10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड राजमार्ग: CM मोहन यादव ₹5,017 करोड़ की परियोजना की रखेंगे आधारशिला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड राजमार्ग: CM मोहन यादव ₹5,017 करोड़ की परियोजना की रखेंगे आधारशिला

सारांश

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ₹5,017 करोड़ की उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड चार-लेन राजमार्ग परियोजना की आधारशिला रखेंगे। 98.73 किमी लंबा यह राजमार्ग उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा और सिंहस्थ-2028 से पहले मालवा क्षेत्र के 35 लाख लोगों के लिए संपर्क सुधारेगा।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव शुक्रवार को ₹5,017 करोड़ की उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड चार-लेन राजमार्ग परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
राजमार्ग की कुल लंबाई 98.73 किलोमीटर ; निर्माण एमपीआरडीसी करेगा और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
परियोजना से लगभग 35 लाख लोगों को लाभ और 62 गाँवों के लिए बेहतर संपर्क की उम्मीद।
उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क मिलेगा; सिंहस्थ-2028 के तीर्थयात्रियों के लिए भी सहायक।
परियोजना में 3 रेलवे ओवरब्रिज, 9 बड़े पुल, 26 मध्यम पुल और 417 पुलिया शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को ₹5,017 करोड़ की उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड चार-लेन राजमार्ग परियोजना की आधारशिला रखेंगे। 98.73 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग का निर्माण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा किया जाएगा और इसके दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

परियोजना का दायरा और संरचना

यह ग्रीनफील्ड राजमार्ग उज्जैन दक्षिण, घटिया, नागदा-खाचरोद, आलोट और जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। परियोजना में तीन रेलवे ओवरब्रिज, नौ बड़े पुल, 26 मध्यम पुल और 417 पुलिया शामिल हैं। इसके अलावा, जावरा बाईपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से महू-नीमच चार-लेन राजमार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा।

संपर्क और आर्थिक लाभ

राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना से मालवा क्षेत्र में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा और उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ा जाएगा। इससे उज्जैन, इंदौर, भोपाल और मालवा के अन्य हिस्सों के बीच यात्रा का समय घटेगा और यात्री व वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। सरकार का दावा है कि इस राजमार्ग से लगभग 35 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और 62 गाँवों के लिए संपर्क बेहतर होगा।

गौरतलब है कि बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को कृषि उपज बाज़ारों तक तेज़ी से पहुँचाने में सहायता मिलेगी। सरकार ने यह भी कहा कि उन्नत बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार और रसद गतिविधियों को भी गति देगा। परियोजना से ईंधन की खपत में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और परिवहन लागत में कटौती की भी उम्मीद जताई गई है।

सिंहस्थ-2028 के लिए रणनीतिक महत्व

यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के दृष्टिकोण से विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। राजस्थान, गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक इस नए राजमार्ग के माध्यम से उज्जैन तक सुगमता से पहुँच सकेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार महाकुंभ से पहले धार्मिक पर्यटन के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दे रही है।

व्यापक बुनियादी ढाँचा रणनीति का हिस्सा

एमपीआरडीसी के तत्वावधान में बनने वाली यह परियोजना मध्य प्रदेश में प्रमुख धार्मिक, कृषि और वाणिज्यिक केंद्रों के बीच सड़क बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड राजमार्ग को राज्य की प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में से एक बताया है, जो इसके पूर्ण होने के बाद मालवा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

017 करोड़ की यह परियोजना सिंहस्थ-2028 से पहले मालवा क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है, लेकिन असली कसौटी समयसीमा पर खरा उतरना होगी — दो वर्षों में 98 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड निर्माण मध्य प्रदेश के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। राज्य में अनेक बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ घोषणाओं के बाद समयसीमा से आगे खिंचती रही हैं। यदि यह राजमार्ग समय पर पूरा होता है, तो यह मालवा के किसानों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए वास्तविक बदलाव ला सकता है — अन्यथा सिंहस्थ की भीड़ उसी पुरानी अव्यवस्था में फँसी रहेगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड राजमार्ग परियोजना क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार की ₹5,017 करोड़ की चार-लेन ग्रीनफील्ड राजमार्ग परियोजना है, जो उज्जैन से जावरा तक 98.73 किलोमीटर लंबी होगी। इसका निर्माण एमपीआरडीसी करेगा और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
इस राजमार्ग से किन्हें फायदा होगा?
राज्य सरकार के अनुसार, इस राजमार्ग से लगभग 35 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और 62 गाँवों के लिए संपर्क बेहतर होगा। किसान, व्यापारी, तीर्थयात्री और राजस्थान-गुजरात से आने वाले यात्री विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।
यह परियोजना सिंहस्थ-2028 से कैसे जुड़ी है?
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आने की उम्मीद है। यह राजमार्ग राजस्थान, गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से उज्जैन तक पहुँच को सुगम बनाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।
उज्जैन-जावरा राजमार्ग कब तक पूरा होगा?
राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना दो वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है। आधारशिला CM मोहन यादव शुक्रवार को रखेंगे।
इस राजमार्ग में कौन-कौन सी संरचनाएँ बनेंगी?
परियोजना में 3 रेलवे ओवरब्रिज, 9 बड़े पुल, 26 मध्यम पुल और 417 पुलिया शामिल हैं। इसके अलावा जावरा बाईपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से महू-नीमच चार-लेन राजमार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले