यूपी कैबिनेट ने महिला, युवा और किसान हित के कई विधेयकों को दी मंजूरी: संजय निषाद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 21 जुलाई को लखनऊ में कैबिनेट के ताज़ा फैसलों, नीट विरोध-प्रदर्शन और कई अन्य मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 'सर्वोत्तम प्रदेश' बनाने की दिशा में महिलाओं, नौजवानों और किसानों के हितों की रक्षा से जुड़े कई विधेयकों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है।
कैबिनेट के फैसले: क्या है एजेंडा
संजय निषाद के अनुसार, उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए कई अहम विधेयकों को स्वीकृति दी है। इन विधेयकों में महिला सशक्तिकरण, युवा रोज़गार और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं। निषाद ने कहा कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके तहत समाज के हर वर्ग को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीजेपी प्रदर्शन और दिलजीत दोसांझ विवाद पर प्रतिक्रिया
सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में गायक दिलजीत दोसांझ के बयान पर संजय निषाद ने कहा, 'फिंगर से बटन दबाने से देश चलता है, सिंगर से नहीं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब मतदाता किसी आंदोलन में साथ आएँ, तभी वास्तविक परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है। उनके अनुसार, आंदोलन लोकतांत्रिक होना चाहिए और तहसील व ब्लॉक स्तर तक पहुँचने पर ही उसे समाज और देशहित में माना जाएगा।
हिंसक प्रदर्शन और एफआईआर पर सरकार का रुख
सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और एफआईआर दर्ज किए जाने पर निषाद ने कहा कि प्रशासन अपना दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा, 'आंदोलन हिंसक नहीं होना चाहिए। अगर आंदोलन हिंसक होगा, तो एफआईआर तो दर्ज होगी ही और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मिलने का समय दे दिया था, तो उसके बाद जबरदस्ती की क्या ज़रूरत थी।
जौहर यूनिवर्सिटी और बिहार स्कूल विवाद पर टिप्पणी
जौहर यूनिवर्सिटी के मामले पर निषाद ने कहा कि वैधानिकता का निर्धारण सदन, कैबिनेट और देश के संविधान से होता है — महज़ पत्र लिखने से कुछ नहीं बदलता। बिहार में स्कूलों को भगवा रंग से रंगे जाने के विवाद पर उन्होंने विपक्ष पर तंज़ कसते हुए कहा कि जब उनकी सरकारें थीं तब कोई रंग नहीं लगाया गया, कम से कम अब कुछ तो हुआ।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बयान
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि जब मंदिर निर्माण हो रहा था तब जिन लोगों की आस्था नहीं थी, वे अब घटना घटने पर ज्ञान देने लगे हैं। उन्होंने इसे 'राजनीति' करार दिया और कहा कि 'कानून अपना काम करेगा।' यह बयान ऐसे समय आया है जब मंदिर प्रशासन से जुड़े वित्तीय मामलों पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।