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यूपी विधानसभा में ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, ऊर्जा क्षेत्र को ₹4,722 करोड़ और उद्योग को ₹20,905 करोड़

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यूपी विधानसभा में ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, ऊर्जा क्षेत्र को ₹4,722 करोड़ और उद्योग को ₹20,905 करोड़

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने मानसून सत्र में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया — जिसमें उद्योग के लिए ₹20,905 करोड़ का पूंजीगत दांव सबसे बड़ा है। सपा के हंगामे के बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ऊर्जा, स्वास्थ्य और कृषि को भी बड़े आवंटन दिए।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 4 अगस्त 2026 को यूपी विधानसभा में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया।
भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को सर्वाधिक ₹20,905.88 करोड़ का पूंजीगत प्रावधान मिला।
ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹4,722 करोड़ और समाज कल्याण के लिए ₹1,655 करोड़ आवंटित।
स्वास्थ्य में एलोपैथी चिकित्सा के लिए ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत व्यय।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने पूर्व बजट के उपयोग का हिसाब माँगा; सदन में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी हुई।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 अगस्त 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में यह बजट पेश करते हुए ऊर्जा, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, कृषि और समाज कल्याण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान सदन में उपस्थित रहे।

बजट में क्या-क्या शामिल है

औद्योगिक विकास को इस अनुपूरक बजट में सर्वाधिक महत्व दिया गया है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए पूंजीगत मद में ₹20,905.88 करोड़ तथा राजस्व मद में ₹130.30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा मुद्रण एवं लेखन सामग्री से जुड़े पूंजीगत कार्यों के लिए भी अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है।

ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹4,722 करोड़ तथा समाज कल्याण विभाग के लिए ₹1,655 करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य में आधारभूत ढाँचे के विस्तार और औद्योगिक निवेश को गति देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को आवंटन

स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है — राजस्व मद में ₹1,100 करोड़ और पूंजीगत व्यय में ₹96 करोड़ का प्रावधान किया गया है। परिवार कल्याण के लिए ₹704.25 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ₹60.65 करोड़ तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।

कृषि क्षेत्र में कृषि विभाग को राजस्व मद में ₹132.38 करोड़ और पूंजीगत मद में ₹159 करोड़ का प्रावधान मिला है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के लिए ₹244.80 करोड़ से अधिक, पशुपालन विभाग के लिए लगभग ₹70 करोड़ तथा दुग्ध विकास, मत्स्य और भूमि विकास एवं जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था की गई है।

सदन में विपक्ष का हंगामा

बजट प्रस्तुति के दौरान विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक वेल में पहुँच गए और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। सपा सदस्यों ने 'चंदा चोर कहाँ मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में' के नारे लगाए, जिसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने 'टोटी चोर कहाँ मिलेंगे, सपा के दफ्तर में' के नारे से पलटवार किया।

विपक्ष की आपत्तियाँ

सपा विधायक अतुल प्रधान ने अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि पूर्व में स्वीकृत बजट का कितना उपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि केवल नया बजट पेश करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार को अपने पुराने दावों का भी जवाब देना चाहिए।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश 2027 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है और योगी सरकार अपनी विकास-केंद्रित छवि को और पुख्ता करने में जुटी है। गौरतलब है कि अनुपूरक बजट में औद्योगिक पूंजीगत व्यय का आकार मूल बजट के कई प्रमुख क्षेत्रों से भी बड़ा है, जो राज्य की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत देता है। सदन में इस बजट पर विस्तृत चर्चा आने वाले दिनों में अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

019 करोड़ के इस अनुपूरक बजट में भारी उद्योग के लिए ₹20,905 करोड़ का पूंजीगत आवंटन एक असाधारण रूप से बड़ा आँकड़ा है — जो कुल बजट के एक-तिहाई से अधिक है और संकेत देता है कि योगी सरकार 2027 के चुनावों से पहले औद्योगिक निवेश की कहानी को केंद्र में रखना चाहती है। लेकिन सपा का वह सवाल जायज़ है कि पहले के बजट का उपयोग कितना हुआ — क्योंकि उत्तर प्रदेश में पूंजीगत व्यय की वास्तविक उपयोग दर ऐतिहासिक रूप से घोषणाओं से पीछे रही है। बिना पारदर्शी व्यय-ट्रैकिंग के, यह बजट भी एक और प्रभावशाली संख्या बनकर रह सकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी का ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 4 अगस्त 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया गया अतिरिक्त बजट है, जिसमें मूल बजट से परे ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए ₹59,019.54 करोड़ के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
इस बजट में किस क्षेत्र को सबसे अधिक धनराशि मिली?
भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को पूंजीगत मद में ₹20,905.88 करोड़ की सर्वाधिक राशि आवंटित की गई है, जो इस अनुपूरक बजट का सबसे बड़ा एकल आवंटन है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कितना बजट रखा गया है?
स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा के लिए ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत व्यय का प्रावधान है। परिवार कल्याण के लिए ₹704.25 करोड़ और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ₹60.65 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं।
विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर क्या आपत्ति जताई?
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने माँग की कि सरकार पहले यह बताए कि पूर्व में स्वीकृत बजट का कितना उपयोग हुआ। उनका कहना था कि बिना पुराने दावों का जवाब दिए नया बजट पेश करना जनता की समस्याओं का समाधान नहीं है।
कृषि क्षेत्र के लिए इस बजट में क्या प्रावधान किए गए हैं?
कृषि विभाग को राजस्व मद में ₹132.38 करोड़ और पूंजीगत मद में ₹159 करोड़ मिले हैं। इसके अलावा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के लिए ₹244.80 करोड़ से अधिक और पशुपालन विभाग के लिए लगभग ₹70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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