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वंदे मातरम् का सम्मान सबकी जिम्मेदारी: शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे का स्वतंत्रता दिवस पर आह्वान

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वंदे मातरम् का सम्मान सबकी जिम्मेदारी: शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे का स्वतंत्रता दिवस पर आह्वान

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने वंदे मातरम् के सम्मान का आह्वान किया, मराठी भाषा विवाद को राजनीतिक मुद्दा बताने वालों को आगाह किया और एआई शिक्षा से पहले सरकारी स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था सुधारने की माँग रखी।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि 'वंदे मातरम्' का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मराठी भाषा मुद्दे पर बोले — करीब 90 प्रतिशत गैर-मराठी चालक मराठी सीख चुके हैं; शेष को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया।
किसी का परमिट नहीं छीना जाएगा; मुद्दे को राजनीतिक रंग देने वाले अपना जनाधार खोएंगे।
एआई प्रशिक्षण से पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और इंटरनेट-मोबाइल सुविधा सुनिश्चित करने की माँग।
केवल एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देना अपर्याप्त; बड़े पैमाने पर युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना होगा।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 15 अगस्त 2026 को मुंबई में कहा कि 'वंदे मातरम्' देश और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं प्रेम का प्रतीक है, और प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भारत माता तथा इस राष्ट्रगान के प्रति आदरभाव रखे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए इस वक्तव्य में दुबे ने मराठी भाषा विवाद, एआई शिक्षा और युवा पीढ़ी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी।

मराठी भाषा विवाद पर स्पष्टीकरण

मराठी भाषा के मुद्दे पर आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों के रूप में कार्यरत गैर-मराठी भाषी लोगों को मराठी सिखाने के लिए सरकार की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार, करीब 90 प्रतिशत चालक मराठी सीख चुके हैं, जबकि शेष लोगों को सरकार ने तीन महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।

दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कोई बड़ा विवाद नहीं है और जो लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, वे अपना जनाधार खो देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में निवास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य के विकास में योगदान देने वाला नागरिक है और किसी का भी परमिट नहीं छीना जाएगा — जो नहीं सीख पाए हैं, उन्हें आगे भी अवसर मिलेगा।

एआई शिक्षा पर सरकार से सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जोड़ने की पहल का स्वागत करते हुए दुबे ने कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले सरकारी स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था को दुरुस्त करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है और ऑनलाइन शिक्षा के लिए छात्रों के पास मोबाइल फोन व इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा होना पहली शर्त है।

दुबे ने यह भी रेखांकित किया कि देश में युवाओं की संख्या करोड़ों में है, ऐसे में केवल एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार, भविष्य की तकनीकों के लिए बड़े पैमाने पर युवाओं को तैयार करना होगा।

युवा पीढ़ी और जेन-ज़ी पर दृष्टिकोण

देश की जेन-ज़ी पीढ़ी के बारे में दुबे ने कहा कि आज का युवा जागरूक और सजग है। हालाँकि, कुछ युवा विभिन्न परिस्थितियों के कारण समाज की मुख्यधारा से भटक सकते हैं — ऐसे युवाओं को पुनः समाज से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के महापुरुषों के विचारों और जीवन से प्रेरणा लेकर युवा सही-गलत का भेद करते हुए राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संदेश

आनंद दुबे ने समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं और स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा में तत्पर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दुबे ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे मिलकर स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और एक विकसित, आत्मनिर्भर तथा सर्वश्रेष्ठ भारत के निर्माण का संकल्प लें। यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब देश अपनी आजादी के 79वें वर्ष का उत्सव मना रहा है और 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यही मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में वोट-बैंक को प्रभावित करता रहा है। एआई शिक्षा पर उनकी आलोचना तकनीकी रूप से सटीक है — बिना बुनियादी ढाँचे के डिजिटल महत्वाकांक्षाएँ खोखली रहती हैं — लेकिन यह सवाल भी उठता है कि विपक्ष के पास इस समस्या का ठोस वैकल्पिक खाका क्या है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद दुबे ने वंदे मातरम् के बारे में क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि 'वंदे मातरम्' देश और मातृभूमि के प्रति सम्मान व प्रेम की भावना से जुड़ा है और हर नागरिक को इसका सम्मान करना चाहिए।
महाराष्ट्र में मराठी भाषा विवाद पर दुबे का क्या रुख है?
दुबे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने की सरकारी व्यवस्था है और करीब 90 प्रतिशत चालक मराठी सीख चुके हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करने वालों को आगाह किया कि वे अपना जनाधार खो देंगे।
क्या गैर-मराठी चालकों का परमिट रद्द किया जाएगा?
नहीं। आनंद दुबे ने स्पष्ट किया कि किसी का परमिट नहीं छीना जाएगा। जो चालक अभी तक मराठी नहीं सीख पाए हैं, उन्हें सरकार ने तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है और आगे भी अवसर दिया जाएगा।
एआई शिक्षा पर दुबे ने सरकार से क्या माँग की?
दुबे ने कहा कि एआई प्रशिक्षण से पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जाए और छात्रों को मोबाइल फोन व इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं — बड़े पैमाने पर तैयारी जरूरी है।
आनंद दुबे ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों से क्या अपील की?
दुबे ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और एक विकसित, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने अमर बलिदानियों और देश की रक्षा में तत्पर जवानों को भी श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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