षीय समझौते का संदर्भ
TMP प्रमुख देबबर्मा ने 2 सितंबर को एक वीडियो संदेश में स्पष्ट कहा था कि यदि 2 मार्च 2024 के त्रिपक्षीय समझौते की शर्तें — विशेष रूप से मूल आदिवासियों के जमीन के अधिकारों से जुड़ी शर्तें — लागू नहीं की गईं, तो TMP किसी भी चुनावी गठबंधन में शामिल नहीं होगी।
गौरतलब है कि उस त्रिपक्षीय समझौते पर गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री साहा की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद 13 विधायकों वाली TMP 7 मार्च 2024 को BJP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गई थी।
BJP की केंद्रीय टीम की अगरतला यात्रा
इससे पहले BJP के पाँच वरिष्ठ केंद्रीय नेता — राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, पूर्वोत्तर सह-समन्वयक राजीव बब्बर, केंद्रीय पर्यवेक्षक राजदीप रॉय और जीआर रवींद्र राजू — 1 और 2 सितंबर को अगरतला पहुँचे और राज्य नेताओं के साथ विलेज कमेटी चुनाव की तैयारियों पर विस्तृत बैठकें कीं।
इन बैठकों में मुख्यमंत्री साहा के अलावा राज्य BJP अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, राज्यसभा सदस्य राजीव भट्टाचार्य और वरिष्ठ मंत्री रतन लाल नाथ सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित रहे।
चुनाव का महत्व
ये चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद हो रहे हैं। त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) क्षेत्रों में 587 विलेज कमेटियों के अंतर्गत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों पर मतदान होगा। ये कमेटियाँ गैर-TTAADC क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के समकक्ष हैं और आदिवासी स्वशासन की नींव मानी जाती हैं।
आगे क्या
दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद BJP-TMP गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। चुनाव की तारीख नज़दीक होने के साथ, TMP की माँगों पर केंद्र का रुख निर्णायक साबित हो सकता है। यदि गठबंधन नहीं बनता, तो दोनों दल अलग-अलग मैदान में उतर सकते हैं, जो आदिवासी बहुल इलाकों में BJP की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।