मणिपुर के सेनापति में दो नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या, दो घायल; 48 घंटे में 6 मौतें
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के सेनापति जिले के कलाजन गांव में 26 सितंबर 2026 को अज्ञात आतंकवादियों ने दो नागा ग्रामीणों को गोली मारकर हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इस घटना की पुष्टि की। मृतकों की पहचान रॉकी माओ और कुमार पौमाई के रूप में हुई है।
घटनाक्रम का विवरण
पुलिस के अनुसार, सशस्त्र उग्रवादियों ने रात के अंधेरे में कलाजन गांव में घुसकर सोते समय दोनों ग्रामीणों को गोली मार दी। घायलों की पहचान 33 वर्षीय अदानी मानियो और 49 वर्षीय आशीहो सानी के रूप में हुई है, जिन्हें सेनापति जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया।
यह घटना कामजोंग जिले में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा चार नागा पुरुषों की हत्या के मात्र दो दिन बाद हुई है, जिससे राज्य में हिंसा का सिलसिला और गहरा हो गया है।
कामजोंग में पहले की हत्याएँ
शुक्रवार को कामजोंग जिले के सुदूर पिलोंग गांव से चार ग्रामीणों के शव बरामद हुए, जो म्यांमार सीमा से लगभग 34 किलोमीटर दूर स्थित है। सभी पीड़ित तांगखुल नागा समुदाय से थे — बेटर्सन जाजो, वेरीशिम जाजो, फामी जाजो (वेरीशिम का पुत्र) और निंगथेम कशाक। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गुरुवार 24 सितंबर को म्यांमार से घुसे संदिग्ध आतंकवादियों ने पाँच ग्रामीणों के एक समूह पर हमला किया। उनमें से एक बचकर भागने में सफल रहा और उसने स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस और स्थानीय निवासियों की संयुक्त खोज के बाद शव मिले।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, 'आज सेनापति जिले के कलाजन गांव में अज्ञात आतंकवादियों द्वारा दो नागरिकों की हत्या और दो अन्य को घायल करने की मैं कड़ी निंदा करता हूं। यह हमला निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा का एक कायरतापूर्ण कृत्य है।' उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि 'इस साल की शुरुआत से अब तक 60 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और हिंसा का सिलसिला बेरोकटोक जारी है।' उन्होंने सवाल उठाया, 'हम कब तक दोषियों को सजा दिलाने और बिगड़ती कानून व्यवस्था को नियंत्रण में लाने के बजाय शवों की गिनती करते रहेंगे?'
बढ़ती हिंसा का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अकेले सितंबर 2026 में तामेंगलोंग, कांगपोकपी, नोनी और कामजोंग जिलों में संदिग्ध आतंकवादियों की अलग-अलग गोलीबारी में कम से कम 13 लोग मारे जा चुके हैं। यह हिंसा मुख्यतः नागा बहुल क्षेत्रों में केंद्रित है और म्यांमार सीमा से सटे इलाकों में उग्रवादी घुसपैठ की आशंका लगातार गहराती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और नागरिक दबाव पहले से ही बना हुआ है।
आगे की स्थिति
पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कामजोंग के चारों पीड़ितों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल ले जाया गया। सीमा पार से उग्रवादी गतिविधियों की पृष्ठभूमि में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।