22 अगस्त 2026
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काबुल हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक: यूएन स्पेशल रिपोर्टर ने स्वतंत्र जांच की मांग फिर दोहराई

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काबुल हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक: यूएन स्पेशल रिपोर्टर ने स्वतंत्र जांच की मांग फिर दोहराई

सारांश

यूएन स्पेशल रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने काबुल के ओमिद हॉस्पिटल पर 16 मार्च की पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की स्वतंत्र जांच की माँग एक बार फिर दोहराई है। इस हमले में 269 लोग मारे गए थे। यूएनएएमए के आँकड़े बताते हैं कि जनवरी-मार्च 2026 में बॉर्डर पार हिंसा में 750 से अधिक अफगान नागरिक हताहत हुए।

मुख्य बातें

यूएन स्पेशल रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने 22 मई 2026 को काबुल के ओमिद ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की स्वतंत्र जांच की माँग दोहराई।
16 मार्च 2026 के हमले में कम से कम 269 लोग मारे गए और 122 घायल हुए — अधिकांश हॉस्पिटल के मरीज थे।
यूएनएएमए के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 के बीच बॉर्डर पार हिंसा में 372 अफगान नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए।
कुल नागरिक हताहत में 64% एयरस्ट्राइक से और 34% क्रॉस-बॉर्डर मोर्टार व आर्टिलरी फायरिंग से हुई।
बेनेट ने नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने को संभावित युद्ध अपराध बताया और तालिबान से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र के स्पेशल रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने 22 मई 2026 को एक बार फिर काबुल के ओमिद ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर 16 मार्च 2026 को हुई पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की पूर्ण और स्वतंत्र जांच की माँग दोहराई, जिसमें कम से कम 269 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बेनेट अफगानिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैं और उन्होंने यह बयान एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से दिया।

बेनेट ने क्या कहा

एक्स पर अपनी पोस्ट में बेनेट ने लिखा, "पाकिस्तान द्वारा काबुल के हॉस्पिटल पर 16 मार्च के हमले की पूरी स्वतंत्र जांच की जरूरत है। इस हमले में 269 से ज्यादा आम लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई। आम लोगों या नागरिकों को निशाना बनाकर जानबूझकर किए गए हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं।" उन्होंने तालिबान से भी ऐसे चिकित्सा केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

यह माँग संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें अफगानिस्तान में बॉर्डर पार हिंसा से हुई मौतों का विवरण दिया गया था।

हमले का विवरण और नुकसान

यूएनएएमए की रिपोर्ट के अनुसार, 16 मार्च 2026 को पाकिस्तानी सेना के तीन एयरस्ट्राइक से ओमिद ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल की संरचना को भारी नुकसान हुआ। मौके पर जाँच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर यूएनएएमए ने पुष्टि की कि कम से कम 269 लोग (सभी पुरुष) मारे गए और 122 लोग (एक महिला सहित) घायल हुए। मारे गए और घायल हुए लोगों में अधिकांश हॉस्पिटल के मरीज थे।

गौरतलब है कि यह हमला पाकिस्तान के ऑपरेशन अज़म-ए-इस्तेहकाम (ऑपरेशन गजब लिल-हक) की घोषणा के बाद हुआ, जिसे 26 फरवरी 2026 को शुरू किया गया था।

व्यापक नागरिक हताहत का आँकड़ा

यूएनएएमए ने 12 मई 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच पाकिस्तानी और अफगान सेना के बीच बॉर्डर पार हिंसा में कम से कम 372 अफगान नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए। कुल नागरिक हताहतों में 72 महिलाएँ, 554 पुरुष, 48 लड़कियाँ और 95 लड़के शामिल थे।

रिपोर्ट के अनुसार, 64 फीसदी नागरिक हताहत एयरस्ट्राइक की वजह से हुई, जबकि मोर्टार और आर्टिलरी जैसी क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग में 34 फीसदी हताहत दर्ज की गई। यूएनएएमए ने कुल मिलाकर अफगानिस्तान में 750 से अधिक नागरिकों की मौत और घायल होने का रिकॉर्ड तैयार किया है।

अंतरराष्ट्रीय कानून का सवाल

बेनेट का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन अफगानिस्तान में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी चिकित्सा संस्थान पर हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (इंटरनेशनल ह्यूमेनिटेरियन लॉ) का स्पष्ट उल्लंघन हो सकता है। यह पहली बार नहीं है जब संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले पर जवाबदेही की माँग की हो — बेनेट ने मार्च में भी इसी तरह की जांच की अपील की थी।

आगे क्या होगा

फिलहाल पाकिस्तान की ओर से इस ताज़ा माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इस मुद्दे को उठाए जाने की संभावना है। यूएनएएमए की रिपोर्ट और बेनेट की पुनः माँग अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने का काम कर सकती है, हालाँकि स्वतंत्र जांच के लिए पाकिस्तान की सहमति अनिवार्य होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पाकिस्तान की ओर से जवाबदेही का कोई संकेत नहीं है। यूएनएएमए के आँकड़े स्पष्ट हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के पास इस जांच को लागू करने का कोई बाध्यकारी तंत्र नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले को महज़ रिपोर्टों तक सीमित रखेगा, या पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की इच्छाशक्ति दिखाएगा।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काबुल के ओमिद हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक क्या थी?
16 मार्च 2026 को पाकिस्तानी सेना ने काबुल के ओमिद ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर तीन एयरस्ट्राइक कीं, जिसमें कम से कम 269 लोग मारे गए और 122 घायल हुए। यूएनएएमए की जाँच के अनुसार मारे गए और घायल हुए अधिकांश लोग हॉस्पिटल के मरीज थे।
यूएन स्पेशल रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने क्या माँग की है?
रिचर्ड बेनेट ने इस हमले की पूर्ण और स्वतंत्र जांच की माँग की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाना युद्ध अपराध माना जा सकता है और उन्होंने तालिबान से भी चिकित्सा केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
यूएनएएमए के अनुसार अफगानिस्तान में कुल कितने नागरिक हताहत हुए?
यूएनएएमए के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के बीच बॉर्डर पार हिंसा में 372 अफगान नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए। कुल मिलाकर 750 से अधिक नागरिकों की मौत और घायल होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जिनमें 64% हताहत एयरस्ट्राइक से हुई।
पाकिस्तान ने यह एयरस्ट्राइक किस ऑपरेशन के तहत की?
रिपोर्टों के अनुसार अधिकांश नागरिक हताहत 26 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के ऑपरेशन गजब लिल-हक की घोषणा के बाद हुए। 16 मार्च का काबुल हॉस्पिटल हमला इसी ऑपरेशन के दौरान हुई सबसे बड़ी एकल घटना थी।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में यह मुद्दा उठाए जाने की संभावना है, लेकिन स्वतंत्र जांच के लिए पाकिस्तान की सहमति आवश्यक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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