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परिमल नतवानी की आड़ में झारखंड में राजनीतिक तोड़फोड़ कर रही है BJP: दीपांकर भट्टाचार्य

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परिमल नतवानी की आड़ में झारखंड में राजनीतिक तोड़फोड़ कर रही है BJP: दीपांकर भट्टाचार्य

सारांश

सीपीआई (एमएल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने रांची में BJP पर आरोप लगाया कि वह उद्योगपति परिमल नतवानी की आड़ में झारखंड के राज्यसभा चुनाव में इंडी अलायंस को तोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही 1.40 लाख मतदाताओं के नाम हटाने, परीक्षा संकट और महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

दीपांकर भट्टाचार्य ने 14 जून को रांची में BJP पर आरोप लगाया कि वह उद्योगपति परिमल नतवानी को आगे कर झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडी अलायंस तोड़ने की कोशिश कर रही है।
इंडी अलायंस ने राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवार उतारे हैं और गठबंधन के पास पर्याप्त विधायक समर्थन होने का दावा किया गया।
झारखंड में लगभग 1.40 लाख मतदाताओं के नाम 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के आधार पर हटाने की कथित तैयारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग, परीक्षा एजेंसियों की विफलता पर युवाओं के आंदोलन की चेतावनी।
'दाम घटाओ, जीने लायक वेतन दो' अभियान की घोषणा — 15 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में और अगस्त में राष्ट्रव्यापी आंदोलन।

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने 14 जून को रांची में राज्य समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP उद्योगपति परिमल नतवानी को आगे कर झारखंड के आगामी राज्यसभा चुनाव में इंडी अलायंस के गठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

राज्यसभा चुनाव और गठबंधन की एकजुटता

भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि इंडी अलायंस ने झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और गठबंधन के पास पर्याप्त विधायकों का समर्थन है। उनका कहना था कि BJP की तोड़फोड़ की रणनीति सफल नहीं होगी क्योंकि गठबंधन के विधायक पूरी तरह एकजुट हैं।

इंडी अलायंस की हालिया बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल सभी दलों के बीच आपसी सम्मान, विश्वास और सामूहिक नेतृत्व की भावना को और मज़बूत करने की ज़रूरत है।

शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संकट

भट्टाचार्य ने देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर युवाओं में व्याप्त नाराज़गी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि परीक्षा संचालन की ज़िम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियाँ लगातार विफल साबित हो रही हैं और कोई भी परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न नहीं हो पा रही। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर युवाओं का आंदोलन और तेज़ होगा।

महंगाई और विदेश नीति पर केंद्र को घेरा

महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार आर्थिक संकट का ठीकरा अंतरराष्ट्रीय युद्धों पर फोड़ना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि युद्ध ही संकट का कारण है, तो सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उसने इज़रायल का समर्थन क्यों किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति विफल रही है, जिसके कारण देश के नाविकों और नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हुई है। रुपए की गिरती कीमत, पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती दरें और महंगाई को उन्होंने पिछले कई वर्षों की नीतिगत विफलताओं का परिणाम बताया।

इसी के तहत उन्होंने 'दाम घटाओ, जीने लायक वेतन दो' अभियान की घोषणा की — 15 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में और अगस्त में पूरे देश में व्यापक आंदोलन चलाने का ऐलान किया गया।

मतदाता सूची में कथित अनियमितताएँ

भट्टाचार्य ने दावा किया कि झारखंड में लगभग 1.40 लाख मतदाताओं के नाम कथित 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के आधार पर हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भी इसी प्रकार की प्रक्रिया से लाखों मतदाताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।

लोकतंत्र पर खतरे का आरोप

BJP पर देश में बहुदलीय लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों को समाप्त कर एक-दलीय व्यवस्था स्थापित करना चाहती है। उन्होंने विभिन्न विचारधाराओं वाली पार्टियों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। आने वाले महीनों में इंडी अलायंस की एकजुटता और इन आंदोलनों की धार ही तय करेगी कि झारखंड की राजनीति किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लोकसभा चुनावों के बाद से ही आंतरिक खींचतान झेल रहा है, झारखंड में अपनी एकता कितने दिन बनाए रख पाएगा। मतदाता सूची से 1.40 लाख नाम हटाने का दावा — अगर सत्यापित हुआ — लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है, लेकिन विपक्ष को इसे केवल आरोप से आगे ले जाकर चुनाव आयोग में ठोस दस्तावेज़ी शिकायत दर्ज करानी होगी। महंगाई और परीक्षा संकट पर जनाक्रोश वास्तविक है, पर 'दाम घटाओ' जैसे अभियान तब ही राजनीतिक वज़न पाते हैं जब उनके पीछे संगठित ज़मीनी ताकत हो।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपांकर भट्टाचार्य ने परिमल नतवानी पर क्या आरोप लगाया?
सीपीआई (एमएल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि BJP उद्योगपति परिमल नतवानी को आगे कर झारखंड के राज्यसभा चुनाव में इंडी अलायंस के गठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि गठबंधन के विधायक एकजुट हैं और यह रणनीति सफल नहीं होगी।
झारखंड में मतदाता सूची से नाम हटाने का मामला क्या है?
भट्टाचार्य ने दावा किया कि झारखंड में लगभग 1.40 लाख मतदाताओं के नाम कथित 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के आधार पर हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए पश्चिम बंगाल में हुई इसी प्रकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
सीपीआई (एमएल) का 'दाम घटाओ' अभियान क्या है और कब शुरू होगा?
भट्टाचार्य ने 'दाम घटाओ, जीने लायक वेतन दो' अभियान की घोषणा की, जिसके तहत 15 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में और अगस्त महीने में पूरे देश में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। यह अभियान महंगाई और बेरोज़गारी के विरोध में है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग क्यों की गई?
भट्टाचार्य ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग इसलिए की क्योंकि उनके अनुसार परीक्षा संचालन की ज़िम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियाँ लगातार विफल हो रही हैं और कोई भी परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर युवाओं का आंदोलन और तेज़ होगा।
इंडी अलायंस ने झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए कितने उम्मीदवार उतारे हैं?
इंडी अलायंस ने झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भट्टाचार्य के अनुसार गठबंधन के पास पर्याप्त विधायक समर्थन है और सभी दलों के बीच आपसी विश्वास और सामूहिक नेतृत्व को मज़बूत करने पर सहमति बनी है।
राष्ट्र प्रेस
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