4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिपुर के नोनी जिले में नागा गुटों की गोलीबारी में 4 उग्रवादी ढेर, CM ने दिए कार्रवाई के निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर के नोनी जिले में नागा गुटों की गोलीबारी में 4 उग्रवादी ढेर, CM ने दिए कार्रवाई के निर्देश

सारांश

मणिपुर के नोनी जिले में दो प्रतिद्वंद्वी नागा उग्रवादी संगठनों के बीच हुई घंटों लंबी गोलीबारी में 4 उग्रवादी मारे गए। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने सुरक्षा एजेंसियों को दोषी समूहों की पहचान कर उन्हें गैरकानूनी घोषित करने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

मणिपुर के नोनी जिले के ताओडाईजांग गाँव में 4 नवंबर 2026 को हुई गोलीबारी में कम से कम 4 उग्रवादी मारे गए , एक घायल।
संघर्ष जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन के बीच हुआ।
स्थानीय निवासियों ने शव बरामद किए; महिलाओं सहित ग्रामीणों ने आगे की हिंसा रोकने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने सुरक्षा एजेंसियों को दोषी समूहों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
साक्ष्य मिलने पर राज्य मंत्रिमंडल संबंधित समूहों को गैरकानूनी घोषित करने पर विचार कर सकता है।

मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को प्रतिद्वंद्वी नागा उग्रवादी संगठनों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम चार उग्रवादी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, यह संघर्ष खौपुम क्षेत्र के ताओडाईजांग गाँव में तड़के शुरू हुआ।

गोलीबारी का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, नागा बहुल नोनी जिले के ताओडाईजांग गाँव में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन से जुड़े संदिग्ध कार्यकर्ताओं के बीच सुबह-सुबह भारी गोलीबारी शुरू हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह संघर्ष कई घंटों तक जारी रहा, जिसमें दोनों संगठनों का एक-एक कार्यकर्ता मारा गया।

मारे गए उग्रवादियों के शव स्थानीय निवासियों ने बरामद किए। उल्लेखनीय है कि महिलाओं सहित स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँचे और दोनों गुटों के बीच आगे की हिंसा को रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों ने सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के ज़रिये कार्यकर्ताओं से गोलीबारी बंद करने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और निर्देश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार रात राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को हाल की हिंसा की घटनाओं में शामिल संदिग्ध सशस्त्र समूहों की पहचान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

खेमचंद सिंह ने सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को इन समूहों की संलिप्तता पर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। यह पहचान राज्य सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल समूहों को छोड़कर अन्य समूहों पर केंद्रित है।

गैरकानूनी घोषित करने पर विचार

CMO अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर, यदि निर्दोष नागरिकों के विरुद्ध हिंसा में किसी समूह की संलिप्तता साबित होती है, तो राज्य मंत्रिमंडल उन्हें गैरकानूनी घोषित करने पर विचार करेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नागरिक आबादी के खिलाफ हिंसा जारी रखने वाले किसी भी समूह के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि मणिपुर पिछले कुछ वर्षों से जातीय तनाव और सशस्त्र समूहों के बीच संघर्षों का केंद्र रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न गुटों के साथ शांति वार्ता की प्रक्रिया में हैं। नोनी जिले में हुई यह घटना दर्शाती है कि शांति प्रक्रिया के बाहर सक्रिय गुटों का खतरा अभी भी बना हुआ है। आगे की स्थिति पर सुरक्षा बलों की नज़र बनी हुई है और अधिक विवरण सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु ऐसे समूहों पर पहले भी कार्रवाई के वादे अक्सर क्रियान्वयन के स्तर पर कमज़ोर पड़ते रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ठोस कदम उठाए जाएँगे, या यह भी पिछली समीक्षा बैठकों की तरह घोषणा तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नोनी जिले में गोलीबारी की घटना क्या है?
4 नवंबर 2026 को नोनी जिले के ताओडाईजांग गाँव में प्रतिद्वंद्वी नागा उग्रवादी संगठनों — जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन — के बीच भारी गोलीबारी हुई। इसमें कम से कम 4 उग्रवादी मारे गए और एक घायल हो गया।
गोलीबारी में कौन-से नागा गुट शामिल थे?
पुलिस के अनुसार, संघर्ष जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के दो धड़ों — जेनचुई और कामसन — के बीच हुआ। दोनों संगठनों का एक-एक कार्यकर्ता मारा गया।
मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने क्या कार्रवाई की है?
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने मंगलवार रात सुरक्षा समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को दोषी सशस्त्र समूहों की पहचान करने और विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि संलिप्तता साबित होने पर इन समूहों को गैरकानूनी घोषित करने पर राज्य मंत्रिमंडल विचार करेगा।
स्थानीय निवासियों ने गोलीबारी के दौरान क्या किया?
महिलाओं सहित स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँचे और दोनों गुटों के बीच आगे की हिंसा रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों ने सार्वजनिक संबोधन प्रणाली से कार्यकर्ताओं से गोलीबारी बंद करने की अपील की।
क्या संबंधित समूहों को गैरकानूनी घोषित किया जाएगा?
मुख्यमंत्री के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर, यदि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा में संलिप्तता साबित होती है, तो राज्य मंत्रिमंडल संबंधित समूहों को गैरकानूनी घोषित करने पर विचार करेगा। यह निर्णय रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले