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राहुल गांधी के पास व्यापारियों के लिए 20 मिनट नहीं: BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का हमला

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राहुल गांधी के पास व्यापारियों के लिए 20 मिनट नहीं: BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का हमला

सारांश

BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने दावा किया कि दिल्ली के व्यापारी राहुल गांधी से महज 20 मिनट माँग रहे हैं, पर उन्हें समय नहीं मिल रहा। दीपावली से पहले कांग्रेस की रैली से ₹10,000 करोड़ के नुकसान की चेतावनी और मॉक महाभियोग पर न्यायिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने के आरोप के साथ BJP ने कांग्रेस पर कई मोर्चों से हमला बोला।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी दिल्ली के व्यापारियों को 20 मिनट का समय देने से इनकार कर रहे हैं।
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में 15 से 20 हजार बसों के दिल्ली प्रवेश की आशंका; दीपावली व्यापार पर असर का दावा।
पिछले तीन सप्ताह में दिल्ली व्यापारियों को कथित तौर पर ₹3,000 करोड़ का नुकसान; नए कार्यक्रम से ₹10,000 करोड़ और घाटे की चेतावनी।
कांग्रेस के 'मॉक महाभियोग' पर BJP का आरोप — सर्वोच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने की कोशिश।
हालिया एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को 28 में से शून्य सीट ; कर्नाटक, छात्र संघ चुनावों में भी हार का दावा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आरोप लगाया कि दिल्ली के व्यापारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से केवल 20 मिनट का समय माँग रहे हैं, ताकि वे दीपावली से पहले प्रस्तावित रैली से होने वाली व्यावसायिक क्षति के बारे में अपनी बात रख सकें, लेकिन उन्हें यह समय नहीं दिया जा रहा। सिन्हा ने इसे कांग्रेस की 'संवेदनहीनता' करार देते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए आम व्यापारियों की आजीविका की अनदेखी कर रही है।

रैली से व्यापारियों को नुकसान का दावा

सिन्हा के अनुसार, कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में 15 से 20 हजार बसें दिल्ली में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे यातायात ठप होने और खरीदारों के बाज़ारों तक न पहुँच पाने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन सप्ताह में इस तरह की अव्यवस्थाओं के कारण दिल्ली के व्यापारियों को करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यदि कांग्रेस का प्रस्तावित आठ दिन का नया कार्यक्रम शुरू होता है, तो व्यापारियों को कम से कम ₹10,000 करोड़ का अतिरिक्त घाटा हो सकता है।

गौरतलब है कि दीपावली का त्योहार दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी मौसम होता है। ऐसे में रैली के कारण यातायात जाम और ग्राहकों की अनुपस्थिति छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए विशेष रूप से नुकसानदेह साबित हो सकती है।

मॉक महाभियोग और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल

सिन्हा ने कांग्रेस के प्रस्तावित 'मॉक महाभियोग' कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान में अनुमति न मिलने के बाद यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि जब संबंधित मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और चुनाव आयुक्तों ने अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं, तब अदालत ने याचिकाकर्ताओं को आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के आयोजनों से कांग्रेस देश की न्यायिक व्यवस्था पर अविश्वास व्यक्त कर रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन गतिविधियों के जरिए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। सिन्हा ने आगरा में ज्ञानेश कुमार के पारिवारिक घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हमले की कोशिश का भी उल्लेख किया।

चुनावी प्रदर्शन पर कांग्रेस को घेरा

हालिया एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए सिन्हा ने दावा किया कि कांग्रेस को 28 में से एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की अपनी सरकार होने के बावजूद चार सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी खाली हाथ रही। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ, पंजाब, हैदराबाद और केरल में छात्र परिषद चुनावों में भी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) को हार का सामना करना पड़ा।

सिन्हा ने राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि मतदाता नकारात्मक राजनीति और अव्यवस्था फैलाने वाले रवैये को स्वीकार नहीं कर रहे।

BJP का मुख्य आरोप: ईवीएम नहीं, नीति बदलो

सिन्हा ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग करने से कांग्रेस की चुनावी स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव बैलेट पेपर से हों या ईवीएम से, जब तक पार्टी अपनी नकारात्मक राजनीति नहीं छोड़ती, परिणाम वही रहेंगे। सिन्हा ने कांग्रेस से आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर अपनी रणनीति और कार्यशैली पर पुनर्विचार करने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ और ₹10,000 करोड़ के नुकसान के आँकड़े BJP की ओर से पेश किए गए हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है, इसलिए इन्हें राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उल्लेखनीय यह भी है कि कांग्रेस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस खबर को एकपक्षीय बनाती है। असली प्रश्न यह है कि क्या दीपावली के मौसम में यातायात और व्यापार पर पड़ने वाला असर राजनीतिक दलों की जवाबदेही का विषय बनेगा, या यह सिर्फ प्रेस-कॉन्फ्रेंस की राजनीति बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के व्यापारी राहुल गांधी से केवल 20 मिनट का समय माँग रहे हैं, लेकिन उन्हें यह समय नहीं दिया जा रहा। सिन्हा ने इसे कांग्रेस की संवेदनहीनता बताया और कहा कि पार्टी व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।
कांग्रेस की दिल्ली रैली से व्यापारियों को कितना नुकसान होने का दावा है?
BJP प्रवक्ता के अनुसार पिछले तीन सप्ताह में दिल्ली व्यापारियों को करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यदि कांग्रेस आठ दिन का नया कार्यक्रम शुरू करती है, तो ₹10,000 करोड़ का अतिरिक्त घाटा हो सकता है। ये आँकड़े BJP की ओर से दिए गए हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस का 'मॉक महाभियोग' कार्यक्रम क्या है और BJP को इस पर क्यों आपत्ति है?
कांग्रेस एक प्रतीकात्मक 'मॉक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है, जो रामलीला मैदान में अनुमति न मिलने के बाद अब मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने की संभावना है। BJP का आरोप है कि जब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तब इस तरह का आयोजन न्यायिक प्रक्रिया पर अविश्वास और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश है।
हाल के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा है?
BJP प्रवक्ता के दावे के अनुसार, हालिया एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को 28 में से एक भी सीट नहीं मिली। कर्नाटक में अपनी सरकार होने के बावजूद चार सीटों पर पार्टी हारी, और NSUI को दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब, हैदराबाद व केरल में छात्र संघ चुनावों में भी हार मिली।
BJP का बैलेट पेपर माँग पर क्या रुख है?
तुहिन सिन्हा ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग करने से कांग्रेस की चुनावी स्थिति नहीं बदलेगी। उनके अनुसार असल मुद्दा चुनाव पद्धति नहीं, बल्कि पार्टी की नकारात्मक राजनीति और कार्यशैली है, जिसे मतदाता अस्वीकार कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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