भुवनेश्वर में वरिष्ठ ओएएस अधिकारी गिरफ्तार, जूनियर महिला सहकर्मी से यौन दुर्व्यवहार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को ओडिशा के वाणिज्य एवं परिवहन विभाग में कार्यरत 55 वर्षीय वरिष्ठ ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) अधिकारी अरुण कुमार बिस्वाल को उनकी जूनियर महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी परिवहन विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात बताया जाता है, जबकि पीड़िता उसी विभाग में संविदा आधार पर कार्यरत एक अविवाहित महिला है।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
खारवेलनगर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक देबेंद्र कुमार बिस्वाल के अनुसार, आरोपी गुरुवार देर रात पीड़िता के किराए के मकान में जबरन घुसा और उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। उसने कथित तौर पर पीड़िता के साथ यौन दुर्व्यवहार का प्रयास भी किया। पीड़िता ने तुरंत फोन पर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
इसके बाद पीड़िता ने खारवेलनगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला संख्या 657/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 109(1), 115(2), 296, 351(2), 351(3) और 64(2)(बी) के तहत हत्या के प्रयास, लोक सेवक द्वारा अधीनस्थ महिला कर्मचारी से दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोप लगाए।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
आरोपी अरुण कुमार बिस्वाल ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के कुजंगा क्षेत्र के मूल निवासी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अतीत में पीड़िता को शादी का प्रस्ताव दिया था और पिछले सात से आठ महीनों से उसे धमकियाँ देकर यौन संबंध बनाने के लिए कथित तौर पर मजबूर करता रहा था। आरोप है कि उसने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख लिए थे और उनका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया।
जाँच और साक्ष्य संग्रह
पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं। पीड़िता का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। निरीक्षक देबेंद्र कुमार बिस्वाल ने बताया कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि घटना के बाद पीड़िता को गहरा मानसिक आघात पहुँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में बहस तेज़ है और सरकारी विभागों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधीनस्थों के कथित उत्पीड़न की घटनाएँ सवालों के घेरे में हैं।
आम जनता और प्रशासन पर असर
गौरतलब है कि आरोपी एक वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो सरकारी सेवा में उच्च पद पर काबिज हैं। यह मामला सरकारी कार्यालयों में संविदा कर्मचारियों — विशेषकर महिलाओं — की सुरक्षा और जवाबदेही के सवाल को प्रमुखता से उठाता है। आलोचकों का कहना है कि अधीनस्थ पदों पर काम करने वाली महिला कर्मचारी अपनी संविदा नौकरी खोने के डर से शिकायत करने से हिचकती हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल अरुण कुमार बिस्वाल को हिरासत में लिया गया है और जाँच जारी है। पुलिस ने संकेत दिया है कि डिजिटल साक्ष्यों की जाँच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ओडिशा सरकार के प्रशासनिक ढाँचे में जवाबदेही की परीक्षा भी बन सकता है।