21 अगस्त 2026
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ओडिशा सतर्कता विभाग का एक्शन: लाठिकटा तहसीलदार से ₹5 लाख बरामद, कुजंग सीएचसी अधिकारी ₹20,000 रिश्वत में गिरफ्तार

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ओडिशा सतर्कता विभाग का एक्शन: लाठिकटा तहसीलदार से ₹5 लाख बरामद, कुजंग सीएचसी अधिकारी ₹20,000 रिश्वत में गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा सतर्कता विभाग ने एक ही दिन में दो बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शिकंजा कसा — सुंदरगढ़ के लाठिकटा तहसीलदार से ₹5 लाख संदिग्ध नकदी बरामद हुई, तो जगतसिंहपुर के कुजंग सीएचसी अधिकारी को एक आशा कर्मी से ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

मुख्य बातें

ओडिशा सतर्कता विभाग ने 20 अगस्त को एक ही दिन में दो अलग भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की।
सुंदरगढ़ जिले के लाठिकटा तहसीलदार-सह-उप-पंजीयक मुरलीधर उर्मल के पास से ₹5 लाख संदिग्ध नकदी व सरकारी वाहन जब्त।
तीन स्थानों — राउरकेला आवास, करमदिही पैतृक घर और लाठिकटा कार्यालय — पर एक साथ तलाशी।
कुजंग सीएचसी के ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक मनोज रंजन नायक को आशा कर्मी से ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
नायक ने कथित तौर पर आधार कार्ड में जन्मतिथि विसंगति का हवाला देकर समय से पूर्व सेवानिवृत्ति की धमकी दी थी।

ओडिशा सतर्कता विभाग ने 20 अगस्त 2026 को एक ही दिन में दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई करते हुए सुंदरगढ़ जिले के लाठिकटा के तहसीलदार-सह-उप-पंजीयक को संदिग्ध रूप से अर्जित ₹5 लाख नकद के साथ रोका और जगतसिंहपुर जिले के कुजंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ओडिशा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे सतर्कता अभियान का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम: तहसीलदार का वाहन रोका गया

सतर्कता विभाग को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि लाठिकटा के तहसीलदार-सह-पंजीयक मुरलीधर उर्मल विभिन्न स्रोतों से बड़ी मात्रा में नकदी एकत्र कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सतर्कता टीम ने उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।

गुरुवार को सतर्कता दल ने उर्मल को लाठिकटा के राजबासा चौक के निकट उस समय रोका जब वे अपने कार्यालय से राउरकेला स्थित आवास की ओर किराए की सरकारी स्कॉर्पियो गाड़ी में यात्रा कर रहे थे। जाँच के दौरान उनके पास से ₹5 लाख नकद बरामद हुए, जिन्हें वाहन सहित जब्त कर लिया गया।

तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी

प्रारंभिक कार्रवाई के बाद सतर्कता अधिकारियों ने एक साथ तीन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें राउरकेला स्थित उर्मल का आवासीय भवन, सुंदरगढ़ सदर पुलिस थाना क्षेत्र के करमदिही में उनका पैतृक घर और लाठिकटा तहसील कार्यालय में उनका कक्ष शामिल थे।

गौरतलब है कि उर्मल एक सरकारी वाहन का उपयोग कर रहे थे, जो स्वयं में प्रशासनिक अनियमितता की ओर संकेत करता है। पुलिस ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

कुजंग सीएचसी अधिकारी रंगे हाथों पकड़ा गया

एक अलग मामले में, सतर्कता विभाग ने जगतसिंहपुर जिले के कुजंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) मनोज रंजन नायक को गिरफ्तार किया। आरोप है कि नायक ने सीएचसी के अंतर्गत कार्यरत एक आशा स्वास्थ्यकर्मी को आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर समय से पूर्व सेवानिवृत्त कराने की धमकी देकर ₹20,000 की रिश्वत माँगी।

कथित तौर पर, उस स्वास्थ्यकर्मी के नियुक्ति-समय के स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र (17 मई 1966) के अनुसार उनकी सेवा में अभी दो वर्ष शेष थे। नायक ने कथित रूप से बाद में जारी आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि की विसंगति का हवाला देकर रिश्वत न देने पर सेवा समाप्त करने की धमकी दी।

सतर्कता दल का जाल और गिरफ्तारी

कोई अन्य विकल्प न देखकर पीड़ित स्वास्थ्यकर्मी ने सतर्कता विभाग से संपर्क किया। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सतर्कता दल ने गुरुवार को जाल बिछाया और नायक को शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। पूरी अवैध धनराशि बरामद कर जब्त कर ली गई।

इसके बाद कटक जिले के गोपालपुर (राजनगरपटना) स्थित नायक के आवास और जगतसिंहपुर जिले के कुजंग बालवाड़ी केंद्र स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एक साथ तलाशी ली गई। नायक को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में सतर्कता विभाग ने भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध अभियान तेज किया है। दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज़ों का परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य और राजस्व विभागों में इस तरह के मामले प्रणालीगत निगरानी की कमज़ोरियों को उजागर करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक कमज़ोर स्वास्थ्यकर्मी को उसकी नौकरी की धमकी देकर रिश्वत वसूली गई — यह शक्ति के घोर दुरुपयोग की मिसाल है। सतर्कता विभाग की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे अधिकारी इतने समय तक बेरोकटोक कैसे काम करते रहे। विभागीय निगरानी तंत्र को मज़बूत किए बिना ये गिरफ्तारियाँ प्रणालीगत बदलाव नहीं ला सकतीं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा सतर्कता विभाग ने लाठिकटा तहसीलदार को क्यों रोका?
सतर्कता विभाग को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि तहसीलदार मुरलीधर उर्मल विभिन्न स्रोतों से बड़ी मात्रा में नकदी एकत्र कर रहे हैं। इसी आधार पर टीम ने उन्हें लाठिकटा के राजबासा चौक के पास रोका और उनके पास से ₹5 लाख संदिग्ध नकदी बरामद की।
कुजंग सीएचसी अधिकारी मनोज रंजन नायक को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
मनोज रंजन नायक पर आरोप है कि उन्होंने एक आशा स्वास्थ्यकर्मी को आधार कार्ड में जन्मतिथि विसंगति का हवाला देकर समय से पूर्व सेवानिवृत्त कराने की धमकी दी और ₹20,000 की रिश्वत माँगी। सतर्कता दल ने जाल बिछाकर उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
आशा कर्मी की सेवानिवृत्ति को लेकर क्या विवाद था?
नियुक्ति के समय प्रस्तुत स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र (17 मई 1966) के अनुसार उस स्वास्थ्यकर्मी की सेवा में अभी दो वर्ष शेष थे। हालाँकि, नायक ने बाद में जारी आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि की कथित विसंगति का हवाला देकर रिश्वत न देने पर सेवा समाप्त करने की धमकी दी।
तलाशी अभियान में कितने स्थानों की जाँच की गई?
उर्मल के मामले में तीन स्थानों — राउरकेला आवास, करमदिही पैतृक घर और लाठिकटा तहसील कार्यालय — पर एक साथ तलाशी ली गई। नायक के मामले में कटक जिले के गोपालपुर स्थित आवास और जगतसिंहपुर के कुजंग बालवाड़ी केंद्र स्थित कार्यालय की तलाशी ली गई।
इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ जारी है। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेज़ों और नकदी की जाँच की जा रही है। दोनों मामलों में औपचारिक गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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