वंदे मातरम के लिए भी बने जन गण मन जैसा कानून: टीएमसी सांसद सौगत रॉय
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 17 जुलाई 2026 को कोलकाता में कहा कि राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के सम्मान और संरक्षण के लिए वैसा ही कानूनी प्रावधान होना चाहिए, जैसा राष्ट्रगान 'जन गण मन' के लिए मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम का किसी भी रूप में अपमान स्वीकार्य नहीं है और इसके प्रति जागरूकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
वंदे मातरम पर कानूनी संरक्षण की माँग
रॉय ने कहा कि जिस प्रकार 'जन गण मन' के अपमान को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था है, उसी प्रकार 'वंदे मातरम' की गरिमा की रक्षा के लिए भी संसद को कानून बनाना चाहिए। उन्होंने इसे केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व का विषय बताया। गौरतलब है कि वंदे मातरम को भारत के संविधान में राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है, किंतु इसके अपमान के लिए कोई पृथक दंडात्मक प्रावधान नहीं है।
अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे पर रॉय ने तंज भरे अंदाज में कहा कि इसमें कोई असाधारण बात नहीं है। उन्होंने कहा कि शाह पहले भी कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। रॉय ने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि वे आएं, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें और राज्य की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करें। उन्होंने 'गुंडा एक्ट' का भी उल्लेख किया।
कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद पर रुख
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित 136 वर्ष पुरानी मस्जिद में नमाज अदा करने पर लगाई गई रोक के मुद्दे पर रॉय ने खुलकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वे नमाज अदा करने वालों के समर्थन में हैं और जहाँ लंबे समय से धार्मिक क्रिया-कलाप होते रहे हों, वहाँ अचानक रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में नागरिकों को विरोध प्रकट करने का अधिकार है। इस विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता समीक भट्टाचार्य के बयान को रॉय ने अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका एयरपोर्ट क्षेत्र से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वे वहाँ केवल एक बार चुनाव लड़ चुके हैं।
रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे और 'ऑपरेशन लोटस' का आरोप
TMC की राज्यसभा सांसद रुक्मिणी 'कोयल' मल्लिक के इस्तीफे पर रॉय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि जो पार्टी छोड़ना चाहे, वह स्वतंत्र है। उन्होंने आशंका जताई कि यह भाजपा के कथित 'ऑपरेशन लोटस' का हिस्सा हो सकता है। रॉय ने दावा किया कि रुक्मिणी मल्लिक की केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की जानकारी सामने आई है, जिसे उन्होंने भाजपा की दलबदल रणनीति से जोड़ा।
कांग्रेस के निमंत्रण पर TMC का रुख
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार द्वारा ममता बनर्जी को अपनी रैली में आमंत्रित किए जाने के सवाल पर रॉय ने कहा कि शुभंकर सरकार केवल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं, जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राज्य में भाजपा-विरोधी गठबंधन की प्रमुख नेत्री हैं, इसलिए उनके किसी कार्यक्रम में शामिल होने का प्रश्न ही नहीं उठता। रॉय ने शुभंकर सरकार को उनकी रैली के लिए शुभकामनाएँ देते हुए बात समाप्त की। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और विभिन्न दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर अटकलें जारी हैं।