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भुवनेश्वर में वरिष्ठ ओएएस अधिकारी गिरफ्तार, जूनियर महिला सहकर्मी से यौन दुर्व्यवहार का आरोप

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भुवनेश्वर में वरिष्ठ ओएएस अधिकारी गिरफ्तार, जूनियर महिला सहकर्मी से यौन दुर्व्यवहार का आरोप

सारांश

ओडिशा के परिवहन विभाग में अतिरिक्त सचिव पद पर तैनात 55 वर्षीय वरिष्ठ ओएएस अधिकारी अरुण कुमार बिस्वाल को उनकी संविदा महिला सहकर्मी से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप में भुवनेश्वर पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह पिछले सात-आठ महीनों से पीड़िता को धमकियाँ देकर यौन शोषण कर रहा था।

मुख्य बातें

अरुण कुमार बिस्वाल , 55 वर्षीय वरिष्ठ ओएएस अधिकारी और परिवहन विभाग में अतिरिक्त सचिव , को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने गुरुवार देर रात पीड़िता के किराए के मकान में घुसकर शारीरिक और कथित यौन दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने बीएनएस 2023 की धारा 109(1), 115(2), 296, 351(2), 351(3), 64(2)(बी) के तहत मामला संख्या 657/2026 दर्ज किया।
आरोप है कि आरोपी पिछले 7-8 महीनों से पीड़िता को धमकाकर यौन शोषण कर रहा था और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें-वीडियो अपने पास रखे थे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर जाँच शुरू की; पीड़िता का बयान दर्ज।

भुवनेश्वर पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को ओडिशा के वाणिज्य एवं परिवहन विभाग में कार्यरत 55 वर्षीय वरिष्ठ ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) अधिकारी अरुण कुमार बिस्वाल को उनकी जूनियर महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी परिवहन विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात बताया जाता है, जबकि पीड़िता उसी विभाग में संविदा आधार पर कार्यरत एक अविवाहित महिला है।

घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी

खारवेलनगर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक देबेंद्र कुमार बिस्वाल के अनुसार, आरोपी गुरुवार देर रात पीड़िता के किराए के मकान में जबरन घुसा और उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। उसने कथित तौर पर पीड़िता के साथ यौन दुर्व्यवहार का प्रयास भी किया। पीड़िता ने तुरंत फोन पर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

इसके बाद पीड़िता ने खारवेलनगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला संख्या 657/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 109(1), 115(2), 296, 351(2), 351(3) और 64(2)(बी) के तहत हत्या के प्रयास, लोक सेवक द्वारा अधीनस्थ महिला कर्मचारी से दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोप लगाए।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

आरोपी अरुण कुमार बिस्वाल ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के कुजंगा क्षेत्र के मूल निवासी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अतीत में पीड़िता को शादी का प्रस्ताव दिया था और पिछले सात से आठ महीनों से उसे धमकियाँ देकर यौन संबंध बनाने के लिए कथित तौर पर मजबूर करता रहा था। आरोप है कि उसने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख लिए थे और उनका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया।

जाँच और साक्ष्य संग्रह

पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं। पीड़िता का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। निरीक्षक देबेंद्र कुमार बिस्वाल ने बताया कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है।

पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि घटना के बाद पीड़िता को गहरा मानसिक आघात पहुँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में बहस तेज़ है और सरकारी विभागों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधीनस्थों के कथित उत्पीड़न की घटनाएँ सवालों के घेरे में हैं।

आम जनता और प्रशासन पर असर

गौरतलब है कि आरोपी एक वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो सरकारी सेवा में उच्च पद पर काबिज हैं। यह मामला सरकारी कार्यालयों में संविदा कर्मचारियों — विशेषकर महिलाओं — की सुरक्षा और जवाबदेही के सवाल को प्रमुखता से उठाता है। आलोचकों का कहना है कि अधीनस्थ पदों पर काम करने वाली महिला कर्मचारी अपनी संविदा नौकरी खोने के डर से शिकायत करने से हिचकती हैं।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल अरुण कुमार बिस्वाल को हिरासत में लिया गया है और जाँच जारी है। पुलिस ने संकेत दिया है कि डिजिटल साक्ष्यों की जाँच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ओडिशा सरकार के प्रशासनिक ढाँचे में जवाबदेही की परीक्षा भी बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ संविदा महिला कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के सामने बेहद कमज़ोर स्थिति में होती हैं। आरोप है कि उत्पीड़न सात-आठ महीने चला — यह सवाल उठाता है कि विभागीय शिकायत तंत्र और आंतरिक समितियाँ (PoSH अधिनियम के तहत) कहाँ थीं। यदि पीड़िता ने खुद फोन कर पुलिस को सूचित न किया होता, तो यह मामला शायद कभी सामने न आता। ओडिशा सरकार को न केवल इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा, बल्कि संविदा कर्मियों की सुरक्षा के लिए ठोस जवाबदेही ढाँचा भी स्थापित करना होगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में गिरफ्तार ओएएस अधिकारी कौन हैं?
गिरफ्तार अधिकारी का नाम अरुण कुमार बिस्वाल है, जो ओडिशा के परिवहन विभाग में अतिरिक्त सचिव पद पर तैनात बताए जाते हैं। वे ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के कुजंगा क्षेत्र के निवासी हैं और उनकी उम्र 55 वर्ष है।
आरोपी पर क्या धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 109(1), 115(2), 296, 351(2), 351(3) और 64(2)(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें हत्या के प्रयास और लोक सेवक द्वारा अधीनस्थ महिला कर्मचारी से दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
पीड़िता ने शिकायत कैसे दर्ज कराई?
आरोपी के देर रात घर में घुसने पर पीड़िता ने तुरंत फोन कर पुलिस को सूचित किया। पीसीआर टीम के पहुँचने के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया और बाद में पीड़िता ने खारवेलनगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
क्या आरोपी ने पहले भी पीड़िता का उत्पीड़न किया था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले सात से आठ महीनों से पीड़िता को धमकियाँ देकर कथित तौर पर यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहा था। आरोप है कि उसने पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल में रखे थे, जिनका उपयोग दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
मामले की जाँच में अब तक क्या हुआ है?
पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और पीड़िता का बयान दर्ज किया है। मामला संख्या 657/2026 दर्ज किया गया है और जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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