केदारताल हिमस्खलन: दो और शव बरामद, मृतकों की संख्या बढ़कर 6; 2 लापता की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक मार्ग पर आए विनाशकारी हिमस्खलन में 5 नवंबर 2026 को दो और ट्रैकर्स के शव बरामद हुए, जिससे इस हादसे में अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या छह हो गई है। एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने भीषण मौसम और दुर्गम हिमालयी इलाके के बावजूद सर्च अभियान जारी रखा।
सर्च अभियान का ब्यौरा
गुरुवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुए सर्च अभियान में एसडीआरएफ और NIM की संयुक्त टीम ने हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र से दो पुरुष ट्रैकर्स के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए। दोनों शवों को फिलहाल बेस कैंप में रखा गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी के मुताबिक खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के कारण अभियान अपराह्न साढ़े तीन बजे रोकना पड़ा।
इन दोनों शवों को शुक्रवार, 6 नवंबर को हेलीकॉप्टर के ज़रिए मातली हेलीपैड लाया जाएगा। शुक्रवार को सर्च अभियान फिर से शुरू किए जाने की योजना है।
पहले बरामद शवों की पहचान
4 नवंबर को बरामद दो पुरुष ट्रैकर्स की पहचान उनके परिजनों ने जिला चिकित्सालय, उत्तरकाशी में की। मृतकों के नाम रिंटू मंडल (40 वर्ष) और उदय घोष (30 वर्ष) बताए गए हैं। दोनों पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के निवासी थे। पोस्टमार्टम और पंचनामे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए हैं।
4 नवंबर को ही बरामद दो महिला ट्रैकर्स के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद देर रात मोर्चरी वाहन से देहरादून भेजा गया, जहाँ से एंबुलेंस के ज़रिए उन्हें उनके परिजनों तक पहुँचाया गया।
हादसे की पृष्ठभूमि
केदारताल ट्रेक के लगभग 4,000 मीटर की ऊँचाई वाले क्षेत्र में भारी हिमपात और हिमस्खलन की चपेट में आने से सात ट्रैकर्स और एक गाइड सहित कुल आठ लोग लापता हो गए थे। गौरतलब है कि केदारताल उत्तरकाशी ज़िले का एक अत्यंत लोकप्रिय लेकिन चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग गंतव्य है, जहाँ सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम अचानक बिगड़ जाता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अक्टूबर-नवंबर के दौरान असमय बर्फबारी की घटनाएँ बढ़ी हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन के अनुसार पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी जिलाधिकारी स्तर से लगातार की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिकूल मौसम के कारण अभियान में बाधाएँ आ रही हैं, लेकिन टीमें रोज़ सुबह अभियान फिर से शुरू करती हैं।
आगे क्या होगा
अभी भी दो लोगों का पता नहीं चला है। शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह सर्च अभियान दोबारा शुरू होने की संभावना है। गुरुवार को बरामद शव हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड लाए जाएँगे। मौसम की स्थिति में सुधार पर बचाव कार्य की गति निर्भर करेगी।