ट्विशा शर्मा की अस्थियाँ त्रिवेणी घाट पर विसर्जित, पिता बोले — 'प्यार की भी हत्या हुई'
सारांश
मुख्य बातें
ट्विशा शर्मा के परिवार ने 29 मई 2026 को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर उनकी अस्थियाँ विसर्जित कीं। इस अवसर पर ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी का ऋषिकेश से बेहद गहरा आत्मिक जुड़ाव था। सीबीआई द्वारा मामले की जाँच अपने हाथ में लिए जाने के बाद परिवार की उम्मीदें बढ़ी हैं।
ऋषिकेश से ट्विशा का गहरा नाता
नवनीधि शर्मा ने बताया कि ट्विशा ऋषिकेश में योग क्लासेज में हिस्सा ले चुकी थीं और उन्होंने 300 घंटे की प्रोफेशनल योग ट्रेनिंग भी पूरी की थी। उन्होंने कहा, 'उन्होंने सिर्फ मेरी बेटी की हत्या नहीं की, बल्कि प्यार की भी हत्या कर दी। उन्होंने मेरी जिंदगी से एक बिल्कुल पवित्र प्यार छीन लिया है। इसके जिम्मेदार भी वही लोग हैं।'
ट्विशा की चचेरी बहन नैना शर्मा ने कहा कि यह स्थान ट्विशा को बेहद प्रिय था। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार इस मामले को दिल्ली ट्रांसफर कराने के लिए हर संभव कोशिश करेगा और आरोपी गिरिबाला सिंह तथा समर्थ सिंह को केवल कागजी कार्रवाई से नहीं, बल्कि वास्तविक सजा मिलनी चाहिए।
परिवार का संघर्ष जारी
नवनीधि शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'अब जब सीबीआई इस मामले की जाँच कर रही है, तो हमारी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। आगे क्या होता है, यह देखना होगा।'
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि इस मामले में कई अहम घटनाक्रम हुए हैं और सीबीआई के मामले की कमान संभालने के बाद अब चीजें आगे बढ़ रही हैं।
वकील के गंभीर आरोप — सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़
भोपाल में परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आरोपियों के पास अब आपत्ति उठाने का कोई आधार नहीं बचा है, क्योंकि हाई कोर्ट पहले ही गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर चुका है।
उन्होंने कहा, 'हमने अदालत के सामने सभी तथ्य रखे थे और बताया था कि हिरासत में पूछताछ क्यों जरूरी है। इन सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद ही हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की। अब सीबीआई को जाँच करने का पूरा अधिकार है।'
श्रीवास्तव ने सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप भी लगाए। उनके अनुसार, 'सीसीटीवी फुटेज जब्त किए जाने से पहले उसके कुछ चुनिंदा हिस्से हटा दिए गए थे। सिर्फ हिस्से हटाए ही नहीं गए, बल्कि फुटेज से छेड़छाड़ भी की गई थी।' उन्होंने कहा कि यह बात राज्य सरकार और सीबीआई की ओर से हाई कोर्ट के सामने भी रखी जा चुकी है।
आगे क्या होगा
परिवार अब मामले को दिल्ली स्थानांतरित कराने की कानूनी प्रक्रिया में जुटा है। सीबीआई की जाँच के साथ-साथ सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। यह देखना होगा कि न्यायालय इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह के विरुद्ध आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है।