राहुल गांधी के पास व्यापारियों के लिए 20 मिनट नहीं: BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आरोप लगाया कि दिल्ली के व्यापारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से केवल 20 मिनट का समय माँग रहे हैं, ताकि वे दीपावली से पहले प्रस्तावित रैली से होने वाली व्यावसायिक क्षति के बारे में अपनी बात रख सकें, लेकिन उन्हें यह समय नहीं दिया जा रहा। सिन्हा ने इसे कांग्रेस की 'संवेदनहीनता' करार देते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए आम व्यापारियों की आजीविका की अनदेखी कर रही है।
रैली से व्यापारियों को नुकसान का दावा
सिन्हा के अनुसार, कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में 15 से 20 हजार बसें दिल्ली में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे यातायात ठप होने और खरीदारों के बाज़ारों तक न पहुँच पाने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन सप्ताह में इस तरह की अव्यवस्थाओं के कारण दिल्ली के व्यापारियों को करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यदि कांग्रेस का प्रस्तावित आठ दिन का नया कार्यक्रम शुरू होता है, तो व्यापारियों को कम से कम ₹10,000 करोड़ का अतिरिक्त घाटा हो सकता है।
गौरतलब है कि दीपावली का त्योहार दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी मौसम होता है। ऐसे में रैली के कारण यातायात जाम और ग्राहकों की अनुपस्थिति छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए विशेष रूप से नुकसानदेह साबित हो सकती है।
मॉक महाभियोग और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल
सिन्हा ने कांग्रेस के प्रस्तावित 'मॉक महाभियोग' कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान में अनुमति न मिलने के बाद यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि जब संबंधित मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और चुनाव आयुक्तों ने अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं, तब अदालत ने याचिकाकर्ताओं को आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के आयोजनों से कांग्रेस देश की न्यायिक व्यवस्था पर अविश्वास व्यक्त कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन गतिविधियों के जरिए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। सिन्हा ने आगरा में ज्ञानेश कुमार के पारिवारिक घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हमले की कोशिश का भी उल्लेख किया।
चुनावी प्रदर्शन पर कांग्रेस को घेरा
हालिया एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए सिन्हा ने दावा किया कि कांग्रेस को 28 में से एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की अपनी सरकार होने के बावजूद चार सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी खाली हाथ रही। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ, पंजाब, हैदराबाद और केरल में छात्र परिषद चुनावों में भी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) को हार का सामना करना पड़ा।
सिन्हा ने राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि मतदाता नकारात्मक राजनीति और अव्यवस्था फैलाने वाले रवैये को स्वीकार नहीं कर रहे।
BJP का मुख्य आरोप: ईवीएम नहीं, नीति बदलो
सिन्हा ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग करने से कांग्रेस की चुनावी स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव बैलेट पेपर से हों या ईवीएम से, जब तक पार्टी अपनी नकारात्मक राजनीति नहीं छोड़ती, परिणाम वही रहेंगे। सिन्हा ने कांग्रेस से आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर अपनी रणनीति और कार्यशैली पर पुनर्विचार करने की अपील की।