26 जून 2026
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वंदे मातरम् संग्रहालय बनेगा पश्चिम बंगाल में, बंकिम चंद्र की 189वीं जयंती पर CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

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वंदे मातरम् संग्रहालय बनेगा पश्चिम बंगाल में, बंकिम चंद्र की 189वीं जयंती पर CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर राष्ट्रीय स्तर के वंदे मातरम् संग्रहालय का ऐलान किया। बजट 2026-27 में धनराशि का प्रावधान हो चुका है — यह नई सरकार की राष्ट्रवादी सांस्कृतिक नीति का पहला बड़ा प्रतीकात्मक कदम है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 26 जून 2026 को वंदे मातरम् संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की।
घोषणा ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर कॉलेज स्ट्रीट, उत्तर कोलकाता स्थित पैतृक आवास पर हुई।
संग्रहालय के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में धनराशि का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
यह बजट वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून को विधानसभा में पेश किया था।
यह पहली बार है जब राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग ने बंकिम चंद्र जयंती का आधिकारिक आयोजन किया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 जून 2026 को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती के अवसर पर राज्य में वंदे मातरम् संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की। यह संग्रहालय राष्ट्रीय स्तर का होगा और इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में धनराशि का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।

जयंती समारोह और घोषणा

मुख्यमंत्री अधिकारी ने उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट स्थित बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के पैतृक आवास पर आयोजित जयंती समारोह में भाग लिया। उन्होंने बंकिम चंद्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और संग्रहालय की स्थापना की औपचारिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहला अवसर है जब राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती का आधिकारिक आयोजन किया गया।

बजट में प्रावधान और संग्रहालय का स्वरूप

प्रस्तावित वंदे मातरम् संग्रहालय के लिए राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा 22 जून को विधानसभा में पेश किए गए बजट में धनराशि का प्रावधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसे राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे यह देशभर के आगंतुकों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र बन सके।

सरकार की राष्ट्रवादी नीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करती थी, लेकिन अब पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी सरकार है और ऐसे राष्ट्रवादी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'ऋषि बंकिम चंद्र की स्मृतियों से जुड़े इस घर में चोरों, लुटेरों, चरित्रहीनों और ठगों की चर्चा करना उचित नहीं है। ऐसी बातों के लिए दूसरी जगहें हैं।' यह टिप्पणी पूर्व सत्तारूढ़ दल पर सीधा निशाना मानी जा रही है।

पिछले वर्ष की घटना का संदर्भ

अधिकारी ने इस अवसर पर पिछले वर्ष की एक घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह विपक्ष के नेता के रूप में बंकिम चंद्र के पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि देने जा रहे थे, तब तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने उनके रास्ते में बाधा उत्पन्न करने के लिए जानबूझकर पहुंच मार्ग की खुदाई करवा दी थी। उन्होंने कहा, 'पिछले साल इसी दिन मेरे कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की गई थी, लेकिन हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें इसका करारा जवाब दे दिया।'

आगे की राह

गौरतलब है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम्' भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की प्रेरणा का स्रोत रहा है और इसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है। प्रस्तावित संग्रहालय इस सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। संग्रहालय के निर्माण की समयसीमा और स्थान की विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नई सरकार द्वारा पूर्ववर्ती TMC शासन से वैचारिक दूरी स्थापित करने का सुविचारित संकेत है। बंकिम चंद्र के पैतृक आवास को मंच बनाकर और 'तुष्टिकरण बनाम राष्ट्रवाद' की भाषा का प्रयोग करके अधिकारी एक स्पष्ट राजनीतिक आख्यान गढ़ रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि बजट में प्रावधानित धनराशि समयबद्ध ढंग से संग्रहालय के रूप में मूर्त रूप लेती है या नहीं — क्योंकि सांस्कृतिक घोषणाएं अक्सर क्रियान्वयन की धीमी गति में खो जाती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम् संग्रहालय क्या है और यह कहाँ बनेगा?
यह पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा स्थापित किया जाने वाला राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय है, जो राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' और उसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत को समर्पित होगा। संग्रहालय के सटीक स्थान की घोषणा अभी नहीं हुई है।
इस संग्रहालय के लिए धन का प्रबंध कैसे होगा?
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा 22 जून को विधानसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में इस संग्रहालय के लिए धनराशि का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय कौन थे और उनकी जयंती क्यों महत्वपूर्ण है?
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय 19वीं सदी के प्रख्यात बंगाली साहित्यकार थे, जिन्होंने भारत के राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की रचना की। 26 जून 2026 को उनकी 189वीं जयंती मनाई गई, जिसे इस वर्ष पहली बार राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग ने आधिकारिक रूप से आयोजित किया।
CM अधिकारी ने पिछली सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब वह विपक्ष के नेता थे, तब तत्कालीन TMC सरकार ने बंकिम चंद्र के पैतृक आवास तक पहुंच मार्ग की जानबूझकर खुदाई करवाकर उनके श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बाधा डाली थी।
पश्चिम बंगाल की नई सरकार की सांस्कृतिक नीति क्या है?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, नई सरकार राष्ट्रवादी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करेगी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अब बंगाल में राष्ट्रवादी सरकार है।
राष्ट्र प्रेस
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