21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी कैबिनेट ने महिला, युवा और किसान हित के कई विधेयकों को दी मंजूरी: संजय निषाद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी कैबिनेट ने महिला, युवा और किसान हित के कई विधेयकों को दी मंजूरी: संजय निषाद

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने 21 जुलाई को लखनऊ में एक साथ कई मोर्चों पर बयान दिए — कैबिनेट के विधेयकों से लेकर सीजेपी की हिंसा, दिलजीत दोसांझ के बयान और राम मंदिर विवाद तक। उनका केंद्रीय संदेश: बदलाव बैलेट से आता है, बुलेट या बयानबाज़ी से नहीं।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 21 जुलाई को महिला, युवा और किसान हित के कई विधेयकों को मंजूरी दी।
मंत्री संजय निषाद ने कहा — हिंसक प्रदर्शन पर एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य है।
गायक दिलजीत दोसांझ के बयान पर निषाद ने कहा, 'देश सिंगर से नहीं, मतदाता की उँगली से चलता है।' जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर निषाद ने कहा — वैधानिकता संविधान और सदन तय करते हैं, पत्र नहीं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले — 'कानून अपना काम करेगा; यह राजनीति है।'

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 21 जुलाई को लखनऊ में कैबिनेट के ताज़ा फैसलों, नीट विरोध-प्रदर्शन और कई अन्य मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 'सर्वोत्तम प्रदेश' बनाने की दिशा में महिलाओं, नौजवानों और किसानों के हितों की रक्षा से जुड़े कई विधेयकों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है।

कैबिनेट के फैसले: क्या है एजेंडा

संजय निषाद के अनुसार, उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए कई अहम विधेयकों को स्वीकृति दी है। इन विधेयकों में महिला सशक्तिकरण, युवा रोज़गार और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं। निषाद ने कहा कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके तहत समाज के हर वर्ग को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सीजेपी प्रदर्शन और दिलजीत दोसांझ विवाद पर प्रतिक्रिया

सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में गायक दिलजीत दोसांझ के बयान पर संजय निषाद ने कहा, 'फिंगर से बटन दबाने से देश चलता है, सिंगर से नहीं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब मतदाता किसी आंदोलन में साथ आएँ, तभी वास्तविक परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है। उनके अनुसार, आंदोलन लोकतांत्रिक होना चाहिए और तहसील व ब्लॉक स्तर तक पहुँचने पर ही उसे समाज और देशहित में माना जाएगा।

हिंसक प्रदर्शन और एफआईआर पर सरकार का रुख

सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और एफआईआर दर्ज किए जाने पर निषाद ने कहा कि प्रशासन अपना दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा, 'आंदोलन हिंसक नहीं होना चाहिए। अगर आंदोलन हिंसक होगा, तो एफआईआर तो दर्ज होगी ही और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मिलने का समय दे दिया था, तो उसके बाद जबरदस्ती की क्या ज़रूरत थी।

जौहर यूनिवर्सिटी और बिहार स्कूल विवाद पर टिप्पणी

जौहर यूनिवर्सिटी के मामले पर निषाद ने कहा कि वैधानिकता का निर्धारण सदन, कैबिनेट और देश के संविधान से होता है — महज़ पत्र लिखने से कुछ नहीं बदलता। बिहार में स्कूलों को भगवा रंग से रंगे जाने के विवाद पर उन्होंने विपक्ष पर तंज़ कसते हुए कहा कि जब उनकी सरकारें थीं तब कोई रंग नहीं लगाया गया, कम से कम अब कुछ तो हुआ।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बयान

राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि जब मंदिर निर्माण हो रहा था तब जिन लोगों की आस्था नहीं थी, वे अब घटना घटने पर ज्ञान देने लगे हैं। उन्होंने इसे 'राजनीति' करार दिया और कहा कि 'कानून अपना काम करेगा।' यह बयान ऐसे समय आया है जब मंदिर प्रशासन से जुड़े वित्तीय मामलों पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे 'सर्वोत्तम प्रदेश' के दावे की स्वतंत्र पड़ताल मुश्किल है। सीजेपी प्रदर्शन पर सरकार का 'बातचीत पहले, फिर कार्रवाई' वाला तर्क तार्किक लगता है, लेकिन यह सवाल खुला रहता है कि क्या प्रदर्शनकारियों को वार्ता का पर्याप्त अवसर मिला। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर 'कानून करेगा काम' कहना जवाबदेही से बचने का परिचित तरीका है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 21 जुलाई को कौन से विधेयकों को मंजूरी दी?
मंत्री संजय निषाद के अनुसार, कैबिनेट ने महिलाओं, नौजवानों और किसानों के हितों की रक्षा से संबंधित कई विधेयकों को मंजूरी दी है। इन विधेयकों का विस्तृत ब्यौरा सरकार की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सीजेपी प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों के घायल होने पर यूपी सरकार का क्या रुख है?
मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि हिंसक आंदोलन पर एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जब BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मिलने का समय दे दिया था, तो उसके बाद जबरदस्ती उचित नहीं थी।
संजय निषाद ने दिलजीत दोसांझ के बयान पर क्या कहा?
निषाद ने कहा कि देश सिंगर से नहीं, बल्कि मतदाता की उँगली से चलता है। उनके अनुसार, जब आंदोलन तहसील और ब्लॉक स्तर तक पहुँचे और मतदाता उसमें शामिल हों, तभी वह समाजहित में माना जाएगा।
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर यूपी सरकार का क्या कहना है?
संजय निषाद ने कहा कि किसी चीज़ की वैधानिकता पत्र लिखने से नहीं, बल्कि सदन, कैबिनेट और देश के संविधान से तय होती है। जो वैध है वो वैध रहेगा और जो अवैध है वो अवैध।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संजय निषाद ने क्या कहा?
निषाद ने कहा कि जो लोग मंदिर निर्माण के समय आस्था नहीं रखते थे, वे अब घटना घटने पर ज्ञान दे रहे हैं — यही राजनीति है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून अपना काम करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 6 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले