यूपीसीएटीईटी-2026 परिणाम घोषित: मेरठ की काव्य मसीह ने यूजी में मारी बाज़ी, 14,802 अभ्यर्थी सफल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा (यूपीसीएटीईटी-2026) का परिणाम सोमवार, 29 जून 2026 को घोषित कर दिया गया। मेरठ के कंकरखेड़ा की काव्य मसीह ने स्नातक (यूजी) वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि परास्नातक में बलिया के शिवम यादव और पीएचडी वर्ग में मऊ के अमन सिंह शीर्ष पर रहे। परीक्षा में कुल 14,802 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की।
परिणाम कैसे जारी हुआ
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने विधानसभा स्थित कार्यालय में बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति एस.वी.एस. राजू की उपस्थिति में परिणाम जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और परीक्षा के पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन के लिए कुलपति और उनकी टीम की सराहना की।
मंत्री शाही ने कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने पूरी शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ परीक्षा का सफल आयोजन कर प्रदेश में एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मेधा सूची में किसने पाया कौन-सा स्थान
स्नातक (यूजी) वर्ग में मेरठ के कंकरखेड़ा की काव्य मसीह ने प्रथम, कन्नौज की प्राची द्विवेदी ने द्वितीय और रामपुर के मोहम्मद कैफ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
परास्नातक (पीजी) वर्ग में बलिया के शिवम यादव प्रथम और उन्नाव की आस्था यादव द्वितीय स्थान पर रहीं। पीएचडी वर्ग में मऊ के अमन सिंह ने पहला और मथुरा के अभिषेक गौतम ने दूसरा स्थान हासिल किया।
परीक्षा का आयोजन और आँकड़े
यूपीसीएटीईटी-2026 का आयोजन 17 और 18 जून 2026 को प्रदेश के 12 जनपदों में किया गया। स्नातक प्रवेश परीक्षा के लिए 27 परीक्षा केंद्र और परास्नातक, पीएचडी तथा एमबीए पाठ्यक्रमों के लिए 18 केंद्र स्थापित किए गए थे।
परीक्षा के लिए कुल 18,827 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 16,349 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 14,802 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। सफल अभ्यर्थियों में 73 प्रतिशत पुरुष और 27 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी हैं।
आगे की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध रखते हुए रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित किया गया। अब सफल अभ्यर्थियों की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि यह परिणाम कृषि शिक्षा में रुचि रखने वाले हज़ारों युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की दिशा तय करेगा।