यूएई मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक ने सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात, आंध्र प्रदेश में फूड क्लस्टर और 40 संस्थानों की स्थापना पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने 22 जुलाई 2025 को अमरावती स्थित राज्य सचिवालय में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की और राज्य में फूड क्लस्टर स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। इस द्विपक्षीय बैठक में आम, केले और कोको सहित बागवानी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच के लिए एक मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) विकसित करने का निर्णय लिया गया।
दावोस से अमरावती तक — साझेदारी की पृष्ठभूमि
यह बैठक उस सहमति की अगली कड़ी है जो इसी वर्ष जनवरी में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान बनी थी। तब चंद्रबाबू नायडू की दावोस यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आंध्र प्रदेश में फूड क्लस्टर स्थापित करने की इच्छा जताई थी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उस बैठक में यह भी घोषणा की गई थी कि यूएई दुबई फूड क्लस्टर आंध्र प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के साथ मिलकर काम करेगा।
फूड क्लस्टर और मूल्य श्रृंखला की रूपरेखा
राज्य सरकार के अनुसार, यूएई ने आंध्र प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक व्यापक मूल्य श्रृंखला स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस साझेदारी के तहत आम, केले और कोको जैसे बागवानी उत्पादों को प्रसंस्कृत कर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में निर्यात करने की योजना है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख बागवानी उत्पादक राज्यों में से एक है, और इस तरह की मूल्य श्रृंखला किसानों की आय सीधे प्रभावित कर सकती है।
40 यूएई संस्थानों की स्थापना और लॉजिस्टिक्स पार्क का प्रस्ताव
मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक ने आंध्र प्रदेश में यूएई के लगभग 40 संस्थानों की स्थापना में राज्य को समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा, यूएई के शरफ ग्रुप द्वारा राज्य में एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने खाद्य, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, बंदरगाहों और खुदरा क्षेत्र में चल रहे और संभावित सहयोग की समीक्षा की।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री टीजी भरत के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग तथा खाद्य एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यूएई की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
रोज़गार और निर्यात पर अपेक्षित असर
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विश्वास जताया कि यूएई के साथ इस रणनीतिक साझेदारी से आंध्र प्रदेश में रोज़गार के अवसरों और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार विदेशी निवेश आकर्षित करने और कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दे रही है। आने वाले महीनों में इस साझेदारी के ठोस क्रियान्वयन की दिशा में और कदम उठाए जाने की संभावना है।