20 सितंबर 2026
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यूपी पुलिस भर्ती 2023: योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बोले अभ्यर्थी — बिना सिफारिश मिली नौकरी

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यूपी पुलिस भर्ती 2023: योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बोले अभ्यर्थी — बिना सिफारिश मिली नौकरी

सारांश

यूपी पुलिस लिपिक भर्ती-2023 में चयनित अभ्यर्थियों ने CM योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर एक ही बात कही — बिना सिफारिश, सिर्फ मेहनत से मिली नौकरी। 5 साल तक तैयारी करने वालों के लिए यह दिन उनके संघर्ष की सार्थकता का प्रमाण बना।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में यूपी पुलिस लिपिक भर्ती-2023 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी; परिणाम मार्च 2026 में घोषित किया गया था।
चयनित अभ्यर्थियों में संजीव वर्मा , रजत गुप्ता , अंजू भारती , दर्शना बाजपेयी , धीरेंद्र सिंह और सिद्धार्थ श्रीवास्तव शामिल हैं।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया; किसी ने सिफारिश या लेनदेन की ज़रूरत नहीं पड़ने की बात कही।
रजत गुप्ता का यह यूपी पुलिस में दूसरा चयन है — पहला 2020 में आरक्षी पद पर हुआ था।
कुछ अभ्यर्थियों ने 3 से 5 वर्षों की तैयारी के बाद सफलता पाई।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को 20 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लखनऊ में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। चयनित युवाओं ने एकमत होकर कहा कि मेहनत और योग्यता के दम पर मिली यह नौकरी उनके वर्षों के संघर्ष का पुरस्कार है।

अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को आयोजित हुई थी और परिणाम मार्च 2026 में घोषित किया गया। संजीव ने कहा, 'पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है — मेहनत करने वालों को सफलता मिली है।'

लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता के लिए यह यूपी पुलिस में दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हो चुके हैं और अब उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर उनकी नियुक्ति हुई है। रजत ने कहा कि लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल — हर चरण में पारदर्शिता बनाए रखी गई।

महिला अभ्यर्थियों की आवाज़

पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) पद पर चयनित अंजू भारती ने बताया कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्होंने कहा, 'मुझे केवल आवेदन शुल्क खर्च करना पड़ा — बाकी सब योग्यता ने तय किया।' इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने तीन वर्षों की तैयारी के बाद मिली सफलता को परिवार के लिए 'बड़ी उपलब्धि' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना तक नहीं की थी।

दीर्घकालिक तैयारी का फल

धीरेंद्र सिंह, जिन्होंने 5 वर्षों से तैयारी की थी, ने कहा कि आज उनके संघर्ष को मंज़िल मिली। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि वह 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे और अब सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनकी नियुक्ति होने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का मुद्दा वर्षों से चर्चा में रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर पुलिस भर्तियाँ संपन्न कराई हैं और परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी से जोड़ा है। चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव बताते हैं कि कम से कम इस भर्ती चक्र में प्रक्रियागत पारदर्शिता को लेकर उम्मीदवारों में सकारात्मक धारणा बनी है।

आगे का रास्ता

नव-नियुक्त अभ्यर्थी अपने-अपने पदों पर शीघ्र योगदान देंगे। युवाओं की यह खुशी राज्य सरकार की भर्ती नीति के लिए एक सकारात्मक संदेश है, हालाँकि विशेषज्ञ कहते हैं कि दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए हर भर्ती चक्र में इसी स्तर की पारदर्शिता बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एकपक्षीय तस्वीर है — ये वे लोग हैं जिन्हें नौकरी मिली। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों पर वर्षों से पेपर-लीक और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, और इस भर्ती चक्र की पारदर्शिता का दावा केवल चयनित उम्मीदवारों के बयानों पर टिका है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यही अनुभव उन लाखों अभ्यर्थियों का भी रहा जो चयन से बाहर रहे। राज्य सरकार के लिए यह जनसंपर्क का अवसर है, पर जवाबदेही के लिए स्वतंत्र감사 ज़रूरी है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी पुलिस लिपिक भर्ती-2023 के तहत नियुक्ति पत्र कब बाँटे गए?
नियुक्ति पत्र 20 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लखनऊ में सौंपे गए। इस भर्ती की परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और परिणाम मार्च 2026 में आया था।
यूपी पुलिस लिपिक भर्ती-2023 में किन पदों पर चयन हुआ?
इस भर्ती के अंतर्गत उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) जैसे पदों पर चयन हुआ। ये सभी पद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अंतर्गत आते हैं।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?
चयनित अभ्यर्थियों ने एकमत होकर भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट और मेडिकल — हर चरण में कोई सिफारिश या लेनदेन नहीं करनी पड़ी।
क्या किसी अभ्यर्थी का यूपी पुलिस में यह पहला चयन नहीं था?
लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता के लिए यह यूपी पुलिस में दूसरा चयन है। वह वर्ष 2020 में आरक्षी पद पर चयनित हो चुके थे और अब उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर उनकी नियुक्ति हुई है।
कितने वर्षों की तैयारी के बाद अभ्यर्थियों को सफलता मिली?
अभ्यर्थियों की तैयारी की अवधि अलग-अलग रही। धीरेंद्र सिंह ने 5 वर्षों, दर्शना बाजपेयी ने 3 वर्षों और सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने 2021 से यानी लगभग 5 वर्षों से तैयारी की थी।
राष्ट्र प्रेस
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