उमरिया पुलिस ने 17 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में की एफआईआर, हत्याकांड का भी खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- उमरिया में 17 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज।
- बाहुबली आरोपी अमित खम्परिया पर आरोप।
- संदिग्ध शव के मामले में हत्याकांड का खुलासा।
- पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
उमरिया, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर में स्थित सोन नदी के मसीरा घाट टोल नाका ठेका मामले में एक नया मोड़ आया है। लगभग 17 साल पुराने इस मामले में कोतवाली पुलिस ने बाहुबली आरोपी अमित खम्परिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि टोल नाका का ठेका प्राप्त करने के लिए फर्जी एफडीआर तैयार कर दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राज्य के अनेक जिलों में पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने टोल नाका ठेका हासिल करने के लिए फर्जी तरीके से एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) बनाई और उसे प्रस्तुत किया। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी का पता चलने के बाद उमरिया कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
सूत्रों के अनुसार, सोन नदी के मसीरा घाट टोल नाका का ठेका लेने के लिए आरोपी ने बैंक से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी एफडीआर का इस्तेमाल किया था। मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
दूसरी ओर, एक और मामले में पुलिस ने एक हत्याकांड का खुलासा किया है। उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में अखड़ार के तालाब से मिले संदिग्ध शव के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना एक युवती के कारण हुई है। 2 मार्च को शिवालय कोल और पंकज कोल ने अपने अन्य सात साथियों के साथ मिलकर तालाब के पास जमुना कोल की हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अखड़ार के तालाब में मिले युवक जमुना कोल के संदिग्ध शव के मामले में उमरिया पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला एक युवती से जुड़ा हुआ है। 2 मार्च को झापी निवासी जमुना कोल अपने दोस्तों के साथ मोबाइल पर बात कर रहा था और अचानक लापता हो गया।
परिजनों ने उसकी खोज की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में चंदिया थाना क्षेत्र के अखड़ार तालाब में उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि प्रेम संबंधों को लेकर हुए विवाद के कारण शिवालय कोल और पंकज कोल ने अपने अन्य सात साथियों के साथ मिलकर 2 मार्च को तालाब के किनारे जमुना कोल की हत्या की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है।
वहीं, इस घटना से जुड़े अन्य सात आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर पूरा मामला उजागर किया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है।